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UP Panchayat Chunav 2021: हर जिले में घटेंगी सीटें, लेकिन 4 जिलों में बढ़ेंगे प्रधान, समझें पूरा गणित

यूपी पंचायत चुनाव 2021
यूपी पंचायत चुनाव 2021

गोंडा (Gonda) में पिछली बार 1054 प्रधान (Pradhan) चुने गए थे वहीं इस बार ये संख्या 1214 हो जाएगी. ऐसे ही मुरादाबाद (Moradabad) में 588 से 643, संभल (Sambhal) में 556 से बढ़कर 670 और गाजीपुर (Ghazipur) में 1237 से बढ़कर 1238 ग्राम प्रधान हो जाएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 3:17 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में होने वाले पंचायत चुनावों (Panchayat Election) को लेकर तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है. ऐसे में यूपी के 75 जिलों में परिसीमन के बाद साल 2015 की तुलना में पांच सालों में पंचायतों का दायरा सिमट गया है. जिसके चलते जिला पंचायतों के 3120 वार्ड अब घटकर 3051 रह गए हैं. ऐसे में जहां एक तरफ सभी जिलों में ग्राम प्रधानों की संख्या कम हो जाएगी, वहीं यूपी के गोंडा, संभल, मुरादाबाद और गाजीपुर में ग्राम प्रधानों की संख्या बढ़ जाएगी. जानकारी के मुताबिक गोंडा में पिछली बार 1054 प्रधान चुने गए थे वहीं इस बार ये संख्या 1214 हो जाएगी. ऐसे ही मुरादाबाद में 588 से 643, संभल में 556 से बढ़कर 670 और गाजीपुर में 1237 से बढ़कर 1238 ग्राम प्रधान हो जाएंगे.

वहीं इसी बीच इस बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव में खर्च के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है. इस गाइडलाइन ने पंचायत चुनाव में पहली बार उतरने का मन बना रहे लोगों को बड़ी राहत दी है. कारण ये है कि आयोग ने इस बार चुनावी खर्च बेहद कम कर दिया है. पिछले पंचायत चुनाव (2015) में ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने के लिए खर्च की जो अधिकतम सीमा 75 हजार रुपये थी, वह अब घटाकर महज 30 हजार रुपये कर दी गई है.

यही नहीं जिला पंचायत सदस्य के प्रत्याशी को पिछले चुनाव में डेढ़ लाख रुपये खर्च की सीमा निर्धारित थी, वो अब आधी यानी 75 हजार रुपये हो गई है. इसी तरह बीडीसी सदस्य के चुनाव के लिए 25 हजार रुपये, ब्लॉक प्रमुख के लिए 75 हजार रुपये, वार्ड मेंबर के लिए 5 हजार रुपये और जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए दो लाख रुपये की खर्च सीमा निर्धारित की गई है.



निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन में साफ कर दिया गया है कि चुनावी खर्च सीमा से ज्यादा अगर कोई भी प्रत्याशी खर्च करेगा तो उसका उसे लिखित जवाब खर्च के हिसाब के साथ देना होगा. चाहे वह प्रधान पद प्रत्याशी हों या फिर वार्ड मेंम्बर, बीडीसी सदस्य, ब्लाक प्रमुख सहित कोई भी पद हो, सभी को चम्मच से लेकर कुर्सी और दरी तक का हिसाब देना पड़ेगा.
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