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बड़ी खबर: लखीमपुर हिंसा मामले में मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष को मिली HC से जमानत

बड़ी खबर: लखीमपुर हिंसा मामले में मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष को मिली HC से जमानत

Lakhimpur Kheri: SIT ने इस घटना में केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे अशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाते हुए 14 लोगों को आरोपी बनाया था. (File photo)

Lakhimpur Kheri: SIT ने इस घटना में केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे अशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाते हुए 14 लोगों को आरोपी बनाया था. (File photo)

UP News: इस घटना में चार किसानों व एक स्थानीय पत्रकार समेत आठ लोगों की हत्या हुई थी. आशीष मिश्रा व उसके साथियों पर आरोप है कि वह फायरिंग करते हुए किसानों को अपनी गाड़ी से रौंदते हुए निकल गया था. इसमें चार की मौत हो गई और कई गंभीर घायल हो गये. इसके बाद 4 अक्टूबर को तिकुनिया थाने में आशीष मिश्रा समेत कई अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. हालांकि बाद में एसआईटी की जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि यह एक हादसा नहीं बल्कि सोची समझी साजिश के तहत हत्याकांड है.

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मनोज कुमार शर्मा/लखीमपुर खीरी. यूपी के लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) जिले में 3 अक्टूबर को हुए तिकुनिया हिंसाकांड (Tikunia Violence) मामले में मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी (Ajay Mishra Teni) के बेटे आशीष मिश्रा (Ashish Mishra) को गुरुवार को जमानत मिल गई है. केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से जमानत मिली है. यह आदेश जस्टिस राजीव सिंह की एकल पीठ ने दिया. कोर्ट ने 18 जनवरी 2022 को आशीष की जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रखा था.

तिकुनियां में हुई हिंसा के दौरान किसानों की मौत के मामले में SIT ने कुछ दिन पहले CJM कोर्ट में 5 हजार पन्ने की चार्जशीट दाखिल की थी. जिसमें SIT ने इस घटना में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे अशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाते हुए 14 लोगों को आरोपी बनाया था. चार्जशीट के मुताबिक, सोची समझी साजिश के तहत धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों को जीप और SUV से कुचला गया था.

गौरतलब है कि 3 अक्टूबर को हुई इस घटना में चार किसानों व एक स्थानीय पत्रकार समेत आठ लोगों की हत्या हुई थी. आशीष मिश्रा व उसके साथियों पर आरोप है कि वह फायरिंग करते हुए किसानों को अपनी गाड़ी से रौंदते हुए निकल गया था. इसमें चार की मौत हो गई और कई गंभीर घायल हो गये. इसके बाद 4 अक्टूबर को तिकुनिया थाने में आशीष मिश्रा समेत कई अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. हालांकि बाद में एसआईटी की जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि यह एक हादसा नहीं बल्कि सोची समझी साजिश के तहत हत्याकांड है.

SIT ने बढ़ाई थी हत्‍या, हत्‍या के प्रयास जैसी धाराएं
इस मामले में पुलिस की उस वक्त किरकिरी हो गई जब एसआईटी ने पूरे प्रकरण को हत्या की साजिश बताया और गंभीर धाराएं जोड़ी थीं. पुलिस ने आशीष मिश्रा पर धारा 307 की जगह 279, 326 की जगह 338 और धारा 341 की जगह 304 A लगाया था. SIT ने कहा कि IPC की धारा 279, 338 और 304 A की जगह 307, 326, 34 और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25/30 लगायी जाए. IPC की धारा 307 जान से मारने का प्रयास, 326 – खतरनाक आयुधों (डेंजरस वेपन) या साधनों से गंभीर आघात पहुंचाना, 34 – कई व्यक्तियों के साथ मिलकर एक जैसा अपराध करना और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25/30 लाइसेंसी हथियार का गलत प्रयोग करना है.

Tags: Ajay Mishra Teni, Allahabad high court, Ashish Mishra Bail Application, Lakhimpur Kheri case, Lakhimpur Kheri Ruckus, UP news, UP police

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