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गरीबी की दास्तां सुनाते हुए बोले यूपी कांग्रेस के नए अध्यक्ष- मैंने सिनेमा का टिकट तक ब्लैक किया

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 11, 2019, 5:06 PM IST
गरीबी की दास्तां सुनाते हुए बोले यूपी कांग्रेस के नए अध्यक्ष- मैंने सिनेमा का टिकट तक ब्लैक किया
अजय कुमार लल्लू ने संभाला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का पदभार

लखनऊ (Lucknow) में मीडिया व कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अजय कुमार लल्लू (Ajay Kumar Lallu) ने कहा मैं तमकुही की जनता के आशीर्वाद से इस मुकाम तक पहुंचा.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (Uttar Pradesh Congress Committee) के नए प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू (Ajay Kumar Lallu) ने शुक्रवार को लखनऊ (Lucknow) में पदभार ग्रहण करने के बाद भावुक हो गए. लखनऊ पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए अजय कुमार लल्लू ने कहा कि उन्होंने गरीबी को झेला है. उन्होंने कहा कि वे फटी पैंट पहनकर स्कूल जाते थे. यहां तक कि एक समय उन्होंने पैसों के लिए सिनेमा का टिकट तक ब्लैक किया.

लखनऊ में मीडिया व कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए लल्लू ने कहा, "मैं तमकुही की जनता के आशीर्वाद से इस मुकाम तक पहुंचा. मैंने गरीबी की दांस्ता को झेला है. मेरे पिता कर्जदार थे. लोग घर आकर गाली देकर निकल जाते थे. मैं फटी हुई पैंट पहनकर पढ़ाई करने जाता था. एक समय में मैंने सिनेमा हॉल का टिकट तक ब्लैक किया."

प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद आज अजय कुमार लल्लू रोडवेज बस पर सवार होकर लखनऊ पदभार ग्रहण करने पहुंचे थे. लखनऊ में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया, प्रमोद तिवारी और निर्मल खत्री समेत तमाम पदाधिकारी मौजूद थे.

कौन हैं अजय कुमार लल्लू?

अजय कुमार लल्लू मौजूदा यूपी विधान सभा मे कुशीनगर जिले की तमकुही राज सीट से कांग्रेस के विधायक हैं. अजय, साल 2012 में पहली बार विधायक चुने गए थे तब उन्होंने भाजपा के नंद किशोर मिश्रा को 5860 वोटों से हराया था, लेकिन दिनों दिन उनकी लोकप्रियता बढ़ती रही. यही वजह रही कि 2017 के भाजपा लहर में भी उन्होंने न सिर्फ अपनी सीट बचाये रखी बल्कि 2012 से ज्यादा बड़े अंतर से उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी को हराया. साल 2017 में अजय ने भाजपा के जगदीश मिश्रा को 18 हजार 114 वोटों से मात दी. उनकी इसी सफलता को देखते हुए उन्हें विधानसभा मे कांग्रेस विधायक दल का नेता भी चुन गया और अब अध्यक्ष बनाया गया है.

2007 में हार के बाद दिल्ली में की मजदूरी

साल 2007 के विधानसभा चुनाव में कुशीनगर से चुनाव लड़ा. उनके उज्जवल भविष्य की घोषणा उस वक्त एक बुजुर्ग व्यक्ति ने की थी जब वे आजादनगर कस्बे में एक नौजवान निर्दल उम्मीदवार के तौर पर भाषण दे रहे थे. एक जोशीला भाषण उन्होंने दिया था. तभी पीछे से एक बुजुर्ग की आवाज़ आई- ई बार त ना, पर अगली बार बेटा विधायक बनबे. हुआ भी ऐसा ही. चुनाव का रिजल्ट आया और निर्दल उम्मीदवार कुछ हज़ार वोटों पर सिमट गया. हारा हुआ नौजवान था- अजय कुमार लल्लू. एक स्थानीय कॉलेज का छात्र संघ अध्यक्ष. जिले के हर मुद्दे पर पुलिस से भिड़ने वाला. संघर्ष इतना पक्का कि अजय कुमार को कब लोग धरना कुमार कहने लगे किसी को ये महसूस ही नहीं हो पाया. हार के बाद लल्लू दिल्ली कमाने चले गए. वहां उन्होंने मजदूरी की. लेकिन उनका भाग्य पीछा नहीं छोड़ रहा था. कुशीनगर से बार-बार लोग अपनी समस्याओं को लेकर उन्हें फोन करते और उन्हें वापस बुलाते. फिर आखिरकार लल्लू भी अपने लोगों के बीच पहुंच गए.
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(इनपुट: राजीव प्रताप सिंह)

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First published: October 11, 2019, 4:04 PM IST
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