Nirbhaya Case: 7 साल 3 महीने खिंची कानूनी लड़ाई के वो आखिरी 8.30 घंटे, जानें क्या हुआ पूरी रात
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Nirbhaya Case: 7 साल 3 महीने खिंची कानूनी लड़ाई के वो आखिरी 8.30 घंटे, जानें क्या हुआ पूरी रात
निर्भया गैंगरेप के दोषियों को शुक्रवार (20 फरवरी) तड़के तिहाड़ जेल में फांसी दी गई.

निर्भया केस में दोषियों के फांसी पर चढ़ने के आखिरी 8.30 घंटे तो ऐसे रहे जिसने इस केस से जुड़े लोगों को ही नहीं बल्कि पूरे देश की जनता को रात भर जगाए रखा. कोई सोशल मीडिया तो कोई टीवी से चिपका रहा.

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नई दिल्ली. निर्भया गैंगरेप (Nirbhaya Gangrape) के चारों दोषियों को शुक्रवार (20 मार्च) तड़के 5.30 बजे दिल्ली के तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में पवन जल्लाद ने फांसी पर लटका दिया. करीब 7 साल 3 महीने की ये लड़ाई निर्भया के परिवार के साथ ही अभियोजन पक्ष के वकीलों के लिए खासी मशक्कत भरी रही. यही नहीं, दोषियों के फांसी पर चढ़ने के आखिरी 8.30 घंटे तो ऐसे रहे जिसने इस केस से जुड़े लोगों को ही नहीं, बल्कि पूरे देश की जनता को रातभर जगाए रखा. कोई सोशल मीडिया तो कोई टीवी से चिपका रहा. सभी में फांसी टलने की आशंका, क्योंकि पहले भी ऐसा कई बार हो चुका था. महीनों से वे इस दिन के इंतजार में थे. लिहाजा पल-पल की खबर पर सबकी नजर बनी रही. आइए आपको बताते हैं कि क्या हुआ इन 8.30 घंटों के दौरान...

गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने दोषियों की याचिका खारिज की. दोषियों ने कई कोर्ट में लंबित याचिकाओं का हवाला देते हुए डेथ वारंट रद्द करने की मांग की थी. निचली अदालत ने गुरुवार दोपहर ही अक्षय कुमार सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा के डेथ वारंट रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी. इसके बाद तय हो गया कि शुक्रवार (20 मार्च) सुबह 5.30 बजे चारों आरोपियों को फांसी पर चढ़ा दिया जाएगा. लेकिन कहानी में अभी और मोड़ आने बाकी थे.

हाईकोर्ट में अपील और शुरू हुई आखिरी जंग



निर्भया के दोषियों के वकील एपी सिंह ने फांसी रुकवाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया. दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस मनमोहन सिंह की पीठ ने रात 9 बजे सुनवाई शुरू की. दोषियों की तरफ से वकील एपी सिंह और शम्स ने तमाम जिरह की और कोशिश की कि फांसी पर रोक लग जाए, लेकिन जस्टिस मनमोहन सिंह और जस्टिस संजीव नरूला की पीठ ने रात 12 बजे तक पूरी दलील सुनने के बाद याचिका पर फैसला दे दिया. कोर्ट ने कहा कि आपकी याचिका में कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है. याचिका में कोई इंडेक्स नहीं, मेमो नहीं, कोई सामग्री नहीं है. इसलिए आपकी याचिका खारिज की जाती है.



हाईकोर्ट से अपील खारिज होने पर बोलीं निर्भया की मां...

हाईकोर्ट ने अपील खारिज की तो निर्भया का परिवार उत्साहित हुआ, लेकिन निर्भया की मां को पहले ही वकील एपी सिंह पर भरोसा नहीं था. उन्होंने कहा कि ये अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. जहां जाना है जाएं, हमें पूरी उम्मीद है कि हमें आज न्याय मिलेगा. फांसी होगी.

वकील पहुंचे SC के मेंशनिंग रजिस्ट्रार के घर, सुनवाई 2.30 बजे तय

हाईकोर्ट से अपील खारिज होने के बाद वकील एपी सिंह रात करीब 1 बजे किदवई नगर में सुप्रीम कोर्ट के मेंशनिंग रजिस्ट्रार के घर पर पहुंचे. यहां उन्होंने पवन गुप्ता की याचिका पर रात में सुनवाई के अनुरोध किया. उधर, सुप्रीम कोर्ट में मेंशनिंग ब्रांच स्टाफ, सिक्योरिटी स्टाफ, मीडियाकर्मी, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस भानुमति व अन्य दो जज मामले की सुनवाई के लिए एपी सिंह के इंतजार में पहले से थे. मेंशनिंग रजिस्ट्रार ने एपी सिंह की अपील स्वीकार कर ली और दोषी पवन गुप्ता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में रात 2.30 बजे सुनवाई तय की.

सुप्रीम कोर्ट में एंट्री को लेकर धरने पर बैठे वकील एपी सिंह

उधर, फांसी का समय सुबह 5.30 था, तो लोगों की धड़कनें बढ़ गईं कि कहीं देर न हो जाए. निर्भया की मां भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गईं. यहां सुनवाई से ऐन पहले सिक्योरिटी ने एपी सिंह को सिर्फ 3 वकीलों के साथ ही एंट्री करने की इजाजत दी, जिसके बाद एपी सिंह कुछ देर के लिए गेट पर ही धरने पर बैठ गए. आखिरकार उन्हें 6 वकीलों के साथ प्रवेश दिया गया.

घंटे भर की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने मामले में सुनवाई शुरू की. सुनवाई शुरू हुई और वकील एपी सिंह ने वही तर्क पेश किए, जो हाईकोर्ट में दिए थे. करीब एक घंटे की सुनवाई में जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एएस बोपन्ना की तीन न्यायाधीशों वाली बेंच ने कहा कि इस अदालत का स्पष्ट मानना है कि दया याचिका पर राष्ट्रपति के फैसले की समीक्षा की गुंजाइश बहुत सीमित है. शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता की यह दलील उचित नहीं है कि अदालतों द्वारा उस़के किशोर यानी जुवेनाइल होने की दलील पर विचार नहीं किया गया. अदालत ने पाया कि यह विधिवत विचार किया गया और इसके बाद अदालतों द्वारा खारिज कर दिया गया.

3 बजकर 32 मिनट पर खारिज हुई याचिका और..

आखिरकार कोर्ट ने राष्ट्रपति द्वारा दोषी पवन की दया याचिका की खारिज करने के खिलाफ दायर की गई याचिका खारिज कर दी. सुबह 3.32 मिनट पर याचिका खारिज होते ही यह साफ हो गया कि अब फांसी में कोई अड़चन नहीं है. इसके बाद सुबह 5.30 बजे चारों दोषियों को फांसी पर चढ़ा दिया गया. फांसी हो जाने की खबर आते ही तिहाड़ जेल के बाहर जश्न का माहौल हो गया. इस पूरी घटना के साक्षी बनने के लिए जेल के बाहर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा.

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First published: March 20, 2020, 8:31 AM IST
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