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UP में बिजली चोरी पर लगेगा अंकुश, हर साल दरें बढ़ने की परंपरा होगी खत्म: श्रीकांत शर्मा

भाषा
Updated: October 15, 2019, 6:00 PM IST
UP में बिजली चोरी पर लगेगा अंकुश, हर साल दरें बढ़ने की परंपरा होगी खत्म: श्रीकांत शर्मा
उत्तर प्रदेश के बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा (फाइल फोटो)

प्रदेश में बिजली क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने के साथ हमने एकल खिड़की व्यवस्था स्थापित की है जहां निवेशकों को एक जगह सभी प्रकार की मंजूरी मिलती है.’’

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लखनऊ. देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को हर साल बिजली बिल में होने वाली बढ़ोतरी से राहत मिलेगी. राज्य सरकार इसके लिये तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान में कमी लाने के साथ संयंत्रों की दक्षता बढ़ाने और बिजली चोरी पर अंकुश लगाने की दिशा में काम कर रही है. उत्तर प्रदेश के बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा ने यह कहा. उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में जहां भी तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान (एटी एंड सी) 15 प्रतिशत से कम है, वहां 24 घंटे बिजली दी जा रही है.

शर्मा ने ‘भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘हमारा जोर सस्ती और स्वच्छ बिजली पर है. पिछली सरकारों में अनियमितता, कुप्रबंधन और नुकसान की वजह से हर साल बिजली दरों में बढ़ोतरी होती रही है.’’ उन्होंने कहा कि हम बिजली दरों को सस्ती रखने के लिये जहां एक तरफ नुकसान (एटी एंड सी) में कमी ला रहे हैं वहीं चोरी पर अंकुश लगाने के लिये कदम उठा रहे हैं.

इसके अलावा हम सस्ती बिजली के लिये पीपीए (बिजली खरीद समझौता) कर रहे हैं. सिंगरौली में हमने 2.99 रुपये प्रति यूनिट पर पीपीए किया. अब बिजली बिल में हर साल बढ़ोतरी की परंपरा समाप्त होगी.’’ उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने हाल ही में बिजली दरों में 8 से 12 प्रतिशत बढ़ोतरी की है. इसके तहत 500 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने पर घरेलू ग्राहकों को 7 रुपये यूनिट तक बिजली देनी पड़ रही है.

नुकसान के बारे में शर्मा ने कहा, ‘‘राज्य बिजली क्षेत्र के विभिन्न मदों में घाटा लगभग 72,000 करोड़ रुपये पुंहच गया है. हमारा 2032 तक इसे 10,000 करोड़ रुपये से नीचे लाने का लक्ष्य है.’’ मंत्री के अनुसार, ‘‘हालांकि सस्ती और 24 घंटे बिजली के लिये लोगों का भी सहयोग जरूरी है. जो भी बिजली खपत हो, उसका भुगतान होना चाहिए. ग्राम पंचायत, प्रधान तय करें कि जो बिजली खपत हो, उसके बिल का भुगतान हो.’’ बिजली चोरी रोके जाने के उपायों बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘स्मार्ट / प्रीपेड मीटर इसका समाधान है. अभी लगभग 7 लाख स्मार्ट प्रीपेड लगाये जा चुके हैं और 2022 तक पूरे प्रदेश में सभी ग्राहकों को इसके दायरे में लाया जाएगा.

इसके अलावा चोरी पर लगाम लगाने के लिये हमने नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों में 62 विशेष थाने खोले हैं, जो बिजली चोरी के ही मामलों से निपटेंगे.’’ एक अन्य सवाल के जवाब में शर्मा ने कहा, ‘‘अभी राज्य में व्यस्त समय में बिजली की मांग 22,000 मेगावाट है और हम इसे पूरा करने में पूरी तरह सक्षम है.’’ राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता फिलहाल करीब 10,500 मेगावाट है. सरकार ने जम्मू कश्मीर, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश के साथ बिजली समझौते भी किये हैं. साथ ही जरूरत पड़ने पर पश्चिम गलियारे से भी 1,500 से 2,000 मेगावाट बिजली ली जा रही है.

प्रदेश में बिजली क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने के साथ हमने एकल खिड़की व्यवस्था स्थापित की है जहां निवेशकों को एक जगह सभी प्रकार की मंजूरी मिलती है.’’ नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री की भी जिम्मेदारी संभाल रहे शर्मा ने कहा, ‘‘हमने 2022 तक नवीकरणीय ऊर्जा के जरिये 10,700 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता का लक्ष्य रखा है जो अभी 18 प्रतिशत (1,926 मेगावाट) है. इसके अलावा हम किसानों की आय दोगुनी करने के लिये सौर ऊर्जा चालित पंपों और किसानों की बंजर जमीन पर सौर संयंत्र लगाने को बढ़ावा दे रहे हैं.’

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First published: October 15, 2019, 6:00 PM IST
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