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बड़ी खबर: शायर मुनव्वर राणा बोले- आज का देश 'भगवान राम' का हिंदुस्तान नहीं

 देश आज 'भगवान राम' का हिंदुस्तान नहीं है (file photo)

देश आज 'भगवान राम' का हिंदुस्तान नहीं है (file photo)

मशहूर शायर मुनव्वर राणा (Munawwar Rana) ने कहा कि'मेरी चलती तो एक तरफ मंदिर बनता और दूसरी तरफ यूनिवर्सिटी. साथ ही उन्‍होंने कहा कि आस्था के फैसले अदालत में नहीं होते.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 10, 2020, 2:50 PM IST
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लखनऊ. मशहूर शायर मुनव्वर राणा (Munawwar Rana) ने सोमवार को न्यूज18 से बातचीत में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि आज का हिंदुस्तान 'भगवान राम' का हिंदुस्तान नहीं है, क्‍योंकि न्यायालय आस्था के सवाल पर इंसाफ नहीं दे सकता, फैसला दे सकता है. उन्होंने कहा कि मुझसे हिंदू भी नाराज रहते हैं और मुसलमान भी नाराज रहते हैं, लेकिन हम जिम्मेदारी से बात करते हैं. मैं ऐसा कोई बात नहीं करना चाहता जिसपर मुझे शर्मिंदगी महसूस हो और माफी मांगना पड़े.

मुनव्वर राणा कहते हैं कि अयोध्या मुद्दे पर अदालत में जाने का मैं हमेशा मुखालफत करता रहा. आस्था के फैसले अदालत में नहीं होते. अदालत कैसे बताएगा कि भगवान राम कहां पैदा हुए. यह फैसला म्युचुअली बैठकर हो सकता है. कोशिश की गई लेकिन दबाव नहीं बनाया गया. अदालत को दोनों पार्टियों को बाबरी मस्जिद एक्शन कमिटी और हिंदू पक्षकार को सबको शक्ति के साथ 6 महीने के अंदर तय कीजिए या हिंदुस्तान छोड़कर जाइए. हिंदुस्तान को खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी. मशहूर शायर मुनव्वर राणा ने कहा कि 'मेरी चलती तो एक तरफ मंदिर बनता दूसरी तरफ यूनिवर्सिटी बनाई जाती. अदालत में जो फैसले होते हैं ना इंसाफ नहीं होता यहां जरूरत इंसाफ की थी.'

रंजन गोगोई बन गए राज्यसभा के सदस्य
अगर हिंदुस्तान के मुसलमान नहीं मानते तो अपने ईमान के साथ धोखा कर रहे होते हैं. मैं अपने हार पर नदीम हूं, इसलिए अपने घर की हिफाजत खुदा भी करता है. राणा ने आरोप लगाते हुए कहा कि सबसे खराब जो बात हुई इसमें रंजन गोगोई साहब ने वहां से निकलकर फॉरेन दूसरे ही दिन राज्यसभा के मेंबर बन गए. यह बहुत घटिया बात थी. उनकी इस हरकत से मेजरमेंट कराया जाएगा तो सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की भूमि 6 इंच कम से कम नीचे गैरत के मारे थक गई होगी.
बाबर के नाम पर नहीं बनेगी मस्जिद या अस्पताल


इससे पहले अफवाहों पर विराम लगाते हुए सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने कहा कि इस 5 एकड़ जमीन पर वक़्फ़ बोर्ड बाबर के नाम पर कोई भी मस्जिद और कोई भी हॉस्पिटल नहीं बनाएगा. आपको बता दें कि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड इस ट्रस्ट में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. निर्माण संबंधी तमाम जिम्मेदारियां इसी ट्रस्ट के जिम्मे होंगी. ट्रस्ट में अधिकतम 15 सदस्यों को रखा जाना है, जिनमें से महज 9 सदस्यों के नामों का ही अभी तक ऐलान हुआ है.

अतहर हुसैन ने बताया कि सबसे पहले संपूर्ण ट्रस्ट के नामों का ऐलान किया जाएगा. उसके बाद ट्रस्ट रौनाही में निर्माण संबंधी तमाम बारीकियों को देखेगा. अतहर हुसैन ने यह भी बताया कि अयोध्या में बनने वाली मस्जिद में इंडो इस्लामिक कल्चरल सेंटर, लाइब्रेरी और तमाम दूसरी चीजों की सुविधाएं होंगी, ताकि इससे देशभर के लोगों को भरपूर फायदा मिले.
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