फर्जी बाबाओं के बाद अब नकली मौलानाओं की लिस्‍ट जारी होगी

News18Hindi
Updated: September 16, 2017, 2:58 PM IST
फर्जी बाबाओं के बाद अब नकली मौलानाओं की लिस्‍ट जारी होगी
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा राम रहीम को रेप के मामले में सजा मिलने के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने 14 फर्जी बाबाओं की लिस्ट जारी कर सरकार से इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. इसी क्रम में अब आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) भी फर्जी मौलानाओं पर शिकंजा कसने की तैयारी में है.
News18Hindi
Updated: September 16, 2017, 2:58 PM IST
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा राम रहीम को रेप के मामले में सजा मिलने के बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने 14 फर्जी बाबाओं की लिस्ट जारी कर सरकार से इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. इसी क्रम में अब आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) भी फर्जी मौलानाओं पर शिकंजा कसने की तैयारी में है.

न्यूज़18 से बातचीत में AIMPLB के कार्यकारी सदस्य मौलाना खालिद राशीद फिरंगी महली ने कहा कि आजकल टीवी पर बहुत सारे फर्जी मौलाना नजर आ रहे हैं. इन मौलानाओं को इस्लाम और शरियत कानून के बारे में कुछ भी पता नहीं है. ऐसे मौलवियों और मौलानाओं के खिलाफ शिकंजा कसा जाना चाहिए जो मुस्लिम समुदाय और इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं.

फिरंगी महली ने कहा, “ आजकल टीवी पर बहुत सारे मौलाना और मौलवी दिख रहे हैं जिनकी कोई विश्वसनीयता नहीं है. बस उनका काम ये है कि एक टोपी पहनकर और दाढ़ी बढाकर टीवी परिचर्चा में शामिल हो जाते हैं. ऐसे लोग मुस्लिम समुदाय को बदनाम कर रहे हैं. क्योंकि इनके पास इस्लाम और शरिया का कोई ज्ञान नहीं है. मैं जल्द ही ऐसे फर्जी मौलवी और मौलाना के खिलाफ आल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड के समक्ष एक प्रस्ताव रखूंगा कि इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. मेरा यह भी सुझाव है कि टेलीविज़न डिबेट में सत्यापित लोग ही शामिल हों.”

फिरंगी महली ने कहा कि एक बार में तीन तलक और अन्य शरिया कानून का दुरूपयोग भी ये फर्जी मौलवी और मौलाना कर रहे हैं. क्योंकि उन्हें पता है नहीं है कि शरिया कानून में तीन तलाक की क्या प्रक्रिया है.

फर्जी बाबाओं पर नकेल कसने के लिए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के कदम का फिरंगी महली ने स्वागत भी किया. उन्होंने कहा कि जिन लोगों को धर्म की जानकारी नहीं है वे समज में उसे बदनाम करते हैं. ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.
First published: September 16, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर