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तो अब मुसलमानों को बीजेपी का खौफ दिखाकर नहीं ले सकते वोट!

बसपा सुप्रीमो मायावती की फाइल फोटो

बसपा सुप्रीमो मायावती की फाइल फोटो

अब्दुल नसीर का आरोप है कि मायवती चार बार सूबे की मुख्यमंत्री बनी, लेकिन उन्होंने माइनॉरिटी और मुसलमानों से किया एक भी वादा पूरा नहीं किया. अब मुसलमान भरोसा करे तो कैसे करे.

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लोकसभा चुनाव बाद सपा-बसपा गठबंधन टूटने से एक बार यूपी की सियासत में मुस्लिम वोटों को लेकर खींचतान बढ़ गई है. मायावती अखिलेश को कठघरे में खड़ा कर खुद को मुसलामानों का रहनुमा बता रही हैं. कहा जा रहा है कि एक बार फिर यूपी की सियासत के केंद्र में मुस्लिम वोटर ही है. लिहाजा मायावती बीजेपी से मोर्चा लेने के लिए दलित और मुस्लिम समीकरण को धार देने में जुट गई हैं. लोकसभा चुनाव की समीक्षा के बाद से जो संकेत मिल रहे हैं उससे यही लग रहा है कि मायावती 2007 के सोशल इंजीनियरिंग के सहारे ही 2022 के चुनावी समर में उतरने की कोशिश है. उसके केंद्र में दलित और मुसलमान ही है.

हालांकि मायावती की इस रणनीति से अब्दुल नसीर इत्तेफाक नहीं रखते. अब्दुल नासिर आंबेडकर महासभा के संस्थापक सदस्य हैं और वो शख्स हैं जो कभी कांशीराम और मायावती के साथ काम कर चुके हैं. बसपा की सहयोगी संस्था बीएस-4 के सदस्य भी रह चुके हैं. अब्दुल नसीर का आरोप है कि मायवती चार बार सूबे की मुख्यमंत्री बनी, लेकिन उन्होंने माइनॉरिटी और मुसलमानों से किया एक भी वादा पूरा नहीं किया. अब मुसलमान भरोसा करे तो कैसे करे.

मायावती ने नहीं किया एक भी वादा पूरा

उन्होंने कहा कि जब पहली बार मायावती मुख्यमंत्री बनी थीं तो कांशीराम ने कहा था कि उन्हें गुरुमुखी, उर्दू और इंग्लिश आती है. उन्होंने मायावती से कहा था कि उर्दू को प्रमोट करेंगी. प्रदेश के सभी स्कूलों में एक उर्दू टीचर होगा, क्योंकि यूपी की दूसरी भाषा उर्दू ही है. लेकिन लखनऊ के बेगम हजरत महल पार्क में उर्दू को हटाकर उन्होंने हिंदी का प्रयोग किया. इसके अलावा जब वे बीजेपी के साथ मिलकर मुख्यमंत्री बनीं तो कांशीराम ने कहा था कि बैकवर्ड मुसलमानों को अलग से आरक्षण दिया जाएगा. लेकिन चार बार मुख्यमंत्री रहते हुए भी उन्होंने दोनों में से एक वादा भी पूरा नहीं किया.

मायावती करें घोषणा मुस्लिम होगा उपमुख्यमंत्री

मायावती दलित-मुस्लिम गठजोड़ की रणनीति पर नसीर कहते हैं कि अगर वे मुस्लिमों की हिमायती हैं तो यह घोषणा कर दें कि एक दलित मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री मुस्लिम होगा. यह लिखित में दे दें कि मुसलमानों को 8.44 प्रतिशत आरक्षण देंगी, जैसा कि बिहार और साउथ के कुछ राज्यों में है. अब मुसलमान विश्वास करे तो कैसे करे.

गौरक्षा के नाम पर बीजेपी हिंसा रोके तो मुसलमान साथ आने को तैयार

नसीर आगे कहते हैं कि अब मुसलमान सिर्फ बीजेपी के खौफ से किसी को वोट नहीं देगा. वे कहते हैं कि मुसलमान भी जागरूक हो रहा है. मुस्लिमों में एक पढ़ा लिखा वर्ग है जो यह समझ चुका है. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की और कहा कि पीएम आवास योजना, उज्जवला योजना और सौभाग्य योजना के तहत मुसलमानों को घर, बिजली और गैस कनेक्शन मिले हैं. अगर बीजेपी मुसलमानों को यह विश्वास दिलाये की गौरक्षा के नाम पर हिंसा नहीं होगी तो वह बीजेपी के साथ भी जाने को तैयार हो जाएगा.

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UP Election: अमित शाह के 2017 की रणनीति पर बीजेपी, इस फार्मूले के जरिए मिशन 2022 फतेह की तैयारी

UP: बीजेपी ने रखा सामाजिक समीकरण का खासा ध्यान

UP Cabinet Expansion: ओबीसी के कुर्मी वोट बैंक में आधार रखने वाले अपना दल के के साथ बीजेपी का गठबंधन पहले से है और अब पार्टी के निशाने पर करीब दर्जन भर छोटी पार्टियां हैं. पार्टी ने जिस तरह ओबीसी-दलित पर जोर दिया, उससे सवर्णों में नाराजगी न हो इसलिए ब्राह्मणों पर भी चारा डाला जा रहा है.

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लखनऊ. योगी मंत्रिमंडल विस्तार (Yogi Cabinet Expansion) और चार विधान परिषद सदस्यों के नामों और जातियों के सामने आने के बाद ये साफ हो गया है कि बीजेपी (BJP) अमित शाह के 2017 की रणनीति की राह पर है. केंद्र का विस्तार हुआ या यूपी सरकार का फार्मूला पुराना है. उसी फार्मूले के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी किसान फसल बीमा योजना की शुरुआत बरेली से की गई तो उज्ज्वला योजना की लॉचिंन्ग के लिए पूर्वांचल के बलिया जिले को चुना गया. राष्ट्रीय कार्यकारिणी के लिए भी इलाहाबाद का चयन किया गया था जो बीजेपी की राजनीति के लिहाज से अत्यंत ही पिछड़ा क्षेत्र था. एक बार फिर बीजेपी की रणनीति अगले तीन महीने के भीतर यूपी में भगवा माहौल बनाने की है.

बीजेपी को पता है कि माहौल बनाना और जमीनी स्तर पर उसे वोटों में तब्दील करा पाना आसान नहीं होता है. इसीलिए पार्टी ने खुद को मुकाबले में आगे रखने और चुनाव के बाद के समीकरण को देखते हुए कारगर रणनीति पर काम तेज कर दिया है. बीजेपी उत्तर प्रदेश को छह जोन के लिए अलग- अलग चुनाव और संगठन प्रभारी की देखरेख में चुनावी रणनीति पर काम कर रही है. बीजेपी की रणनीति त्रिस्तरीय है. एक तरफ पार्टी पूरी तरह से जाति समीकरण को साध रही है तो पश्चिमी यूपी में ध्रुवीकरण की राजनीति भी चल रही है. तो तीसरे तरफ विकास का मुद्दा साथ साथ चल रहा है. बीजेपी जनता की उस नब्ज को थाह रही है और मैसेज देने की कोशिश है कि सपा के कार्यकाल मे केवल मुसलमानों और यादवों की सुनवाई होती थी. बसपा से एक समान दूरी रखी जा रही है, वहीं कांग्रेस को निशाना तो बनाया जा रहा है लेकिन टारगेट पर सपा है.

गठबंधन का बड़ा गुलदस्ता
बीजेपी ने सामाजिक समीकरण और गठबंधन का बड़ा गुलदस्ता बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है. निषाद पार्टी और अपनादल से गठबंधन इसका नमूना है. सोशल इंजीनियरिंग का गुलदस्ता खुद शाह ने तैयार किया है. पिछले चुनाव में लगभग 20 फीसदी मुसलमानों को छोड़कर को छोड़कर सवर्ण, पिछड़ा और दलितों के 80 फीसदी वोट को टारगेट किया था लेकिन इस बार बीजेपी ने सामाजिक समीकरण में भी माइक्रोमैनेजमेंट किया है. पार्टी 20 फीसदी मुस्लिम वोट के अलावा करीब 10 फीसदी यादव और 10-11 फीसदी जाटव वोटों को छोड़कर दलित-पिछड़ों के बाकी वोटों को अपने पक्ष में एकजुट करने में जुट गई है.

BJP की कास्ट पॉलिटिक्स!
ओबीसी के कुर्मी वोट बैंक में आधार रखने वाले अपना दल के के साथ बीजेपी का गठबंधन पहले से है और अब पार्टी के निशाने पर करीब दर्जन भर छोटी पार्टियां हैं. पार्टी ने जिस तरह ओबीसी-दलित पर जोर दिया, उससे सवर्णों में नाराजगी न हो इसलिए ब्राह्मणों पर भी चारा डाला जा रहा है. जितिन प्रसाद उदाहरण हैं. बीजेपी ने अपने सभी छह जोन में क्षेत्रीय अध्यक्षों की नियुक्ति से लेकर निचले स्तर तक की टीम में सामाजिक समीकरण का खासा ध्यान रखा गया है. इसी रणनीति के तहत बूथ स्थतर फॉर्मूले में भी जाति समीकरण को ध्यान रखा गया है और आने वाले समय में जातिगत सम्मेलनों का सिलसिला तेज किया जाएगा.

Lucknow: फर्जी Corona रिपोर्ट लेकर जेल में बंद PFI सदस्यों से मिलने पहुंची महिलाएं, पूछताछ जारी

गोसाईंगंज पुलिस के सुपुर्द की गई महिलाएं (File photo)

Lucknow Jail: जेलर अजय राय ने तीनों महिलाओं को गोसाईंगंज पुलिस के सुपुर्द कर कर कार्रवाई के लिए तहरीर दी है. पुलिस महिलाओं की आईडी और कोरोना रिपोर्ट लेकर पूछताछ कर रही है.

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लखनऊ. राजधानी लखनऊ (Lucknow) के जिला जेल में बंद पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के सदस्यों से मिलने पहुंची चार महिला को पुलिस ने धरदबोचा. महिलाओं पर आरोप है कि वो जेल में बंद पीएफआई के सदस्य अंसदबदरुद्दीन और फिरोज से रविवार को कोरोना की फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट लेकर मिलने पहुंची. जांच के दौरान जेल प्रशासन ने महिलाओं को पकड़ लिया. जेलर अजय राय ने तीनों महिलाओं को गोसाईंगंज पुलिस के सुपुर्द कर कर कार्रवाई के लिए तहरीर दी है. पुलिस महिलाओं की आईडी और कोरोना रिपोर्ट लेकर पूछताछ कर रही है.

बता दें कि एटीएस ने कश्मीर निवासी दोनों बन्दियों को फरवरी में राजधानी से विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया था. देशद्रोह और विस्फोटक अधिनियम के आरोप में जेल भेजा गया था. पुलिस कमिश्नर ने 23 सितंबर को दोनों बन्दियों को कोर्ट में भौतिक रूप से पेश कराए जाने पर सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था प्रभावित होने के साथ अप्रिय घटना की आशंका जतायी थी.

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इसके चलते दोनों बंदी कोर्ट नहीं जा रहे थे. रविवार को चार महिलाएं इनसे मिलने जेल पहुंचीं. जेलकर्मियों को कोरोना रिपोर्ट संदिग्ध लगने पर जेल वरिष्ठ अधीक्षक आशीष तिवारी को इसकी जानकारी दी. उन्होंने संबंधित लैब से बात कर रिपोर्ट की पड़ताल करायी तो रिपोर्ट फर्जी निकली. जेल प्रशासन ने महिलाओं को पुलिस के सुपर्द कर दिया. महिलाएं बंदियों के परिवार की सदस्य बतायी जा रही हैं.

भाजपा जाते-जाते गन्ना किसानों के बकाये का ब्याज न सही, मूल ही चुका दे: अखिलेश यादव

लखनऊ में अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर किया तीखा हमला  (File photo)

UP Politics: सीएम योगी ने कहा कि बसपा सरकार में 21 चीनी मिलें बंद हुईं थीं. पिछले साढ़े 4 सालों के अंदर हमने किसानों से अन्न की रिकॉर्ड खरीद की है. जो काम यूपी सरकार में हुए हैं, वह पिछले की सरकारें भी कर सकती थीं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) ने प्रदेश के गन्ना किसानों (Sugarcane Farmers) को बड़ा तोहफा दिया है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने गन्ने के मूल्य में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी का ऐलान कर दिया है. इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने किसानों को लेकर बीजेपी को कटघरे में खड़ा किया है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘पहले किसानों के मान को गिराना… फिर नाम भर को दाम को बढ़ाना… भाजपा का ये चुनावी हथकंडा अब उप्र में नहीं चलने वाला.’ भाजपा जाते-जाते गन्ना किसानों के बकाये का ब्याज न सही, मूल ही चुका दे. 2022 में सपा सरकार किसानों का सच्चा मान भी बढ़ाएगी व गन्ने की मिठास और दाम भी.

दरअसल योगी सरकार ने अब गन्ने का मूल्य 325 रुपए से बढ़ाकर 350 रुपए कर दिया गया है. गन्ने का मूल्य बढ़ने से गन्ना किसानों की आय में 8% की वृद्धि होगी. इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में किसान सम्मेलन में कहा कि राज्य में अब तक जिस गन्ने का 325 रुपए प्रति क्विंटल भुगतान होता था. अब सरकार 350 रुपए प्रति क्विंटल भुगतान करेगी. यही नहीं सामान्य गन्ने का भुगतान जो 315 रुपए प्रति क्विंटल होता था, उसमें भी 25 रुपये की वृद्धि होगी.

अखिलेश बोले- भाजपा का ये चुनावी हथकंडा अब उप्र में नहीं चलने वाला

अखिलेश बोले- भाजपा का ये चुनावी हथकंडा अब उप्र में नहीं चलने वाला

सीएम योगी ने कहा कि बसपा सरकार में 21 चीनी मिलें बंद हुईं थीं. पिछले साढ़े 4 सालों के अंदर हमने किसानों से अन्न की रिकॉर्ड खरीद की है. जो काम यूपी सरकार में हुए हैं, वह पिछले की सरकारें भी कर सकती थीं. 2004 से लेकर 2014 तक का शासन देश और प्रदेश के लिए अंधकार युग था. अराजकता, गुंडागर्दी का बोलबाला था. प्रदेश के किसान आत्महत्या और गरीब भूख से मर रहा था. जो आज किसानों के हितैषी बने हैं, वो तब कहां थे?

Sarkari Naukri : पूर्वांचल विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पदों पर वैकेंसी, दो लाख तक मिलेगा वेतन

Sarkari Naukri :  वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में कुल 40 वैकेंसी है.

Sarkari Naukri : वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में निकली प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर पद के लिए आवेदन ऑनलाइन करना है. ऑनलाइन के बाद आवेदन फॉर्म की हॉर्ड कॉपी भी भेजनी है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 27, 2021, 07:11 IST
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नई दिल्ली. Teacher Recruitment 2021 : वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर ने फैकल्टी के पदों पर पर भर्ती निकाली है. इसके तहत प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर कुल 40 वैकेंसी है. इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है. विश्वविद्यालय में टीचर बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की वेबसाइट http://www.vbspu.ac.in/ पर जाकर ऑनलाइन करना है. इन पदों पर आवेदन की अंतिम तिथि 18 अक्टूबर 2021 है.

सबमिट किए हुए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म का प्रिट आउट निकालकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ विवि के पते पर भेजना है. यह पता है- रजिस्ट्रार, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर, पिन-222003, यूपी. आवेदन की हॉर्ड कॉपी पहुंचने की अंतिम तिथि 27 अक्टूबर है. नोटिफिकेशन के अनुसार वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा निकाली गई भर्ती के लिए जनरल और ओबीसी को आवेदन शुल्क 1000 रुपये चुकाना है. वहीं एससी व एसटी वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपये है.

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में वैकेंसी का विवरण

प्रोफेसर- 13 पद
एसोसिएट प्रोफेसर- 19 पद
असिस्टेंट प्रोफेसर- 08 पद

शैक्षिक योग्यता

प्रोफेसर- संबंधित विषय में पीएचडी की डिग्री.
एसोसिएट प्रोफेसर- संबंधित विषय में न्यूनतम 55% अंकों के साथ मास्टर्स की डिग्री. संबंधित विषय में पीएचडी. आठ साल का अनुभव.
असिस्टेंट प्रोफेसर- न्यूनतम 55% अंकों के साथ मास्टर्स की डिग्री और यूजीसी नेट परीक्षा पास होना चाहिए.

कितनी मिलेगी सैलरी-

प्रोफेसर- लेवल-14, 1,44,200/- से 2,18,200/- रुपये
एसोसिएट प्रोफेसर- लेवल-13, .1,31,400/- से .2,17,100/- रुपये
असिस्टेंट प्रोफेसर- 57,700/-से 1,82,400/- रुपये

यहां क्लिक करके नोटिफिकेशन देखें

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UP News Live Updates: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आज आएंगी लखनऊ, सियासी हलचल तेज

UP: कांग्रेस यूपी में अपने विपक्षी दलों को टक्कर देने में जुटी (File photo)

Uttar Pradesh News Live: साल 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 312 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी. इसके बाद समाजवादी पार्टी को 47 सीटें, बसपा को 19 सीटें मिलीं थी वहीं कांग्रेस महज 7 सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई थी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 27, 2021, 06:23 IST
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UP News Live Updates 27 September 2021: कांग्रेस महसचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 को देखते हुए सोमवार को 5 दिन के दौरे के लिए लखनऊ में आ रही हैं. इस दौरे में प्रियंका गांधी कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगी. इसके साथ ही वह यूपी में कांग्रेस पार्टी की चुनावी तैयारियों का जायजा भी लेंगी.

बता दें कि कांग्रेस यूपी में अपने विपक्षी दलों सपा, बसपा और सत्ताधारी पार्टी बीजेपी को टक्कर देने की जोरो शोरों से तैयारी करने में लगी हुई है. कांग्रेस पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को संगठन को मजबूत करने के लिए निर्देश दिए हैं. साल 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 312 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी. इसके बाद समाजवादी पार्टी को 47 सीटें, बसपा को 19 सीटें मिलीं थी वहीं कांग्रेस महज 7 सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई थी.

BHU PET-UET 2021 Admit card : एनटीए ने जारी किया बीएचयू प्रवेश परीक्षा का एडमिट कार्ड

BHU Admit card :  बीएचयू की प्रवेश परीक्षा 28 सितंबर को शुरू हो रही है.

BHU PET-UET 2021 Admit card : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, बीएचयू विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए यूईटी, पीईटी परीक्षा आयोजित करता है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 26, 2021, 23:44 IST
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नई दिल्ली. BHU Admit card : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स की प्रवेश परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है. अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए की वेबसाइट https://bhuet.nta.nic.in/ पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं. बीएचयू की 28 सितंबर को शुरू हो रही प्रवेश परीक्षाओं में पांच लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे. परीक्षा देश भर में करीब 185 केंद्रों पर होगी. परीक्षा तीन शिफ्ट में होगी. पहली शिफ्ट सुबह आठ से 10 बजे तक होगा. दूसरी शिफ्ट दोपहर 12:30 से 2:30 बजे तक और तीसरी शिफ्ट शाम पांच बजे से सात बजे तक होगी.

बीएचयू के प्रवेश परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार इसका आयोजन 04 अक्टूबर तक होगा. नोटिफिकेशन में कहा गया है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा हॉल में अपने साथ एडमिट कार्ड के साथ अपना फोटो पहचान पत्र भी लेकर जाना होगा. साथ ही मास्क भी पहनना अनिवार्य होगा. बिना मास्क के किसी को परीक्षा केंद्र के भीतर प्रवेश नहीं दिया जाएगा.

ऐसे डाउनलोड करें बीएचयू पीईटी और यूईटी 2021 का एडमिट कार्ड

– सबसे पहले बीएचयू एनटीए की वेबसाइट https://bhuet.nta.nic.in/ पर जाएं
– अब होम पेज पर ही सबसे नीचे यूईटी 2021 और पीईटी 2021 एडमिट कार्ड का लिंक मिलेगा
– इस पर क्लिक करें
– अब एक नया पेज ओपन होगा
– अब यहां अप्लीकेशन नंबर, जन्मतिथि और सिक्योरिटी पिन एंटर करके सबमिट पर क्लिक करें
– अब एडमिट कार्ड ओपन हो जाएगा
– इसे डाउनलोड करके प्रिंट कर लें

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Lucknow: धर्मांतरण गिरोह के 3 सदस्य अरेस्ट, कुवैत समेत कई देशों से आए थे 20 करोड़ रुपये

पुलिस के हत्थे चढ़े (बाएं से) इदरीस, आसिफ और सलीम.

Conversion Gangs: यूपी एटीएस ने मुजफ्फरनगर के मोहम्मद शरीफ कुरैशी, मोहम्मद इदरीस और नासिक के कुणाल अशोक चौधरी उर्फ आसिफ को गिरफ्तार किया. पूछताछ सामने आया कि कुवैत समेत कई देशों से करीब 20 करोड़ रुपये लोगों का धर्म परिवर्तन कराने के लिए भेजे गए थे.

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लखनऊ. अवैध धर्मांतरण मामले में यूपी एटीएस (UP ATS) को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने अवैध तरीके से धर्मांतरण (Religion Change) कराने वाले गिरोह से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में यूपी एटीएस ने मुजफ्फरनगर के मोहम्मद शरीफ कुरैशी, मोहम्मद इदरीस और नासिक के कुणाल अशोक चौधरी उर्फ आसिफ को किया गिरफ्तार किया. इनसे सघन पूछताछ की गई जिसके बाद कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं. धर्मांतरण के इस खेल में विदेशों से पैसा भेजे जाने का मामला सामने आया है.

यूपी एटीएस अवैध धर्मांतरण कराने वाले गिरोह को पकड़ने के लिए जुटी हुई थी. इस मामले में 20 जून 2021 को मामला दर्ज किया गया था, जिसमें विभिन्न राज्यों से 11 गिरफ्तारियां हो चुकी थीं. इनके मुख्य लोगों को पकड़ने को लेकर पुलिस ने चौतरफा जाल फैलाया और उसने सटीक सूचना के साथ धर्मांतरण कराने वाले गिरोह से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इसमें मुजफ्फरनगर के मोहम्मद शरीफ कुरैशी, मोहम्मद इदरीस और नासिक के कुणाल अशोक चौधरी उर्फ आसिफ को किया गिरफ्तार किया गया. यूपी एटीएस मौलाना कलीम सिद्दीकी से पूछताछ कर रही थी, इसके बाद तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी की गई.

यूपी एटीएस के मुताबिक मौलाना कलीम ने बताया कि उसे धर्म परिवर्तन कराने के लिए विदेशों से पैसा मिलता है. मौलाना कलीम के ट्रस्ट जमीयत ए इमाम वलीउल्लाह के खाते में 20 करोड़ रुपए से अधिक राशि में जमा की गई. यह रकम उसके इंडियन बैंक के खाते में पहुंची, जिसमें कुवैत समेत कई देशों के नाम सामने आ रहे हैं. पुलिस ने जब कलीम से इसका हिसाब पूछा तो वह 20 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं दे पाया.

UP elections: यूपी मंत्रिमंडल विस्तार में दिखी सीएम योगी आदित्यनाथ की सोशल इंजीनियरिंग

सरकार ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कैबिनेट विस्तार से साधा जातीय समीकरण.

Yogi cabinet expansion : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल में 7 नए चेहरों को जगह दी है, जिनमें 1 ब्राह्मण, 3 ओबीसी, 2 एससी और 1 एसटी चेहरे हैं.

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नई दिल्ली. केंद्र की मोदी सरकार की तर्ज पर यूपी की योगी सरकार ने जातीय समीकरण साधते हुए मंत्रिमंडल में विस्तार किया है. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल में 7 नए चेहरों को जगह दी है, जिनमें 1 ब्राह्मण, 3 ओबीसी, 2 एससी और 1 एसटी चेहरे हैं.

7 नए चेहरों में हाल में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए ब्राह्मण चेहरे जितिन प्रसाद को कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया है. ब्राह्मणों की नाराजगी झेल रही भाजपा जितिन प्रसाद के माध्यम से उनकी नाराजगी दूर करना चाहती है. जितिन शाहजहांपुर के क्षेत्र में खासा प्रभाव रखते हैं.

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दिनेश खटीक, मेरठ की हस्तिनापुर से विधायक हैं. एससी समुदाय से आते हैं. खटीक समाज की अगर बात करें तो यूपी में पश्चिम से लेकर मध्य और पूरब तक कई विधानसभाएं ऐसी हैं जहां इनका वोट है. छत्रपाल गंगवार कुर्मी समाज से आते हैं. बरेली से विधायक हैं. कुछ दिन पहले केंद्र से संतोष गंगवार की छुट्टी हुई थी, तो अब छत्रपाल गंगवार को जगह देकर कुर्मी वोटों को साधने की कोशिश की गई है.

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धर्मवीर प्रजापति आगरा से आते हैं. प्रजापति समुदाय का वैसे तो वोट के हिसाब से बहुत बड़ा राजनीतिक रसूख नहीं है, लेकिन बीजेपी ने इन्हीं छोटे-छोटे वर्गों को साधकर फिर से सत्ता में बने रहने की कोशिश की है. संजीव कुमार गोंड जनजाति समाज से आते हैं. सोनभद्र क्षेत्र से इनके जरिए जनजातीय समाज को अपने साथ जोड़े रखने की कवायद है. जनजातीय वर्ग का पूर्वी यूपी में अच्छा खासा वोट बैंक है.

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पलटूराम एससी वर्ग से आते हैं. जाटब समुदाय की अगर बात करें तो पश्चिम और मध्य उत्तर प्रदेश में खासा असर है. मायावती भी जाटब समुदाय से आती हैं तो ऐसे में पलटूराम को जगह देकर जाटब समुदाय को साधने की कोशिश की गई है. संगीता बिंद निषाद समुदाय से हैं. पहले निषाद पार्टी के साथ गठबंधन और अब संगीता बिंद को मंत्री बनाकर निषादों को साधने की कवायद की गई. तकरीबन प्रदेश की 100 के आसपास सीटें ऐसी हैं, जहां निषादों के वोट हैं.

केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में यूपी का चेहरा

कुछ दिन पूर्व केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में यूपी से 7 चेहरों को जगह दी गई थी, उसमें छोटे-छोटे वर्गों को जगह दी गई. और अब उसी आधार पर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ ने सोशल इंजीनियरिंग करते हुए छोटे-छोटे ऐसे वर्गों के लोगों को मंत्रिमंडल विस्तार में जगह दी है, जिनका राजनीतिक रसूख तो बहुत बड़ा नहीं, लेकिन वे कई विधानसभाओं को प्रभावित करते हैं.

Yogi Cabinet Expansion: यूपी चुनाव से पहले योगी का बड़ा दांव, सामाजिक समीकरण साध जीतेंगे 2022 की जंग!

Yogi Cabinet: योगी आदित्यनाथ ने 2022 के चुनावों को देखते हुए अपनी कैबिनेट में नए चेहरों को शामिल किया है.

UP Assembly Election 2022: यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ का मंत्रिमंडल विस्तार चुनावी समीकरणों के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है. प्रदेश की विभिन्न जाति व समुदाय को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 26, 2021, 19:23 IST
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लखनऊ. यूपी में अगले साल की शुरुआत में ही विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इसके करीब चार महीने पहले योगी आदित्यनाथ की सरकार ने आज मंत्रिमंडल विस्तार किया है. इस विस्तार में यह ख्याल रखा गया है कि सभी नए मंत्रियों के सरकार में आने का, सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी को फायदा मिले. विधानसभा चुनाव की अनौपचारिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, इसके मद्देनजर मंत्रिमंडल में विभिन्न जाति व समुदाय के नेताओं को जगह देकर इस वर्ग के मतदाताओं का हित साधने की कोशिश की गई है. जितिन प्रसाद समेत पलटू राम, संजीव कुमार, संगीता बिंद, दिनेश खटिक, धर्मवीर प्रजापति और छत्रपाल गंगवार जैसे नाम, बीजेपी की इसी मंशा को पूरा करेंगे, ऐसी उम्मीद पार्टी कर रही होगी.

ऐन विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह से चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट विस्तार किया है, उसे सियासी हलके में बड़े दांव के रूप में देखा जा रहा है. समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस और तमाम अन्य छोटी-बड़ी पार्टियों की रस्साकशी को देखते हुए सीएम योगी ने बड़े सधे अंदाज में यह दांव चला है. सियासी जानकार उनके इस दांव पर गहरी नजर बनाए रखेंगे. यह देखेंगे कि ये नए चेहरे विधानसभा चुनाव में बीजेपी को किस हद तक लाभ की स्थिति में रख पाते हैं.

आपको बता दें कि पिछले कुछ महीनों से उत्तर प्रदेश में योगी कैबिनेट के विस्तार की चर्चाएं चल रही थीं. इनमें तमाम नामों और नए चेहरों के आने के कयास लगाए जा रहे थे. इनमें से कई चेहरों ने तो आज शाम राजभवन में पद और गोपनीयता की शपथ ली, लेकिन इक्का-दुक्का नाम जरूर नजर नहीं आए. इनमें से एक बेबी रानी मौर्य का है. हाल ही में उत्तराखंड के राज्यपाल का पद छोड़कर आईं बेबी रानी मौर्य के भी योगी कैबिनेट में स्थान बनाने की हलचल आज पूरे दिन चलती रही, लेकिन अंतिम क्षणों में वह कहीं नहीं दिखीं. आगरा के मेयर के रूप में चर्चित मौर्य को पार्टी ने कुछ दिन पहले ही राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है.

UP TGT-PGT Recruitment 2021 : यूपी पीजीटी का इंटरव्यू शेड्यूल जारी, डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

UP PGT :  पीजीटी इंटरव्यू प्रतिदिन दो शिफ्ट में होगा.

UP TGT-PGT Recruitment 2021 : यूपी पीजीटी भर्ती 2021 के इंटरव्यू की तिथि घोषित हो गई है. साथ ही उत्तर प्रदेश माध्यमिक सेवा चयन बोर्ड ने इसका एडमिट कार्ड भी जारी कर दिया है.

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  • LAST UPDATED : September 26, 2021, 19:06 IST
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नई दिल्ली. UP PGT Interview Admit Card : उत्तर प्रदेश माध्यमिक सेवा चयन बोर्ड ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में पोस्ट ग्रेजुएट टीचर भर्ती के लिए इंटरव्यू का शेड्यूल जारी कर दिया है. पीजीटी भर्ती के लिए इंटरव्यू 05 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2021 तक होंगे. इस भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 17 और 18 अगस्त को हुई थी. चयन बोर्ड ने नोटिस जारी करके कहा है कि लिखित परीक्षा में पास हुए अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए अपने एडमिट कार्ड बोर्ड की वेबसाइट www.upsessb.org या https://pariksha.up.nic.in/ से डाउनलोड कर सकते हैं.

बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर इंटरव्यू के कार्यक्रम अनुसार तिथिवार, विषयवार अभ्यर्थियों की सूची अपलोड की है. अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे दिशा-निर्देश अच्छी तरह पढ़ लें. साथ ही परीक्षा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन में बताए गए अभिलेखों को अपलोड करें और संस्था का विकल्प चुनते हुए अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करें.

नोटिस में कहा गया है कि इंटरव्यू दो शिफ्ट में होगा. पहले बैच का रिपोर्टिंग टाइम सुबह आठ बजे है. जबकि दूसरे बैच की रिपोर्टिंग का टाइम दोपहर 12 बजे है.

ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड-

-सबसे पहले ई परीक्षा पोर्टल https://pariksha.up.nic.in/ पर जाएं
– यहां UTTAR PRADESH SECONDARY EDUCATION SERVICES SELECTION BOARD, PRAYAGRAJ लिंक पर क्लिक करें
– अब “Click here to submit college preference choice and download Interview Letter for PGT-Examination -2021 लिंक पर क्लिक करें
– अब डाउनलोड इंटरव्यू लेटर पर क्लिक करें
– अब अपना रोल नंबर, कैप्चा एंटर करेक प्रोसीड पर क्लिक कर दें
– अब सेंट ओटीपी पर क्लिक करें

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यूपी चुनाव से पहले किसानों को खुश करने के लिए योगी सरकार का मास्टर स्ट्रोक

किसान सम्मेलन में शामिल हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया. (फाइल फोटो)

Yogi government's decision : विधानसभा चुनाव से पहले किसानों की नाराजगी दूर करने के लिए योगी सरकार ने गन्ने के मूल्य में बढ़ोतरी करके एक कदम तय कर लिया है. इसके अलावा किसानो की एक मांग बिजली बिलों को लेकर भी थी, उसको भी स्वीकार करते हुए सरकार ने एक समिति बनाने की बात की है.

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नई दिल्ली. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चल रहा किसान आंदोलन भाजपा को परेशान करने लगा है. विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी किसानों की मांगों से जुड़े फैसले करके किसान आंदोलन के प्रभाव को कम करना चाहती है. उसी को लेकर आज यानी रविवार को योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में गन्ना के मूल्य में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की घोषणा की है. इसके साथ साथ बिजली बिलों को लेकर भी एक कमिटी बनाने की बात सरकार ने की है.

आज लखनऊ में किसान सम्मलेन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को संबोधित करते हुए उनकी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार द्वारा किसान हित में किए गए फैसलों की जानकारी दी. इसके साथ ही उन्होंने गन्ने के मूल्य में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की घोषणा भी कर दी. अब यूपी में 325 रुपये की जगह 350 रुपये प्रति क्विंटल पर गन्ने की खरीदी होगी. सामान्य गन्ने की खरीद 315 रुपये प्रति क्विंटल से 340 रुपये पर होगी.

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पश्चिमी यूपी में सबसे ज्यादा पैदावार गन्ने की होती है और किसान आंदोलन का असर यूपी के इसी क्षेत्र में है. कई मौकों पर ये देखा गया है कि कृषि कानूनों को लेकर इस क्षेत्र में बहुत ज्यादा नाराजगी नहीं है. लेकिन गन्ने के भुगतान और उसके मूल्य को लेकर कई बार किसान संगठन सरकार के सामने अपनी बात रख चुके हैं. इसीलिए विधानसभा चुनाव से पहले किसानों की नाराजगी दूर करने के लिए योगी सरकार ने गन्ने के मूल्य में बढ़ोतरी करके एक कदम तय कर लिया है. इसके अलावा किसानो की एक मांग बिजली बिलों को लेकर भी थी, उसको भी स्वीकार करते हुए सरकार ने एक समिति बनाने की बात की है.

इसे भी पढ़ें : Yogi Cabinet Expansion: कांग्रेस से भाजपा में आये जितिन प्रसाद बने कैबिनेट मिनिस्टर

हालांकि किसान संगठनों ने गन्ने के मूल्य में तकरीबन 75 से 100 रुपये की बढ़ोतरी की मांग की गई थी, जिससे गन्ने का मूल्य 400 से 425 रुपये तक मिल सके. फिलहाल सरकार ने सिर्फ 25 रुपये की बढ़ोतरी की है. हालांकि भाकियू ने इसका विरोध भी करना शुरू कर दिया है. लेकिन राजनीति से दूर आम किसान का मानना है कि मूल्य वृद्धि भले ही थोड़ी हुई है, लेकिन सरकार ने थोड़ी राहत देने की कोशिश जरूर की है.

Yogi Cabinet Expansion: यूपी: योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट में शामिल हुए 7 चेहरे, जितिन प्रसाद बनें मंत्री

यूपीए सरकार में मंत्री रहे जितिन प्रसाद, पलटू राम समेत सात ने मंत्री पद की शपथ ली है.

Yogi Cabinet Expansion: 2020 विधानसभा चुनाव से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार हो गया है. चुनाव पहले इस विस्तार के कई मायने लगाए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि रूठों को मनाने और समाजिक समीकरण साधने के लिए बीजेपी ने पूरी कोशिश की है. इस विस्तार को 2022 चुनाव की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है. 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बंपर जीत दर्ज की थी अब उसके सामने 2022 के चुनाव में उसे दोहराने की चुनौती है.

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  • LAST UPDATED : September 26, 2021, 18:41 IST
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Yogi Cabinet Expansion: 2022  विधानसभा चुनाव से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार हो गया है. चुनाव पहले इस विस्तार के कई मायने लगाए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि रूठों को मनाने और समाजिक समीकरण साधने के लिए बीजेपी ने पूरी कोशिश की है. इस विस्तार को 2022 चुनाव की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है. 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बंपर जीत दर्ज की थी अब उसके सामने 2022 के चुनाव में उसे दोहराने की चुनौती है.

जितिन प्रसाद ने योगी कैबिनेट विस्तार में मंत्री पद की शपथ ली है. वह यूपीए सरकार में मंत्री रहे हैं. इसके बाद छत्रपाल गंगवार ने भी शपथ ली. गंगवार दूसरी बार साल 2017 में चुनाव जीते हैं. बीजेपी के जिला मंत्री भी रहे हैं.

Yogi Cabinet Expansion: कांग्रेस से भाजपा में आये जितिन प्रसाद बने कैबिनेट मिनिस्टर

Yogi Cabinet Expansion: जितिन प्रसाद ने योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली है.

Yogi Cabinet Expansion News: पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद को आज उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. बीजेपी के इस कदम को यूपी में ब्राह्मण सियासत से जोड़कर देखा जा रहा है.

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लखनऊ. कांग्रेस से छोड़कर भाजपा में शामिल हुये जितिन प्रसाद  (Jitin Prasada) योगी मंत्रिमंडल में शामिल हो गये हैं. कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है. योगी मंत्रिमंडल विस्तार  (Yogi Cabinet Expansion) में 7 नये मंत्री शपथ ले रहे हैं, जिसमें केवल जितिन प्रसाद को ही कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, इसे देखते हुए योगी मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा रहा है, जिसके जरिये यूपी में जातीय सियासत को साधने की कोशिश बीजेपी करेगी.

जितिन प्रसाद मनमोहन सिंह की सरकार में केंद्र में मंत्री रह चुके हैं. कांग्रेस में लंबी पारी खेलने वाले जितिन प्रसाद ने कुछ महीनों पहले बीजेपी ज्वाइन कर ली थी. जितिन प्रसाद के भाजपा ज्वाइन करने और अब उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करने को बीजेपी की आगामी चुनावों में ब्राह्मण को जोड़ने की राजनीति के रूप में देखा जा रहा है. बता दें कि जितिन प्रसाद ने कुछ महीने पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और बीजेपी चीफ जेपी नड्डा की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुये थे.

जितिन प्रसाद को विरासत में मिली है राजनीति

वैसे शाहजहांपुर के जितिन प्रसाद को राजनीति विरासत में मिली है. पिता राजीव गांधी और नरसिम्हा राव के राजनीतिक सलाहकार थे, खुद HRD राज्यमंत्री रहे. कांग्रेस पार्टी के चर्चित चेहरे रहे जितिन प्रसाद अब बीजेपी शामिल हो चुके हैं. अब प्रसाद को यूपी के आगामी चुनावों में ब्राह्मण चेहरा के रूप में पेश करने की संभावनाएं हैं. जितिन प्रसाद के परिवार की तीन पीढ़ियां कांग्रेस पार्टी से सक्रिय राजनीति में रही हैं. जितिन प्रसाद को यूपी में कांग्रेस के चर्चित युवा चेहरों में से एक कहा जाता था. वो राहुल गांधी के करीबी नेताओं में से एक रहे और प्रदेश में ब्राह्मण वोटों की गोलबंदी में कांग्रेस उन्हें एक बड़े चेहरे के रूप में इस्तेमाल करना चाहती थी.

UP: CM योगी का किसानों को बड़ा तोहफा, 25 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा गन्ना मूल्य

UP: सीएम योगी ने गन्ना किसानों को बड़ा तोहफा दिया है. यूपी में गन्ना मूल्य में 25  रुपए का इजाफा किया गया है.

UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने गन्ने के मूल्य में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी का ऐलान कर दिया है. अब गन्ने का मूल्य 325 रुपए से बढ़ाकर 350 रुपए कर दिया गया है. गन्ने का मूल्य बढ़ने से गन्ना किसानों की आय में 8% की वृद्धि होगी.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) ने अपने कैबिनेट विस्तार (Cabinet Expansion) से पहले प्रदेश के गन्ना किसानों (Sugarcane Farmers) को बड़ा तोहफा दिया है. सीएम योगी आदित्यनाथ  ने गन्ने के मूल्य में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी का ऐलान कर दिया है. अब गन्ने का मूल्य 325 रुपए से बढ़ाकर 350 रुपए कर दिया गया है. गन्ने का मूल्य बढ़ने से गन्ना किसानों की आय में 8% की वृद्धि होगी.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में किसान सम्मेलन में कहा कि राज्य में अब तक जिस गन्ने का 325 रुपए प्रति क्विंटल भुगतान होता था. अब सरकार 350 रुपए प्रति क्विंटल भुगतान करेगी. यही नहीं सामान्य गन्ने का भुगतान जो 315 रुपए प्रति क्विंटल होता था, उसमें भी 25 रुपये की वृद्धि होगी.

सीएम योगी का ऐलान

सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में किसान सम्मेलन में कहा कि राज्य में अब तक जिस गन्ने का 325 रुपए प्रति क्विंटल भुगतान होता था. अब सरकार 350 रुपए प्रति क्विंटल भुगतान करेगी. यही नहीं सामान्य गन्ने का भुगतान जो 315 रुपए प्रति क्विंटल होता था, उसमें भी 25 रुपये की वृद्धि होगी. 340 रुपये का भुगतान उसमें भी होगा. अनुपयुक्त गन्ना जिस किसान के भी पास है, प्रति क्विंटल उन्हें भी 25 रुपए की बढ़ोत्तरी का लाभ दिया जाएगा.

सीएम योगी ने कहा कि बसपा सरकार में 21 चीनी मिलें बंद हुईं थीं. पिछले साढ़े 4 सालों के अंदर हमने किसानों से अन्न की रिकॉर्ड खरीद की है. जो काम यूपी सरकार में हुए हैं, वह पिछले की सरकारें भी कर सकती थीं. 2004 से लेकर 2014 तक का शासन देश और प्रदेश के लिए अंधकार युग था. अराजकता, गुंडागर्दी का बोलबाला था. प्रदेश के किसान आत्महत्या और गरीब भूख से मर रहा था. जो आज किसानों के हितैषी बने हैं, वो तब कहां थे? पिछली सरकार ने 19,02,08 किसानों को 12,808 करोड़ रुपये का गेहूं भुगतान किया था. हमारी सरकार ने 43,75,574 किसानों को 36,504 करोड़ रुपये का गेहूं भुगतान उनके खाते में किया है.

इनपुट: अलाउद्दीन

UP Lekhpal Recruitment 2021: सामान्य वर्ग के EWS कैंडिडेट्स के लिए कितने पद होंगें आरक्षित, जानें यहां

UP Lekhpal Recruitment 2021: भर्ती के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा

UP Lekhpal Recruitment 2021: UPSSSC जल्द ही प्रदेश के लेखपाल पदों पर भर्ती प्रक्रिया की शुरूआत करेगा. भर्ती में सामान्य वर्ग के EWS कैंडिडेट्स के लिए कितने पद आरक्षित होंगें इसकी जानकारी नीचे दी जा रही है.

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  • LAST UPDATED : September 26, 2021, 17:53 IST
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नई दिल्ली. UP Lekhpal Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) जल्द ही प्रदेश के लेखपाल पदों पर भर्ती प्रक्रिया की शुरूआत करेगा. गौरतलब है कि आयोग ने प्रदेश के 7,889 लेखपाल पदों पर भर्ती की घोषणा की थी. हांलाकि इसके लिए अभी तक अधिसूचना जारी नहीं की गई है. लेकिन जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार ने आयोग को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की हरी झंडी दे दी है.

बता दें कि फ़िलहाल केवल राजस्व लेखपाल के पदों के लिए भर्ती आयोजित की जाएगी. चकबंदी लेखपाल पदों पर भर्ती के इच्छुक उम्मीदवारों को अभी इंतजार करना पड़ सकता है. फ़िलहाल अधिसूचना जारी नहीं होने से भर्ती को लेकर कई प्रकार के सवाल देखने को मिल रहे हैं. ऐसे ही एक महत्वपूर्ण सवाल का जवाब नीचे दिया जा रहा है.

UP Lekhpal Recruitment 2021: EWS कैंडिडेट्स के लिए इतने पद रह सकते हैं आरक्षित
हाल ही में UKSSSC ने भी उत्तरखंड राज्य में लेखपाल भर्ती आयोजित की थी. जिसमें आयोग ने EWS उम्मीदवारों के लिए 10 फ़ीसदी पद आरक्षित किए थे. इसी तर्ज पर यदि UPSSSC भी यूपी लेखपाल भर्ती में इन उम्मीदवारों को 10 फ़ीसदी आरक्षण देता है, तो सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर उम्मीदवारों के लिए तकरीबन 800 पद आरक्षित रह सकते हैं. हालांकि जब तक आधिकारिक अधिसूचना नहीं आ जाती तब तक इस सम्बन्ध में किसी भी जानकारी की पुष्टि नहीं की जा सकती. ऐसे में उम्मीदवारों को भर्ती सम्बन्धी अपडेट के लिए UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर विज़िट करते रहना चाहिए.

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UP Home Guard Recruitment 2021: यूपी होमगार्ड भर्ती को लेकर कहां तक पहुंची बात, क्या है अपडेट, जानें यहां

UP Home Guard Recruitment 2021: भर्ती के लिए 10वीं पास उम्मीदवारों को अप्लाई करने का मौका दिया जा सकता है.

UP Home Guard Recruitment 2021: उम्मीदवार काफी समय से उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती की अधिसूचना जारी होने का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन अभी तक इससे जुड़ी जानकारी सामने नहीं आई है. भर्ती को लेकर अपडेट क्या है इसकी जानकारी नीचे दी जा रही है.

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  • LAST UPDATED : September 26, 2021, 17:43 IST
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नई दिल्ली. UP Home Guard Recruitment 2021: उम्मीदवार काफी समय से उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती की अधिसूचना जारी होने का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन अभी तक इससे जुड़ी जानकारी सामने नहीं आई है. हांलाकि कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये बताया जा रहा है कि भर्ती के लिए अधिसूचना जल्द ही जारी की जा सकती है. जानकारी के अनुसार, वर्तमान में उत्तर प्रदेश होमगार्ड विभाग में हजारों पद खाली पड़े हैं. ऐसे में सरकार की मंजूरी झंडी मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी.

बता दें कि उत्तर प्रदेश होमगार्ड विभाग में वर्तमान में कुल पदों की संख्या तकरीबन 1,18,348 है. जिनमें से 86,000 पदों पर ही मौजूदा समय में कर्मचारी कार्यरत हैं. ऐसे में वर्तमान में करीब 30,000 पद अभी रिक्त हैं. जिन्हें भरने की शुरुआत जल्द ही की जा सकती है.

UP Home Guard Recruitment 2021: भर्ती प्रक्रिया अक्टूबर में शुरू होने की खबर
कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी बताया जा रहा है कि यूपी होमगार्ड विभाग अक्टूबर महीने में भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर सकता है. इसलिए भर्ती के लिए इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे भर्ती की अधिसूचना सम्बन्धी अपडेट के लिए होमगार्ड विभाग की वेबसाइट पर विजिट करते रहें.

न्याय के लिए अनाथों की आवाज बनी है लखनऊ की पोलोमी पावनी शुक्ला 

ऐसे में अनाथ बच्चों की आवाज बन कर सभी सरकारी सुविधाओं के साथ-साथ उनके भविष्य को संवार रही है लखनऊ की पोलोमी पावनी शुक्ला. लखनऊ में रहने वाली पाविनी शुक्ला अनाथ बच्चों को न्याय दिलाने के लिए निस्वार्थ कार्य कर रही है. वह जमीन से लेकर अदालत तक अनाथ बच्चों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिदिन कार्य करने में जुटी हुई है.

ऐसे में अनाथ बच्चों की आवाज बन कर सभी सरकारी सुविधाओं के साथ-साथ उनके भविष्य को संवार रही है लखनऊ की पोलोमी पावनी शुक्ला. लखनऊ में रहने वाली पाविनी शुक्ला अनाथ बच्चों को न्याय दिलाने के लिए निस्वार्थ कार्य कर रही है. वह जमीन से लेकर अदालत तक अनाथ बच्चों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिदिन कार्य करने में जुटी हुई है.

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सरकार द्वारा भले ही प्रयास किए जाते हो कि अनाथ बच्चों को न्याय मिल सके लेकिन जमीनी स्तर पर न्याय कही मिलता नहीं दिखाई देता. ऐसे में अनाथ बच्चों की आवाज बन कर सभी सरकारी सुविधाओं के साथ-साथ उनके भविष्य को संवार रही है लखनऊ की पोलोमी पावनी शुक्ला. लखनऊ में रहने वाली पाविनी शुक्ला अनाथ बच्चों को न्याय दिलाने के लिए निस्वार्थ कार्य कर रही है. वह जमीन से लेकर अदालत तक अनाथ बच्चों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिदिन कार्य करने में जुटी हुई है.

लोकल18 की टीम से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि यूनिसेफ़ की रिपोर्ट के अनुसार देश में 2.9 करोड़ बच्चें अनाथ है. दूसरी रिपोर्ट के अनुसार 3 लाख से कम बच्चें अनाथालय में है और पूरे देश में एडॉप्शन 6 हजार से कम होता है.

विख्यात पत्रिका \”फेमिना\” ने अपने देश की 40 ऐसी महिलाओं की सूची जारी की है जिन्होंने अपने क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देते हुए लाखों लोगों को प्रेरित किया है. इस सूची में लखनऊ की पॉलोमी पाविनी शुक्ला भी शामिल की गई हैं. लम्बे अरसे से अनाथ बच्चों को समान अधिकार दिलाने व उनके हित की सुरक्षा के लिए माननीय उच्चतम न्यायलय तक जनहित याचिका लड़ने के लिए उन्हें यह सम्मान मिला है.

अनाथ बच्चों पर उनके द्वारा अपने भाई अमंद शुक्ला के साथ‌ संयुक्त रुप से लिखी पुस्तक \” Weakest on earth – Orphans of India\” तथा उनके परिश्रम द्वारा कई राज्यों में अनाथ बच्चों हेतु नीतिगत बदलाव आए हैं, जिनमें अनाथ बच्चों के लिए आरक्षण, बजट वृद्धि आदि शामिल हैं.

Yogi Cabinet Expansion: केंद्र की तर्ज पर होगा UP में योगी मंत्रिमंडल विस्तार, OBC और दलित पर फोकस

UP: आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में योगी कैबिनेट विस्तार होने जा रहा है.

UP News: यूपी में चुनावी प्रक्रिया शुरू होने में अब 4 महीने भी नहीं बचे हैं, ऐसे में इस कैबिनेट विस्तार को राजनीतिक विस्तार की संज्ञा दी जा सकती है. केंद्र की तरह राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार में भी ओबीसी और दलित प्रमुखता से रहेंगे.

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लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी (BJP)  की उत्तर प्रदेश सरकार मंत्रिमंडल विस्तार (UP Cabinet Expansion) तो आज कर रही है, लेकिन इस विस्तार को राजनीतिक विस्तार की संज्ञा दी जा सकती है. चुनावी प्रक्रिया शुरू होने में अब 4 महीने भी नहीं बचे हैं, ऐसे में केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की तरह राज्य मंत्रिमंडल  के विस्तार में भी ओबीसी और दलित प्रमुखता से रहेंगे. कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए ब्राह्मण चेहरा को बीजेपी मंत्रिमंडल में शामिल कर रही है, जिससे साफ हो गया है कि पिछड़ों और दलितों के साथ ब्राह्मण को मंत्रिपद देकर एक संदेश दिया जा रहा है.

2022 के चुनाव से पहले इस विस्तार से बीजेपी अपनी गुणा-गणित फिट करेगी और इन नेताओं को अतिरिक्त जिम्मेदारी भी देगी. सूत्र बताते हैं कि 7 मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी. जितिन प्रसाद की बात करें तो उन्होंने बंगाल चुनाव के बाद बीजेपी का दामन थाम लिया था. पश्चिम बंगाल में वे कांग्रेस के महत्वपूर्ण सिपाही बन कर गए थे, लेकिन वापस लौटे तो भगवा रंग में रंगे हुए थे. इसका इनाम जितिन प्रसाद को मिल रहा है. यूपी में ब्राह्मणों को खुश करन की एक पहल भी है. पूर्व केंद्रीय मंत्री और यूपी कांग्रेस के बड़े नेता जितिन प्रसाद इससे पहले दो बार सांसद रहे हैं.

दूसरा नाम जो चर्चा में है, वो संगीता बलवंत बिंद का है. वे गाजीपुर की सदर सीट से विधायक हैं और वो पिछड़ी जाति से आती हैं. संगीता 42 साल की हैं, जो पहली बार विधायक चुनी गई हैं.

UP में आज होगा मंत्रिमंडल विस्तार, जितिन प्रसाद सहित ये नए चेहरे हो सकते हैं शामिल

तीसरा नाम जो सबसे चर्चा में है, संजय गौड़ जो कि सोनभद्र जिले की ओबरा सीट से बीजेपी के विधायक हैं और अनुसूचित जनजाति समाज से आते हैं. संजय गौड़ 46 साल के हैं और  पहली बार विधायक चुने गए हैं.

चौथा चर्चित नाम धर्मवीर प्रजापति का है, जो विधान परिषद के सदस्य हैं. धर्मवीर इसी साल जनवरी में एमएलसी बने हैं. पश्चिमी उत्तरप्रदेश के धर्मवीर प्रजापति वर्तमान में माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं.

पांचवा चर्चित नाम छत्रपाल सिंह गंगवार का है. ये माना जा रहा है कि बीजेपी की कोशिश संतोष गंगवार की जगह को भरने की है, क्योंकि संतोष गंगवार अब केंद्रीय मंत्रिमंडल में नहीं है. छत्रपाल बरेली जिले के बहेड़ी विधानसभा सीट से विधायक हैं. ये ओबीसी वर्ग के कुर्मी समाज से आते हैं. बीजेपी के ये वरिष्ठ नेता संघ के प्रचारक भी रह चुके हैं.

Yogi Cabinet Expansion: जानिए कौन हैं BJP MLA दिनेश खटिक? 2017 के चुनाव में दिखाया था दम

छठा नाम पलटू राम हैं, जो बलरामपुर की सदर से विधायक हैं और दलित समाज से आते हैं. पलटू राम मूल राम से गोंडा के निवासी हैं और पहली बार बलरामपुर सदर सीट से विधायक बने हैं.

सातवां नाम हस्तिनापुर के बीजेपी विधायक दिनेश खटिक का है, जो दलित समाज से हैं और आज मंत्रीपद के शपथ लेने वालों की कतार में हैं.

सम्राट मिहिर भोज गुर्जर-प्रतिहार थे, लेकिन BJP ने उनकी जाति बदल दी - अखिलेश यादव

UP: सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला (File pic)

UP Politics: दादरी के मिहिर भोज पीजी कॉलेज में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण को लेकर गुर्जर और राजपूत (क्षत्रिय) समाज आमने सामने थे.

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लखनऊ. समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने रविवार को सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर उपजे विवाद में दखल देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सम्राट मिहिर भोज गुर्जर-प्रतिहार थे लेकिन पार्टी के नेताओं ने उनकी जाति ही बदल दी, यह निंदनीय है.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को ट्वीट किया, ‘इतिहास में पढ़ाया जाता रहा है कि सम्राट मिहिर भोज गुर्जर-प्रतिहार थे, पर भाजपाइयों ने उनकी जाति ही बदल दी है. निंदनीय!’ यादव ने कहा, ‘छल वश भाजपा स्थापित ऐतिहासिक तथ्यों से जानबूझ कर छेड़छाड़ व सामाजिक विघटन कर किसी एक पक्ष को अपनी तरफ करती रही है. हम हर समाज के मान-सम्मान के साथ हैं!’

अखिलेश यादव ने किया ये ट्वीट

अखिलेश यादव ने किया ये ट्वीट

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 22 सितंबर को दादरी के मिहिर भोज पीजी कॉलेज में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण के दौरान शिलापट्ट से गुर्जर शब्द हटाने को लेकर शुक्रवार को गुर्जर समाज के लोग विरोध में उतर आए. दादरी के मिहिर भोज पीजी कॉलेज में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण को लेकर गुर्जर और राजपूत (क्षत्रिय) समाज आमने सामने थे. हालांकि, मुख्यमंत्री के दौरे से पहले दोनों समुदाय के प्रतिनिधियों ने एक मंच पर आकर विवाद खत्म कर दिया था. इसके बाद प्रतिमा अनावरण के लिए लगने वाले शिलापट्ट पर गुर्जर शब्द को लेकर राजनीति शुरू हो गई.

UP Election 2022: कल से 5 दिन के यूपी दौरे पर प्रियंका गांधी, लखनऊ में तैयार करेंगी चुनावी रोडमैप

UP: प्रियंका गांधी कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की नाराजगी पर करेंगी बातचीत (File photo)

Priyanka Gandhi UP Visit: कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी कल यानी 28 सिंतबर से यूपी दौरे पर जा रही हैं. चुनाव की दृष्टि से ये बड़ा महत्वपूर्ण दौरा माना जा रहा है.

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पवन गौड/दिल्ली. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) में प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) कांग्रेस को फिर से जिंदा करने के लिए पूरा जोर लगाए हुए हैं. इसके लिए प्रियंका लगातार पार्टी नेताओं के साथ बैठक करके चुनाव की रणनीति तैयार कर रही हैं तो वहीं अपने कार्यकर्ताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और बैठकों के जरिए उनको चुनाव में एक्टिव करने में लगी हुई हैं. अब 28 सिंतबर से प्रिंयका गांधी फिर से 5 दिन के यूपी दौरे पर जा रही हैं और वहां नेताओं के साथ बैठकर चुनावी रोडमैप तैयार करेंगी. इसके अलावा कांग्रेस की प्रतीज्ञा यात्रा में हर मंडल में सभा भी प्रियंका करेंगी.

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी कल यानी 28 सिंतबर से यूपी दौरे पर जा रही हैं. चुनाव की दृष्टि से ये बड़ा महत्वपूर्ण दौरा माना जा रहा है. इस दौरे में यूपी में 5 दिन का रहेगा प्रियंका गांधी का प्रवास. इसमें रणनीतिक और सलाहकार समिति के साथ करेंगी बैठक. कांग्रेस के तमाम कार्यकर्ताओं से मिलेगी प्रियंका और पार्टी के अंदर जारी गतिरोध और कार्यकर्ताओं की नाराजगी पर भी सभी नेताओं के साथ बातचीत करेंगी. इसके साथ साथ पूरे प्रदेश भर में होने वाली कांग्रेस की प्रतिज्ञा यात्रा के लिए भी योजना बनाई जाएगी. प्रियंका इस यात्रा में हर मंडल में रैली करेंगी और योगी सरकार को घेरती हुई नजर आएंगी.

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प्रियंका 9 अक्टूबर को वाराणसी और 10 अक्टूबर को मेरठ में जनसभा को सबोधित करेंगी. पहले ये रैलियां सितम्बर के महीने में होनी थी लेकिन श्राद्ध पक्ष के चलते उनमें परिवर्तन कर दिया गया. अब इनकी शुरुआत नवरात्रि में होगी. प्रियंका यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के अंदर नेताओ में चल रही गुटबाज़ी और मनमुटाव को खत्म कर इन चाहती हैं. जिस से पार्टी का सभी नेता चुनाव के समय पर एकजुट दिखे और पार्टी को फिर से उत्तर प्रदेश में बेहतर प्रदर्शन करने में कामयाबी दिला सकें. इसीलिए चुनाव से पहले प्रियंका ने पूरे चुनाव की कमान अपने हाथ मे ले ली है.

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