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वक्फ बोर्ड के दस्तावेजों से खत्म हुआ 'बाबरी मस्जिद' का नाम, 76 साल पुराना वक्फ किया गया समाप्त
Ayodhya News in Hindi

Mohd Shabab | News18 Uttar Pradesh
Updated: February 25, 2020, 12:38 PM IST
वक्फ बोर्ड के दस्तावेजों से खत्म हुआ 'बाबरी मस्जिद' का नाम, 76 साल पुराना वक्फ किया गया समाप्त
सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (Sunni Central Waq Board) ने बाबरी मस्जिद नाम अपने दस्तावेजों से हटा दिया है.

सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (Sunni Central Waqf Board) 26 फैजाबाद (26 Faizabad) के नाम से दर्ज बाबरी मस्जिद (Babri Mosque) को अपने अभिलेखों से हटाने के बाद अब इसका प्रमाण पत्र सुप्रीम कोर्ट को देगा. साथ ही प्रमाण पत्र केंद्र और प्रदेश सरकार को भी दिया जाएगा

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (Sunni Central Waqf Board) ने राज्य सरकार की तरफ से अयोध्या (Ayodhya) के रौनाही में दी गई पांच एकड़ जमीन लेने का फैसला किया है. बोर्ड ने उस जमीन पर ट्रस्ट बनाकर मस्जिद (Mosque) के साथ कई दूसरी चीजों के निर्माण की बात कही है. सोमवार को लखनऊ में हुई बैठक में एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया लिया गया. वो फैसला था, बाबरी मस्जिद (Babri Masjid) को अपने सरकारी अभिलेखों से हटाने का.

सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ज़ुफर फारूकी (Zufar Faruqui) ने न्यूज़ 18 को बताया कि सोमवार को बोर्ड की बैठक के बाद 26 फैजाबाद वक्फ को अपने सरकारी अभिलेखों से हटा दिया गया है. उन्होंने बताया कि मिडिएशन कमेटी में कोई हल न निकलने के बाद से सुन्नी बोर्ड कहता आ रहा था कि वो सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पूरा सम्मान करेगा और बोर्ड आज भी अपने उसी स्टैंड पर कायम है.

1944 में दर्ज किया गया था वक्फ 26 फैजाबाद 
बता दैं कि 26 फैजाबाद (26 Faizabad) नाम के इस वक्फ को बोर्ड में 76 साल पहले यानी वर्ष 1944 में दर्ज किया गया था. 1944 में तत्कालीन सरकार के वक्फ सर्वे कमिश्नर ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में 26 फैजाबाद नाम की वक्फ को दर्ज कराया था. वक्फ बोर्ड ने सोमवार को हुई बैठक में अयोध्या के रौनाही में पांच एकड़ जमीन लेने के निर्णय के बाद अब 26 फैजाबाद नाम से दर्ज वक्फ संपत्ति बाबरी मस्जिद को डिलीट करने का फैसला किया.



बोर्ड ने इस फैसले से पहले इस पूरे मामले को अपने विधि विशेषज्ञों से सुप्रीम कोर्ट के फैसले का गहन अध्ययन कराया और फिर कानूनी विशेषज्ञों से राय मिलने के बाद बोर्ड ने रौनाही में पांच एकड़ जमीन लेने पर सहमति बनने के बाद 26 फैजाबाद को अपने बही खाते से डिलीट कर, मंदिर-मस्जिद विवाद को पूरी तरह से खत्म कर दिया है.

बोर्ड सुप्रीमकोर्ट के साथ सरकार को देगा प्रमाणपत्र
वक्फ बोर्ड ने नौ नवंबर को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले और पांच फरवरी को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ कैबिनेट द्वारा अयोध्या के रौनाही इलाके में सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन देने के फैसले का जिक्र किया था. सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड 26 फैजाबाद के नाम से दर्ज बाबरी मस्जिद को अपने अभिलेखों से डिलीट करने के बाद अब इसका प्रमाण पत्र सुप्रीम कोर्ट को देगा. साथ ही प्रमाण पत्र केंद्र और प्रदेश सरकार को भी दिया जाएगा.

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First published: February 25, 2020, 12:16 PM IST
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