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अभी जेल में ही रहेंगे नसीमुद्दीन सिद्दीकी और राम अचल राजभर, जमानत पर 22 जनवरी को सुनवाई

UP: बसपा के पूर्व महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी व राम अचल राजभर गिरफ्तार (File photo)
UP: बसपा के पूर्व महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी व राम अचल राजभर गिरफ्तार (File photo)

नसीमुद्दीन सिद्दीकी और राम अचल राजभर ने मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट (MP MLA Court) में सरेंडर किया था. यहां से कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया था. हालांकि दोनों नेताओं ने सरेंडर के साथ अंतरिम जमानत की अर्जी भी डाली थी. लेकिन ये खारिज हो गई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 20, 2021, 6:47 PM IST
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लखनऊ. बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह के परिवार की महिलाओं और उनकी बेटी पर अमर्यादित टिप्पणी के मामले में मंगलवार को जेल भेजे गए बसपा के पूर्व महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी (Nasimuddin Siddiqui) और राम अचल राजभर (Ram Achal Rajbhar) फिलहाल अभी और दिन जेल में गुजारने होंगे. उनकी जमानत याचिका पर 22 जनवरी को सुनवाई होगी. एमपी/एमएलए कोर्ट (MP-MLA Court) में नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई होगी.

अंतरिम जमानत अर्जी हो चुकी है खारिज

बता दें मंगलवार को दोनों नेताओं ने एमपी-एमएलए कोर्ट में सरेंडर किया था. यहां से कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया था. हालांकि दोनों नेताओं ने सरेंडर के साथ अंतरिम जमानत की अर्जी भी डाली थी. लेकिन कोर्ट ने सुनवाई के बाद अंतरिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी थी. इससे पहले दोनों नेताओं को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित करते हुए उनकी संपत्ति को कुर्क करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने इस मामले में लखनऊ के इंस्पेक्टर हजरतगंज को 20 फ़रवरी तक कुर्की की आख्या भी पेश करने का आदेश दिया था.




ये भी हैं आरोपी

बसपा के तत्कालीन राष्ट्रीय सचिव मेवा लाल गौतम, अतर सिंह राव, नौशाद अली भी इस मामले में अभियुक्त हैं. 12 जनवरी को सभी अभियुक्तों के खिलाफ 508, 509, 153a, 34, 149 और पॉक्सो एक्ट में चार्जशीट दाखिल हुई थी. बता दें बसपा सुप्रीमो के खिलाफ बीजेपी नेता की अमर्यादित टिप्पणी के बाद भड़के बसपा नेताओं ने लखनऊ में प्रदर्शन किया था. इस दौरान दयाशंकर की पत्नी स्वाति सिंह, मां तेतरी देवी और नाबालिग बेटी को लेकर अभद्र टिप्पणी की गई थी. मामले में 22 जुलाई 2016 को दयाशंकर सिंह की मां तेतरी देवी ने हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी.

इसलिए कोर्ट हुआ सख्त

बता दें हजरतगंज थाने में दर्ज इस मामले में नसीमुद्दीन सिद्दीकी और राम अचल राजभर को पेश होना था. लेकिन वारंट जारी होने और भगोड़ा घोषित होने के बाद भी दोनों कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए और हाजिरी माफ़ी और तारीख बढ़ाने की अर्जी दी. इस पर कोर्ट ने कहा कि यह अर्जी पोषणीय नहीं है. वहीं अन्य तीन आरोपी मेवा लाल गौतम, अतर सिंह राव, नौशाद अली कोर्ट में पेश हुए थे.
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