OBC टू SC के दांव पर ओमप्रकाश राजभर ने योगी को घेरा, कहा- मूर्ख बना रही सरकार

ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अगर सरकार वास्तव में इन 17 जातियों की हमदर्द है तो सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट तत्काल लागू करे.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 3, 2019, 12:59 PM IST
OBC टू SC के दांव पर ओमप्रकाश राजभर ने योगी को घेरा, कहा- मूर्ख बना रही सरकार
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ओमप्रकाश राजभर की फाइल फोटो
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Updated: July 3, 2019, 12:59 PM IST
सूबे की योगी आदित्यनाथ सरकार के 17 ओबीसी जातियों को अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल किए जाने के फैसले को केंद्र सरकार द्वारा असंवैधानिक करार दिए जाने पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि सरकार की मंशा सिर्फ विधानसभा उपचुनावों में वोट लेने की है.

ओमप्रकाश राजभर ने ट्वीट कर कहा कि अगर सरकार वास्तव में इन 17 जातियों की हमदर्द है तो सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट तत्काल लागू करे. भर्तियों में ये अभ्यर्थी किस कोटे से आवेदन करेंगे? राजभर ने लिखा कि उत्तर प्रदेश सरकार 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति का जाति प्रमाणपत्र बनाने का निर्देश दिया है. क्या सरकार यह बताएगी कि इस जाति प्रमाणपत्र से किन-किन क्षेत्रों में इन 17 जातियों को लाभ मिलेगा? जब मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, फिर असंवैधानिक तरीके से इन 17 जातियों को जाति प्रमाणपत्र देकर सरकार इन जातियों को मूर्ख क्‍यों बना रही है? उन्‍होंने सवाल उठाया कि सरकार जो विभिन्न विभागों में भर्ती करने जा रही है, उसमें इन जातियों को SC कोटे में या पिछड़ी जाति में नौकरी मिलेगी? सरकार स्पष्ट करे, ताकि भर्तियों में भ्रम की स्थिति न रहे.

केंद्रीय मंत्री ने उठाए सवाल

दरअसल, केंद्र सरकार ने 17 ओबीसी जातियों को एससी कैटेगरी में शामिल करने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले को सरासर गलत करार दिया है. केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा कि यूपी सरकार का फैसला संविधान के अनुरूप नहीं है, क्योंकि एससी, एसटी और ओबीसी की लिस्ट में बदलाव का अधिकार सिर्फ संसद को है.

इन जातियों को एससी में शामिल करने का दिया था निर्देश

योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 24 जून को डीएम और कमिश्नरों को आदेश दिया था कि वे ओबीसी में शामिल 17 अति पिछड़ी जातियों- कश्यप, राजभर, धीवर, बिंद, कुम्हार, कहार, केवट, निषाद, भार, मल्लाह, प्रजापति, धीमर, बठाम, तुरहा, गोड़िया, मांझी और मचुआ को अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी करें. इस पर कई दिनों से विवाद है. मंगलवार को राज्यसभा में यह मामला उठाते हुए बीएसपी के सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार ने मनमाने तरीके से इन 17 जातियों को एससी की लिस्ट में डाल दिया है, जबकि संविधान के तहत ऐसा करने का अधिकार सिर्फ संसद को है. राष्ट्रपति भी खुद ऐसा नहीं कर सकते. बसपा नेता ने केंद्र से राज्य सरकार को यह ‘असंवैधानिक आदेश’ वापस लेने के लिए परामर्श जारी करने का अनुरोध किया.

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First published: July 3, 2019, 11:42 AM IST
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