बाढ़ की चपेट में UP के 16 जिलों के 1000 से अधिक गांव, सरकार बोली- चिंता की कोई बात नहीं
Lucknow News in Hindi

बाढ़ की चपेट में UP के 16 जिलों के 1000 से अधिक गांव, सरकार बोली- चिंता की कोई बात नहीं
सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ की 15 टीमें तैनात की हैं.

बाढ़ ( Flood) ने उत्‍तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के 16 जिलों के एक हजार से ज्यादा गांवों की हालत खराब कर दी है. जबकि सरकार ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 23, 2020, 10:39 PM IST
  • Share this:
लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के 16 जिलों के एक हजार से ज्यादा गांव बाढ़ ( Flood)से प्रभावित हैं, लेकिन योगी सरकार (Yogi Government)का कहना है कि सैलाब की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और कहीं भी चिंताजनक हालात नहीं हैं. यूपी के राहत आयुक्त संजय गोयल के मुताबिक, अयोध्या, आजमगढ़ और फर्रूखाबाद समेत 16 जिले बाढ़ की चपेट में हैं. जबकि शारदा नदी और सरयू नदी समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

उत्‍तर प्रदेश के इन जिलों पर आफत
यूपी के राहत आयुक्त संजय गोयल ने रविवार को बताया कि इस समय प्रदेश के 16 जिलों अम्बेडकरनगर, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, देवरिया, फर्रूखाबाद, गोण्डा, गोरखपुर, कुशीनगर, लखीमपुरखीरी, मऊ, संतकबीरनगर और सीतापुर के 1090 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी नदियों के तटबंध सुरक्षित हैं. बाढ़ के हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और कहीं भी किसी प्रकार की चिंताजनक परिस्थिति नहीं है.

ये नदियों खतरे के निशान के पार
प्रदेश के राहत आयुक्‍त गोयल ने बताया कि शारदा नदी पलिया कलां (लखीमपुरखीरी) में, राप्ती नदी श्रावस्ती में, सरयू नदी एल्गिनब्रिज (बाराबंकी), अयोध्या तथा तुर्तीपार (बलिया) में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. साथ ही बताया कि बाढ़ की आपदा से निपटने के लिए प्रदेश में 370 शरणालय तथा 784 बाढ़ चौकियां स्थापित की गयी हैं. जबकि बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत और बचाव के लिये एनडीआरएफ की 15 टीमें तथा एसडीआरएफ और पीएसी की सात टीमें तैनाती की गयी हैं. वहीं, प्रभावित क्षेत्रों में 1033 नौकाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है.



सीएम योगी ने दिए ये निर्देश
गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि प्रदूषित जलजनित तथा मक्खी, मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिये जरूरी कार्रवाई की जाए. इस बीच, जालौन से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक माताटीला राजघाट बांध से पानी छोड़े जाने के कारण जिले की सीमा में बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है. एक दिन में जलस्तर पांच मीटर बढ़ने से जिला प्रशासन सतर्क हो गया है और सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं. दूसरी ओर यमुना नदी का जलस्तर कालपी में भी बढ़ना शुरू हो गया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज