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SP दे तलाक, अगर सम्मान होता तो...; अखिलेश संग गठबंधन पर बोले राजभर, कहा- सबसे बढ़िया BSP

SP दे तलाक, अगर सम्मान होता तो...; अखिलेश संग गठबंधन पर बोले राजभर, कहा- सबसे बढ़िया BSP

सपा से गठबंधन तोड़ने के सवाल पर बोले ओपी राजभर - क्या बसपा खराब है

सपा से गठबंधन तोड़ने के सवाल पर बोले ओपी राजभर - क्या बसपा खराब है

OP Rajbhar News: सुभासपा के अध्यक्ष ओपी राजभर ने सपा से गठबंधन से लेकर राष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग जैसे मसलों पर न्यूज18 से बातचीत की. ओम प्रकाश राजभरने कहा कि 12 जुलाई को ये साफ हो जायेगा कि उनके विधायक राष्ट्रपति चुनाव में किस उम्मीद्वार को वोट देंगे, एनडीए की द्रौपदी मुर्मु को या फिर विपक्षी दलों के उम्मीद्वार यशवंत सिन्हा को.

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लखनऊ: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के बीच जितनी मिठास विधानसभा चुनाव से पहले थे, अब उतनी ही कड़वाहट दोनों के बीच दिखाई देने लगी है. यहां तक कि अब दोनों के बीच गठबंधन भी कहने भर का रह गया है. राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अखिलेश यादव ने सहयोगी दलों की जो मीटिंग लखनऊ में बुलाई थी, उसमें ओपी राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को बुलाया तक नहीं गया. जबकि राष्ट्रीय लोक दल के मुखिया जयंत चौधरी मौजूद थे. अब सवाल उठता है कि ओपी राजभर की पार्टी के विधायक राष्ट्रपति चुनाव में किस उम्मीद्वार को वोट देंगे. इसके लिए ओपी राजभर ने 12 जुलाई को विधायकों की बैठक बुलाई है. बता दें कि सुभासपा के 6 विधायक हैं. ओपी राजभर ने न्यूज18 के साथ खास बातचीत में और क्या क्या कहा, आइये जानते हैं.

सवाल – सुना है कि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर गुरुवार को सपा दफ्तर में जो मीटिंग हुई उसमें न बुलाये जाने से आप नाराज हैं?
जवाब – नहीं, ऐसा कुछ नहीं है. मीटिंग का क्रम चलता रहता है.

सवाल – कहा यह भी जा रहा है कि इसी नाराजगी के चलते आपने मऊ में आपात बैठक बुला ली है.
जवाब – नहीं…नहीं, यह बैठक पहले से तय थी. हम हर 15 दिन में समीक्षा बैठक करते हैं. यह बैठक 1 जुलाई तो होनी थी लेकिन बरसात के चलते तब नहीं हुई. आज हो रही है. इसमें संगठन के पदाधिकारी शामिल होते हैं.

सवाल – यशवंत सिन्हा के साथ सपा और उनके सहयोगी दलों की बैठक में आपको क्यों नहीं बुलाया गया ?
जवाब – यह बात तो अखिलेश जी ही बता सकते हैं. हम तो अभी भी गठबंधन में हैं और हमने गठबंधन धर्म निभाने के लिए उपचुनाव में 12 दिन तक लगातार बड़ी मेहनत की.

सवाल – अखिलेश यादव ने आपको न बुलाकर क्या एक और गलती की, क्योंकि आपने कहा था कि उपचुनाव में न जाकर उन्होंने गलती की.
जवाब – अब वो उनका विषय है. अब वो गलती करें या सही करें. वो अपने हिसाब से तो सब सही ही कर रहे हैं ना.

सवाल – क्या मीटिंग में न बुलाना सहयोगी दलों का अपमान नहीं है ?
जवाब – जेकर इज्जत नाई बा, ओकर बेइज्ज्ती का होई. जब समाज में कौनों सम्माने नहीं बा तो अपमान कौने बात के.

सवाल – ऐसा क्यों कह रहे हैं? आप जुझारू नेता हैं और 6 विधायक भी हैं आपके पास
जवाब – समाजवादी पार्टी में अगर सम्मान होता तो जैसा कि आप बता रहे हैं तो वो क्यों नहीं बुलाते. अपमान करने के लिए ही तो नहीं बुला रहे हैं.

सवाल – तो फिर क्यों आप गठबंधन में बने हुए हैं. ऐसी क्या मजबूरी है ?
जवाब – हम उस विचार के हैं कि जब तक वो तलाक न दे दें तब तक डटे रहेंगे.

सवाल – तो अब और कैसे तलाक दें वो ?
जवाब – वो (अखिलेश यादव) कह दें हमसे कि अब हमारे साथ गठबंधन नहीं चलेगा, आपको जो करना है करिये. फिर उसपर विचार आगे किया जायेगा.

सवाल – राष्ट्रपति के चुनाव में किसको वोट करेंगे आप और आपके विधायक ?
जवाब – 12 जुलाई को इसको लेकर हमने विधायकों को मीटिंग के लिए बुलाया है. उस दिन बतायेंगे कि क्या होगा. हो सकता है कि सदबुद्धि आ जाये. भाई, समाजवादी पार्टी गठबंधन के नेताओं को बुलावें, बात करें. जब ये मान लिये हों कि हमलोगों को हारना ही है तब क्या करेंगे बुला के.

सवाल – आप अखिलेश यादव से मिलकर विवाद सुलझा क्यों नहीं लेते ?
जवाब – जब मिलेंगे तब ना. जब वो अपने विधायकों से नहीं मिल पा रहे हैं तो दूसरी पार्टी के विधायकों से क्या मिलेंगे.

सवाल – क्या आपको नहीं लगता कि आप भाजपा के साथ गठबंधन में ही ज्यादा आराम में थे ?
जवाब – अरे क्या बसपा खराब है ? सबसे बढ़िया तो बसपा पार्टी ही है.

सवाल – तो क्या बहन जी से कोई बात हुई है क्या ?
जवाब – नहीं हमारी किसी से बात नहीं होती है. जो सही बात है वही बोलते हैं. लोग उसे दूसरी बात समझते हैं.

Tags: Akhilesh yadav, OP Rajbhar, Uttar pradesh news

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