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पेंशन की टेंशन: महाहड़ताल पर यूपी के 20 लाख से ज्यादा कर्मचारी, ये सेवाएं रहेंगी ठप

News18 Uttar Pradesh
Updated: February 6, 2019, 10:43 AM IST
पेंशन की टेंशन: महाहड़ताल पर यूपी के 20 लाख से ज्यादा कर्मचारी, ये सेवाएं रहेंगी ठप
पेंशन को लेकर राज्य कर्मचारी हड़ताल पर

उत्तर प्रदेश सरकार ने भी सख्त रुख अख्तियार करते हुए महाहड़ताल को गैरकानूनी घोषित कर एस्मा लगा दिया है. इसके बावजूद करीब 20 लाख कर्मचारी हड़ताल पर अड़े हुए हैं.

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पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर राज्य कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं. बुधवार से शुरू हो रही महाहड़ताल के तहत 200 में से 150 संगठनों के 20 लाख से ज्यादा कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी 'पुरानी पेंशन बहाली मंच' के बैनर तले एक हफ्ते तक हड़ताल पर रहेंगे.

हालांकि शासन ने भी सख्त रुख अख्तियार करते हुए महाहड़ताल को गैरकानूनी घोषित कर एस्मा लगा दिया है. साथ ही कहा है कि हड़ताल पर रहने वाले कर्मचारियों का वेतन भी काटा जाएगा. बावजूद इसके कर्मचारी हड़ताल पर अड़े हुए हैं.

सरकार भी हड़ताल को बेअसर करने के लिए तैयार
सरकार ने सोमवार देर रात एस्मा लगाने के बाद मंगलवार को सभी जिलों में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि इस हड़ताल का असर परीक्षा, निर्वाचन और आवश्यक सेवाओं पर बिल्कुल न पड़े. इस बीच मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव-कार्मिक ने उन सभी कर्मचारी संगठनों के साथ मीटिंग भी की है, जो हड़ताल में शामिल नहीं हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार इनका इस्तेमाल कर हड़ताल को बेअसर साबित करना चाहती है.

एस्मा लगाने के बाद भी कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच हड़ताल के फैसले पर अडिग है. ऐसे में सरकार भी हड़ताल के असर की पड़ताल करना चाहती है. सूत्र के मुताबिक, शुरुआती दिनों में हड़ताल का असर नहीं रहा तो सरकार इसे छह दिन तक चलने देगी. इसके उलट अगर हड़ताल का ज्यादा असर पड़ता है तो सरकार कर्मचारियों पर सख्ती करेगी.

परीक्षाओं और चुनाव की तैयारियों पर पड़ेगा असर
सरकार ने हड़ताल का असर फीका करने के लिए पूरी मशीनरी सक्रिय कर दी है. हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों का दावा है कि हड़ताल की अवधि तक न तो निर्वाचन का काम किया जाएगा, न परीक्षाओं में कोई सहयोग किया जाएगा. गौरतलब यह है कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं सात फरवरी से ही शुरू हो रही हैं, जबकि कर्मचारी बुधवार से हड़ताल पर जा रहे हैं.
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आखिर कितने राज्य कर्मचारी प्रदेश में?
हड़ताल पर जा रहे संगठन और सरकार के समर्थन वाले संगठनों में ही विरोधाभास देखने को मिल रहा है. दोनों ही गुटों का दावा है कि उनके साथ 20 लाख कर्मचारी हैं. कर्मचारी संगठनों के ही मुताबिक, राज्य कर्मचारियों की कुल संख्या करीब 9 लाख है. पेंशनधारकों और शिक्षकों समेत अन्य तबकों को भी जोड़ लिया जाए तो भी यह संख्या 20 लाख तक मुश्किल से ही पहुंचती है.

कर्मचारी-शिक्षक संयुक्त मोर्चा साथ नहीं
कर्मचारी-शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने मंगलवार को मुख्य सचिव से मिलकर हड़ताल पर न जाने की बात कही. दावा है कि कर्मचारी-शिक्षक संयुक्त मोर्चा के 21 संगठनों के सदस्य हड़ताल में शामिल नहीं होंगे. वहीं, मोर्चा संयोजक वीपी मिश्र ने कहा कि सरकार संशोधित आदेश के मुताबिक एनपीएस में वेतन और महंगाई भत्ते का 14% अंशदान देगी. इससे कर्मचारियों को लाभ होगा.

इन्होंने दिया समर्थन
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के संजय सिंह, शिवशंकर पाण्डेय, सुधांशु मोहन, अधिकारी महापरिषद के प्रधान महासचिव एसके सिंह, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव, वाणिज्य कर सेवा संघ के राजवर्धन सिंह, अटेवा के मंत्री प्रदीप सिंह, इंजिनियर्स महासंघ के पूर्व अध्यक्ष विष्णु तिवारी, महासंघ के महामंत्री जीएन सिंह, सीनियर शिक्षक संघ के अध्यक्ष अवधेश मिश्रा, विशिष्ट शिक्षकों के नेता अनुज शुक्ला, राजकीय वाहन चालक महासंघ के अध्यक्ष रामफेर पाण्डेय, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रामराज दुबे, रामनरेश और सुरेश यादव.

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First published: February 6, 2019, 9:33 AM IST
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