OPINION: सोशल मीडिया के 'दम' पर 2022 में उत्तर प्रदेश फतह करने में जुटी कांग्रेस!

वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और डिजिटल माध्यमों पर अपने आप को मजबूत किया है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और डिजिटल माध्यमों पर अपने आप को मजबूत किया है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

सोशल मीडिया (Social Media) पर आम आदमी पार्टी (AAP) और बीजेपी शुरुआत से ही काफी प्रभावी हैं. लेकिन इस क्षेत्र में कमतर आंकी जाने वाली कांग्रेस ने कोरोना वायरस (Corona Virus) संकट के दौरान आक्रामक और प्रभावशाली तरीके से लोगों तक अपनी बात पहुंचा कर सत्ता पक्ष के लिए नई चुनौतियां पेश कर रही है

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 3, 2021, 9:41 PM IST
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नई दिल्ली. आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) की आहट के साथ ही सोशल मीडिया (Social Media) पर सभी राजनीतिक पार्टियों के डिजिटल लड़ाकों ने अपनी कमर कस ली है. आम आदमी पार्टी (AAP) की हालिया एंट्री के बाद कांग्रेस का अचानक विभिन्न तरीकों से प्रदेश सरकार पर हमलावर हो जाना इस बात का सबूत है कि 2022 की रणभेरी बज चुकी है. सोशल मीडिया पर आप और बीजेपी शुरुआत से ही काफी प्रभावी हैं. लेकिन इस क्षेत्र में कमतर आंकी जाने वाली कांग्रेस ने कोरोना वायरस (Corona Virus) संकट के दौरान आक्रामक और प्रभावशाली तरीके से लोगों तक अपनी बात पहुंचा कर सत्ता पक्ष के लिए नई चुनौतियां पेश कर रही है.

सत्ता पक्ष को डिजिटल अखाड़े में अपने नए दांव से कम समय में कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम ने जिस प्रकार से घिरा है वो विशेषज्ञों को हैरान करने वाला है. हाल ही में 'गाय बचाओ, किसान बचाओ' अभियान में जिस प्रकार से सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक पर सत्ता पक्ष को घेरकर हो-हल्ला मचाया गया, उसके परिणामस्वरूप प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू से लेकर अन्य कांग्रेसी नेताओं को सरकार द्वारा आनन-फानन में गिरफ्तार करना पड़ा.

यह पहला मौका था जब गाय के मुद्दे पर कांग्रेस ने सत्ता पक्ष को बैकफुट पर धकेलने का काम किया. मृत गायों से लेकर बदहाल गौशालाओं की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं. कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा प्रदेश कांग्रेस और विशेष रूप से सोशल मीडिया विभाग की सीधी मॉनिटरिंग से बीते छह महीने के दौरान काफी क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल रहे हैं.

'गाय बचाओ, किसान बचाओ' कैंपेन की धमक जमीन तक
कांग्रेस के सोशल मीडिया स्टेट कोऑर्डिनेटर रनीश जैन के मुताबिक बुंदेलखंड क्षेत्र की गौशाला और किसानों की बदहाली का मुद्दा राज्य सरकार को बैकफुट पर डालने वाला रहा है. क्षेत्रीय नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, राहुल रिछारिया आदि की गिरफ्तारी सरकार की बौखलाहट का सबूत है. उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की सोशल मीडिया विभाग की ताकत है कि महोबा के व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड में फरार चल रहे आईपीएस मणिलाल पाटीदार का मुद्दा सरकार के गले की फांस बन चुकी है.

महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण पर रोज खुल रही सरकार की पोल

स्टेट कोऑर्डिनेटर अनुज शुक्ला का मानना है कि महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण पर सरकार के हवाई दावे और जमीनी हकीकत में भयंकर विरोधाभास है. उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर महिला अपराध की खबरों की भरमार है. ठीक उसी प्रकार न्यायालयों में भी ऐसे मामले अटे पड़े हैं जो अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश के दावों की पोल खोल रहे हैं.



कोरोना काल में बेरोजगारी, महंगाई जैसे मुद्दों पर सड़कों पर उतरने के बजाए कांग्रेस ने अपने आईटी सेल के जरिए स्पीक अप कैंपेन चलाया, जिसे देशभर में सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर जनता का भरपूर समर्थन मिला.

कांग्रेस आईटी सेल की ओर से लॉकडाउन की शुरुआत से लेकर आज तक 10 से ज्यादा स्पीक अप कैंपेन चलाए गए हैं, जिस पर कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता वीडियो संदेश के जरिए अपनी बात रखते हैं, आईटी सेल की ओर से चलाए गए स्पीक अप कैंपेन सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड हुए. इसके अलावा कांग्रेस अपना लंबा चौड़ा इतिहास जनता तक पहुंचाने के लिए 'देश की धरोहर' नाम से सीरीज चला रही है, जिसमें पार्टी अपना गौरवशाली इतिहास सोशल मीडिया के जरिए जनता तक पहुंचा रही है.

इन स्पीक अप कैंपेन को मिली सफलता

कोरोना काल में कांग्रेस के केंद्रीय आईटी सेल की ओर से चलाए गए स्पीक अप कैंपेन के जरिए जिन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है, उनमें #SpeakUpForStudentSafety, .#SpeakUpForJawan, #SpeakUpForFarmers, .#SpeakUpAgainstDeMoDisaster, #SpeakUpForWomenSafety, .#SpeakUpForJobs, #SpeakUpForDemocracy, #SpeakUpForStudents, #SpeakUpAgainstFuelHike, #SpeakUpForOurJawans जैसे कैंपेन खूब ट्रेंड हुए. इन कैंपेन को आम जन का भी खूब सहयोग मिला.

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