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कमलेश तिवारी हत्याकांड: आरोपी मोइन और अशफाक गिरफ्तार, पाकिस्तान भागने की फिराक में थे

News18Hindi
Updated: October 23, 2019, 4:33 AM IST
कमलेश तिवारी हत्याकांड: आरोपी मोइन और अशफाक गिरफ्तार, पाकिस्तान भागने की फिराक में थे
यूपी ATS ने दोनों आरोपियों की तस्वीर सोमवार को जारी की थी. (File Photo)

कमलेश तिवारी (Kamlesh Tiwari) के हत्यारोपी गुजरात-राजस्थान बॉर्डर (Gujarat-Rajasthan Border) से पाकिस्तान (Pakistan) भागने की कोशिश में थे. गुजरात एटीएस ने ऐसा बताया है.

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  • Last Updated: October 23, 2019, 4:33 AM IST
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नई दिल्ली. हिंदू समाज पार्टी (Hindu Samaj Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या (Kamlesh Tiwari Murder) के मामले में मंगलवार को गुजरात एटीएस (Gujarat ATS) की टीम ने फरार दो आरोपियों को गुजरात-राजस्थान बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी कमलेश पर गोली चलाने और चाकू मारने वाले बताए जा रहे हैं. डीआईजी (एटीएस) हिमांशु शुक्ला का कहना है कि इन दोनों ने ही कमलेश पर हमला किया था. आरोपियों के नाम अशफाक और मोइनुद्दीन हैं. इनकी गिरफ्तारी गुजरात-राजस्थान बॉर्डर से हुई है. एटीएस का कहना है कि ये दोनों पाकिस्तान भागने की कोशिश में थे.

गुजरात-राजस्थान बॉर्डर के पास शामलाजी से हुई गिरफ्तारी
एटीएस के मुताबिक, दोनों आरोपियों की लगातार खबर मिल रही थी. लेकिन दोनों आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे. कई बार तो ऐसा हुआ कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी होटल या धर्मशाला को छोड़ देते थे. लेकिन मुखबिरों के जरिए आरोपियों की लोकेशन लगातार मिल रही थी.

कमलेश तिवारी हत्या मामलें में आरोपियों को शामलाजी से गुजरात एटीएस ने पकड़ा उस वक्त की तस्वीर (Photo- News18)


गुजरात एटीएस ने ऐसे किया खुलासा
एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ला ने बताया कि जांच के दौरान ये पता चला है कि नागपुर से गिरफ्तार सैयद असीम अली पिछले डेढ़ साल से सूरत से गिरफ्तार आरोपियों रशीद, मोहसिन और फैज़ान के संपर्क में था. खास बात ये की इस डेढ़ साल के दौरान इन आरोपियों ने एक-दूसरे से बात करने के लिए कभी भी अपने फ़ोन का इस्तेमाल नही किया था.

ये लोग हमेशा किसी दूसरे का फ़ोन मांगकर उसमें नया सिम डालकर बात करते थे. कभी-कभी तो सड़क चलते किसी का फ़ोन मांगकर उसमें नया सिम डालकर एक-दूसरे से बातचीत कर लेते थे. बातचीत खत्म होने के बात सिम को तोड़कर फेंक देते थे. आरोपियों के बीच हमेशा दो नए सिम से बातचीत होती थी. पुलिस को शक है कि इस तरह से आरोपियों ने सैकड़ों सिम कार्ड का इस्तेमाल बातचीत के लिए किया और फिर उन्हें तोड़कर फेंक दिया.
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इन्हीं दो आरोपियों को गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार किया है.


यूपी ATS ने जारी की थीं दोनों आरोपियों की तस्वीर
कमलेश तिवारी हत्याकांड में शामिल दोनों मुख्य आरोपी शेख अशफाक हुसैन और पठान मोइनुद्दीन अहमद उर्फ फरीद की तस्वीर यूपी पुलिस ने सोमवार शाम को जारी की थीं. यूपी पुलिस के डीजीपी ओपी सिंह (DGP OP Singh) ने कहा था कि हत्याकांड के दोनों आरोपियों अशफाक और मोइनुद्दीन पठान को पकड़ने वाले को ढाई-ढाई लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा.

पहले नेपाल बॉर्डर जाने की कोशिश में थे आरोपी
पुलिस सूत्रों की मानें तो शुक्रवार की शाम हत्या वाले दिन से ही कमलेश तिवारी की हत्या के मुख्य आरोपी देश छोड़ने की कोशिश में थे. इससे पहले उन्होंने नेपाल बॉर्डर जाने की कोशिश भी की थी. लेकिन पुलिस की सख्ती और चौकसी के चलते आरोपियों के इस प्लान पर पानी फिर गया. इसके बाद इनकी लोकेशन नेपाल जाने के रास्ते में पड़ने वाले शहर शाहजहांपुर में भी ट्रेस की गई थी. जहांं एक टैक्सी ड्राइवर गवाह बना था.

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First published: October 22, 2019, 9:46 PM IST
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