भीषण गर्मी के लिहाज से अगले 48 घंटे हैं UP पर भारी, टूट सकते हैं रिकॉर्ड, 30 मई से मिलेगी राहत
Allahabad News in Hindi

भीषण गर्मी के लिहाज से अगले 48 घंटे हैं UP पर भारी, टूट सकते हैं रिकॉर्ड, 30 मई से मिलेगी राहत
मौसम विभाग का कहना है कि आज एक बार फिर से मॉनसून के आने का आकलन किया जाएगा

मौसम विभाग (Met Department) ने अगले दो दिनों के लिए भीषण हीट वेब्स (Heat Waves) की भविष्यवाणी जारी भी की है. बुन्देलखण्ड के जिलों में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. बांदा (Banda) मंगलवार को देश का दूसरा सबसे गर्म शहर था. यहां तापमान 48 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है.

  • Share this:
लखनऊ. सूरज की चाल बता रही है कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) पर अगले 48 घंटे गर्मी (Heat) के लिहाज से भारी रहने वाले हैं. संभावना इस बात की है कि इस साल की सबसे तेज गर्मी अगले 2 दिनों में यूपी में पड़ने वाली है. पारा नए रिकार्ड कायम कर सकता है. बुन्देलखंड (Bundelkhand) में इसका सबसे ज्यादा प्रकोप देखने को मिल सकता है.

अगले दो दिन यानी 28 और 29 मई को प्रदेश में साल की सबसे तेज गर्मी पड़ सकती है. अब तक जो गर्मी नहीं पड़ी, उसकी संभावना अगले दो दिनों में दिखाई दे रही है. तापमान एक नयी ऊंचाई पर जा सकता है. मौसम विभाग (Met Department) ने अगले दो दिनों के लिए भीषण हीट वेब्स (Heat Waves) की भविष्यवाणी जारी भी की है. बुन्देलखण्ड के जिलों में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. बांदा (Banda) मंगलवार को देश का दूसरा सबसे गर्म शहर था. यहां तापमान 48 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है.

पिछले सालों के आंकड़े दे रहे गवाही



हम ऐसा क्यों कह रहे हैं? इसे मौसम विभाग के आंकड़ों से आसानी से समझा जा सकता है. पिछले सालों के आंकड़ों को गौर से देखें तो पता चलता है कि मई के महीने में ही सबसे ज्यादा तापमान चढ़ा है. गर्मी इसी महीने के आखिर में सबसे तेज पड़ती है और नये रिकार्ड कायम करती है.
वाराणसी में सबसे ज्यादा तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड 23 मई 1998 का है. इसी तरह प्रयागराज में अब तक सबसे ज्यादा तापमान 48.4 डिग्री सेल्सियस भी 30 मई 1994 को दर्ज किया गया. झांसी का भी ऑल टाइम रिकॉर्ड 48.2 डिग्री सेल्सियस 20 मई 1984 का है. ऐसे में कहा जा सकता है कि इस साल भी मई के बचे दिनों में ही तापमान के सबसे ज्यादा चढ़ने की संभावना है यदि ऐसा होता है तो. जून के पहले हफ्ते में भी इसकी संभावना है लेकिन, बहुत कम.

30 मई से बदल जाएगा मौसम

अब मई को खत्म होने में चंद दिन दिन बचे हैं. 30 मई को पूरे प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से आंधी बारिश की संभावना है. ऐसे में तापमान नीचे ही आयेगा. तो बचे सिर्फ दो ही दिन यानी 28 और 29 मई. इन्हीं दो दिनों में पारा सबसे ज्यादा चढ़ सकता है. मौसम विभाग ने भी बुन्देलखण्ड और आगरा के आसपास भीषण गर्मी की जानकारी दी है.

क्या कहना है मौसम विज्ञानी का

लखनऊ मौसम विज्ञान विभाग में 35 सालों तक मौसम विज्ञानी की सेवा दे चुके रिटायर्ड बीके मिश्रा ने बताया कि जून के महीने से पछुआ हवा की जगह पुरवाई हवा चलने लगती है. रूक-रूक कर प्री-मॉनसून बारिश भी हो जाती है. ऐसे में जून के महीने में तापमान मई के मुकाबले थोड़ा नीचे आ जाता है. हालांकि ह्यूमिडिटी बढ़ने के कारण उमस से बेचैनी जरूर होती है लेकिन, हीट वेब्स का संकट कम हो जाता है. ह्यूमिडिटी की वजह से हवा में मौजूद वाष्प गर्मी को सोख लेते हैं. इससे तापमान नीचे आ जाता है.

तो अगले दो दिनों तक और ज्यादा भीषण गर्मी का सामना करने के लिए तैयार हो जाइये. फिर भी मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मौसम के मिजाज को लेकर सिर्फ संभावनायें जाहिर की जा सकती हैं. इसमें थोड़े बहुत बदलाव की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है.

ये भी पढ़ें:

सीएम योगी का यह फॉर्मूला रहा 'हिट', उद्यमियों ने मांगे 5 लाख वर्कर

केंद्र और महाराष्ट्र सरकार के विवाद में पिस रहे लाखों प्रवासी श्रमिक: मायावती
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज