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मिशन यूपी 2022: दलित-मुस्लिम वोटर्स को साधने के लिए प्रियंका गांधी ने संभाली कमान!
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News18 Uttar Pradesh
Updated: February 9, 2020, 9:18 PM IST
मिशन यूपी 2022: दलित-मुस्लिम वोटर्स को साधने के लिए प्रियंका गांधी ने संभाली कमान!
प्रियंका गांधी मिशन यूपी 2022 में जोर-शोर से लगी हैं (फ़ाइल तस्वीर )

जानकार कहते हैं कि फिलहाल कांग्रेस (Congress) का मंथन दलित, मुस्लिम और ब्राह्मण वोट बैंक पर चल रहा है. पहले भी ये कांग्रेस का वोट बैंक (vote bank) हुआ करता था लेकिन मंडल और कमंडल की सक्रियता बढ़ने के बाद कांग्रेस का परंपरागत वोटर चला गया....

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लखनऊ. दिल्ली चुनाव (Delhi Election) खत्म होते ही एक बार फिर प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) मिशन यूपी (mission UP) के एजेंडे पर हैं. उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2022 में होने हैं. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मिशन 2022 की कमान खुद संभाल रखी है. प्रियंका के दौरों में दलित-मुस्लिम वोटर्स को साधने का असर साफ़ दिखता है. एजेंडे को सफल बनाया जा सके, इसके लिए कांग्रेस ने मुस्लिम और दलित एजेंडे पर काम करना शुरू कर दिया है.

समतामूलक समाज के वाहक हैं संत रविदास
कहा जा रहा है कि इसी सिलसिले में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी रविवार को वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर पहुंचेंगी. सीएए पर मुखर रही कांग्रेस अब समतामूलक समाज बनाने की बात कर रही है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने इस मुद्दे पर बातचीत में कहा कि 'रविदास जयंती के मौके पर वो सीर गोवर्धनपुर में माथा टेककर आशीर्वाद लेंगी. दलित वोट बैंक को रिझाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि 'प्रियंका गांधी की बहुत दिनों से इच्छा थी कि वे संत शिरोमणि गुरु रविदास की जन्मस्थली सीर गांव में उनकी जयंती पर श्रद्धालुओं के साथ माथा टेकें.

उन्होंने कहा कि संत रविदास ने सामाजिक बराबरी, बंधुत्व,भाईचारे और श्रम की महत्ता का संदेश पूरी दुनिया को दिया है. उन्होंने कहा कि भारत की बहुत पुरानी परंपरा रही है जो मनुष्य को मनुष्य कोटि से देखती है और धर्म और जाति के चश्मे से नहीं. गुरु रविदास इस पंरपरा के वाहक रहे हैं इसीलिए उनकी वाणी और विचार अनुकरणीय है ताकि समतामूलक समाज बना सकें. उन्होंने कहा कि पिछली बार भी प्रियंका गांधी बनारस गयी थीं तो संतरविदास मंदिर गई थीं और मत्था टेकी थीं'.

छिटके हुए वोट बैंक की वापसी के प्रयास
फिलहाल कांग्रेस का मंथन दलित, मुस्लिम और ब्राह्मण वोट बैंक पर चल रहा है. पहले भी ये कांग्रेस का वोट बैंक हुआ करता था लेकिन मंडल और कमंडल की सक्रियता बढ़ने के बाद कांग्रेस का परंपरागत वोटर चला गया. मुस्लिम समाजवादी पार्टी की तरफ गया वहीं दलित बहुजन समाज पार्टी के साथ और ब्राह्मण वोट बैंक राजनीति को बैलेंस करता रहा. मोदी इम्पैक्ट ने राजनीतिक-सामाजिक समीकरण को ध्वस्त कर दिया. केंद्र और राज्य में दो तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाई. सूत्रों के मुताबिक़ अब कांग्रेस की टीम इसी पर काम कर रही है कि कैसे उनके परंपरागत वोटर वापस आएं.

यही कारण है कि मुस्लिम वोटों के समीकरण को ठीक करने के लिए कांग्रेस अब समाजवादी पार्टी पर भी हमलावर नजर आ रही है. जिसका ताजा उदाहरण अखिलेश यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में अखिलेश को लेकर छिड़ा पोस्टर वार है. वहीं प्रियंका पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में प्रियंका का इस बार का दौरा दलित एजेंडे को पूरा करने पर समर्पित रहेगा. इस दौरान सियासी हलकों में चर्चा रही कि मुस्लिम-दलित एजेंडे के तहत ही प्रियंका पिछले लखनऊ दौरे में एसआर दारापुरी के आवास पर उनकी पत्नी से मिलने गई थीं और इस प्रकार उन्होंने CAA-NRC प्रोटेस्टर्स के साथ-साथ अपना एजेंडा भी साध लिया था.ये भी पढ़ें- अखिलेश यादव के लापता होने के पोस्टर के बाद Congress पर सपा का पलटवार

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First published: February 8, 2020, 7:48 PM IST
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