लोकभवन के सामने मां-बेटी के आत्मदाह मामले में अखिलेश यादव बोले-भाजपा सरकार में गरीबों की कोई सुनवाई नहीं

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने लोकभवन इसलिए बनवाया था कि वहां बिना भेदभाव आम जनता अपनी शिकायतों के निवारण के लिए जा सकेकहा (फाइल फोटो)

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने लोकभवन इसलिए बनवाया था कि वहां बिना भेदभाव आम जनता अपनी शिकायतों के निवारण के लिए जा सकेकहा (फाइल फोटो)

मां-बेटी अमेठी के जामो थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं. इनका नाम आसमा और गुड़िया बताया जा रहा है. बेटी का आरोप है कि गांव में कुछ दबंगों ने नाली विवाद में उसकी मां पर हमला कर दिया था. विरोध करने पर उसकी भी पिटाई कर दी थी.

  • Share this:

लखनऊ. लोकभवन के सामने अमेठी से आई मां-बेटी के आत्मदाह मामले में उत्तर प्रदेश की सियासत गर्मा गई है. पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने प्रदेश की वर्तमान योगी सरकार (Yogi Government) को इस मसले पर कटघरे में खड़ा किया है. उनका कहना है कि भाजपा सरकार (BJP Government) में गरीबों की कोई सुनवाई नहीं है. सपा कार्यकाल में बनवाए गए लोकभवन को लेकर उन्होंने कहा कि सपा ने लोकभवन इसलिए बनवाया था कि जहां बिना भेदभाव आम जनता अपनी शिकायतों के निवारण के लिए जा सके.


बता दें कि आज शाम राजधानी लखनऊ (Lucknow) में लोकभवन के सामने आज उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अमेठी की रहने वाली एक मां-बेटी ने आत्मदाह का प्रयास किया. जिसमें मां साफिया 80 प्रतिशत से अधिक जल गई है जबकि बेटी गुड़िया लगभग 20 फीसदी जल गई है. मां-बेटी को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. दोनों अमेठी के जामो नगर की रहने वाली हैं.

नाली के विवाद में हुआ था झगड़ा
रिपोर्ट के मुताबिक अमेठी के जामो थानाक्षेत्र के कस्बे की रहने वाली है मां-बेटी गुड़िया और उसकी बेटी आसमा न्याय की गुहार लगाने के लिए लखनऊ पहुंची. दरअसल 9 मई को गुड़िया का अपने पड़ोसी अर्जुन साहू से नाली का विवाद हुआ था और गुड़िया की तहरीर पर जामो थाने में अर्जुन साहू समेत चार लोगों के खिलाफ धारा 323, 354 में मुकदमा दर्ज किया था तो वहीं विपक्षी अर्जुन साहू की तहरीर पर गुड़िया पर भी धारा 323, 452, 308 में मुकदमा दर्जकर मामले की जांच हो रही थी.

पुलिस ने क्रॉस FIR लिखी

अपने बचाव में अमेठी पुलिस जांच की बात कह रही है बताया जा रहा है कि दो दिन पूर्व गौरीगंज क्षेत्राधिकारी अर्पित कपूर ने मां-बेटी का बयान दर्ज कराने की बात कही जबकि बताया जा रहा कि अमेठी के डीएम और एसपी से पीड़ित महिला की कोई मुलाक़ात नहीं हुई है. मां-बेटी अमेठी के जामो थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं. इनका नाम आसमा और गुड़िया बताया जा रहा है. बेटी का आरोप है कि गांव में कुछ दबंगों ने नाली विवाद में उसकी मां पर हमला कर दिया था. विरोध करने पर उसकी भी पिटाई कर दी थी. गुड़िया जब जामो थाना पहुंची तो पुलिस ने क्रॉस FIR लिखी. पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने उनकी गुहार नहीं सुनी इसलिए न्याय की आस में मां-बेटी शुक्रवार को राजधानी पहुंची और लोक भवन के सामने दोनों ने खुद को आग लगा ली. इस मामले पर अमेठी डीएम अरुण कुमार और पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने कहा कि नाली को लेकर दो पक्षों में विवाद की जानकारी मिली थी. 9 मई को जामो थाने में दोनों तरफ से मुकदमा लिखा गया था. उनका कहना है कि पीड़ित महिला ने एक बार भी उनसे संपर्क नहीं किया था. जामो थाने में विवेचना अधिकारी द्वारा विवेचना चल रही थी. उन्होंने कहा मामले की निष्पक्ष जांच करायी जाएगी. (इनपुट-पप्पू पांडेय)

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज