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UP: 'लव जिहाद' कानून पर लगी मुहर, जानिए क्या कह रहे हैं मुस्लिम धर्मगुरु?

'लव जिहाद' कानून पर लगी मुहर
'लव जिहाद' कानून पर लगी मुहर

यूपी सरकार में मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह (Siddharth Nath Singh) ने कहा कि यूपी कैबिनेट उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म समपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020 लेकर आई है

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 24, 2020, 11:22 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में भी 'लव जिहाद' (Love Jihad) के खिलाफ कानून लाने पर योगी सरकार (Yogi Government) ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में अंतिम मुहर लगा दी है. इसी बीच मुस्लिम धर्मगुरुओं की प्रतिक्रिया सामने आई है. दारुल उलूम फरंगी महल के प्रवक्ता मौलाना सुफियान निजामी ने नाराजगी जाते हुए कहा कि इस तरह के कानून को बनाने की की ज़रूरत नहीं थी. उन्होंने कहा कि जिहाद शब्द को प्रोपेगैंडा के लिए प्रयोग किया गया. सुफियान निजामी कहते हैं कि इस्लाम को बदनाम करने और अपने सियासी फायदे के लिए इस तरह कानून बनाया गया है. देश मे जबरन धर्मपरिवर्तन के लिए पहले से ही कानून मौजूद है. मौलाना ने कहा कि मजहबी रहनुमा होने के नाते वह चाहते हैं कि कोई भी शख्स अगर किसी का भी जबरन मजहब परिवर्तन कराए तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो.

उधर, योगी सरकार के फैसले का शिया धर्मगुरु यासूब अब्बास ने स्वागत किया है. शिया धर्मगुरु ने कहा कि यूपी सरकार ने उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म समपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020 जो कानून लाया है मैं उसका स्वागत करता हूं. उन्होंने कहा कि अपना धर्म छुपाकर बच्चियों के साथ खेलने वालों के खिलाफ सरकार को सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. शिया धर्मगुरु यासूब अब्बास आगे कहते हैं कि सरकार कानून आदेश जारी करें और सख्ती से अमल कराएं.

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यूपी सरकार में मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि यूपी कैबिनेट उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म समपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020 लेकर आई है, जो उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था सामान्य रखने के लिए और महिलाओं को इंसाफ दिलाने के लिए जरूरी है. उन्होंने कहा कि बीते दिनों में 100 से ज्यादा घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें जबरन धर्म परिवर्तित किया जा रहा है. इसके अंदर छल-कपट, बल से धर्म परिवर्तित किया जा रहा है.


50 हजार रुपये तक का जुर्माना 

सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शादी के लिए धोखाधड़ी कर धर्मांतरण किए जाने की घटनाओं पर रोक लगाने संबंधी कानून के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. कैबिनेट में प्रस्ताव पास होने के बाद 15- 50 हजार तक का जुर्माना का प्रवधान है. वहीं शादी के नाम पर धर्म परिवर्तन अवैध घोषित कर दिया गया है. अगर कोई भी ग्रुप धर्म परिवर्तन कराता है तो उसे 3 से 10 साल की सजा होगी.
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