21 सितम्बर को लोहिया ट्रस्ट की बैठक में मुलायम खोल सकते हैं अपना पत्ता!

21 सितम्बर को समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने लोहिया ट्रस्ट की बैठक बुलाई है. इस बैठक पर सभी की निगाहें टिकीं हैं. कहा जा रहा है कि मुलायम गुरुवार को अपने आगे की रणनीति का खुलासा करते हुए पिछले एक साल से चले आ रहे समाजवादी महाभारत का पटाक्षेप कर सकते हैं.

News18Hindi
Updated: September 20, 2017, 12:03 PM IST
21 सितम्बर को लोहिया ट्रस्ट की बैठक में मुलायम खोल सकते हैं अपना पत्ता!
फाइल फोटो
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Updated: September 20, 2017, 12:03 PM IST
21 सितम्बर को समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने लोहिया ट्रस्ट की बैठक बुलाई है. इस बैठक पर सभी की निगाहें टिकीं हैं. कहा जा रहा है कि मुलायम गुरुवार को अपने आगे की रणनीति का खुलासा करते हुए पिछले एक साल से चले आ रहे समाजवादी महाभारत का पटाक्षेप कर सकते हैं.

बता दें मुलायम के अलावा शिवपाल सिंह यादव, अखिलेश यादव और रामगोपाल भी लोहिया ट्रस्ट के सदस्य हैं. इसी साल अगस्त में मुलायम ने लोहिया ट्रस्ट की बैठक ली थी, अखिलेश उस बैठक में शामिल नहीं हुए थे. उस बैठक में मुलायम ने अखिलेश के चार करीबियों को बाहर का रास्ता दिखाया था. अब यहां एक बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या अब मुलायम अखिलेश और रामगोपाल के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाएंगे?

मुलायम के एक करीबी एमएलसी ने बताया कि 21 सितम्बर वह दिन होगा जब मुलायम सिंह नई जंग की शुरुआत कर सकते हैं. 21 सितम्बर के बाद मुलायम के लोग सपा मुख्यालय से 200 मीटर की दूरी पर स्थित लोहिया ट्रस्ट में बैठने लगेंगे.

एमएलसी का कहना था कि नवरात्री में मुलायम की आगे की रणनीति एकदम साफ हो जाएगी. इतना ही नहीं आने वाले कुछ दिनों में मुलायम सिंह एक प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से अपने अगले कदम की घोषणा भी कर सकते हैं.

गौरतलब है कि 1 जनवरी 2017 को अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह यादव को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाते हुए खुद गद्दी पर बैठ गए थे. उस समय पार्टी के नेता यह नहीं समझ पा रहे थे कि अखिलेश ने सत्ता हथिया ली है यह मुलायम सिंह का ही प्लान था.

उसके बाद से सपाई महाभारत में बहुत कुछ देखने को मिला अखिलेश और मुलायम गुट पार्टी पर एकाधिकार को लेकर चुनाव आयोग भी पहुंचे. लेकिन अंत में पार्टी अखिलेश के हाथों में गई.

इस तल्खी के बीच शिवपाल यादव ने कई बार मुलयम सिंह यादव के नेतृत्व में नई पार्टी बनाने की बात भी कही. लेकिन इस दौरान मुलायम ने अखिलेश पर निशाना तो साधा लेकिन कई बार पुत्र का मौन समर्थन भी देखने को मिला.
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अब पांच अक्टूबर को पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन है. कुछ का कहना है कि इस बार मुलायम कोई एक्शन ले सकते हैं. लेकिन अखिलेश साफ कह चुके हैं कि वे पार्टी की कमान अब किसी को नहीं देंगे.

इतना ही नहीं 25 सितम्बर को होने वाली प्रदेश अधिवेशन की होर्डिंग में भी मुलायम शिवपाल को जगह नहीं दी गई है. इस होर्डिंग में डिंपल यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा और महा सचिव रामगोपाल यादव के साथ आजम खान की फोटो भी है.

हालांकि अब गुरुवार को होने वाली बैठक से पहले मुलायम खेमे में हलचल देखने को मिल रही है, लेकिन मुलायम का अगला दांव क्या होगा इसके बारे में कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती. क्या मुलायम अलग पार्टी बनाएंगे? या फिर भाई शिवपाल के लिए अखिलेश से कुछ रियायत दिलवाकर समझौता करते हैं. इसका फैसला आने वाले दिनों में हो सकता है.
First published: September 20, 2017, 12:03 PM IST
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