UP के 'गरीब' मंत्रियों का टैक्स सरकारी खजाने से भरने पर योगी सरकार ने कही ये बात

दरअसल 1981 में जब वीपी सिंह (VP Singh) यूपी के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने एक एक्ट पास किया था, जिसमें मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों की आय कम और गरीब बताते हुए उनके टैक्स को सरकारी खजाने से भरने का प्रावधान था.

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 13, 2019, 2:46 PM IST
UP के 'गरीब' मंत्रियों का टैक्स सरकारी खजाने से भरने पर योगी सरकार ने कही ये बात
योगी सरकार के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कानून में बदलाव पर विचार की बात कही
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Updated: September 13, 2019, 2:46 PM IST
लखनऊ. करीब चार दशकों से यूपी के मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों के इनकम टैक्स (Income Tax) सरकारी खजाने (Government Treasury) से चुकाए जाने पर सूबे की योगी सरकार (Yogi Government) ने कहा है कि ऐसा नहीं होना चाहिए और इस एक्ट को ख़त्म करने पर विचार किया जाएगा. दरअसल 1981 में जब वीपी सिंह (VP Singh) यूपी के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने एक एक्ट पास किया था, जिसमें मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों की आय कम और गरीब बताते हुए उनके टैक्स को सरकारी खजाने से भरने का प्रावधान था. 1981 में बने इस एक्ट का आज भी पालन हो रहा है. इस बार योगी सरकार के मंत्रियों का 86 लाख रुपए टैक्स सरकारी खजाने से भरा गया है.

न्यूज18 से बातचीत में सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा, " टैक्स की बात संज्ञान में है, जाहिर सी बात है इसपर विचार किया जाएगा. 1981 से कानून बना है. लोगों के टैक्स से मंत्रियों का टैक्स नहीं भरा जाना चाहिए. लेकिन कानून है, इसमें बदलाव की एक प्रक्रिया है, जिसे पूरा करना होगा."

कई मंत्रियों के पास करोड़ों की संपत्ति

कानून में कहा गया है कि राज्य के सीएम और मंत्री अपनी कम वेतन के कारण इनकम टैक्स नहीं भर सकते और वो गरीब हैं. लेकिन चुनाव के दौरान दिए गए राज्य के मंत्रियों के हलफनामे कोई और ही कहानी बयां करते हैं. राज्य में ऐसे कई मंत्री हैं जिन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में बताया है कि उनके पास करोड़ों की चल और अचल संपत्ति है. इसके साथ ही वो महंगी गाड़ियों में घूमने के शौकीन हैं. मुख्यमंत्री और मंत्रियों का टैक्स भरने वाले उत्तर प्रदेश की गिनती देश के सबसे गरीब राज्यों में होती है.​

1981 में बना था कानून

उत्तर प्रदेश मिनिस्टर्स सैलरीज, अलाउंसेस और मिसलेनियस एक्ट, 1981 में बना था. तब विश्वनाथ प्रताप सिंह राज्य के मुख्यमंत्री थे. तब से राज्य में अलग-अलग पार्टियों से 19 मुख्यमंत्री बन चुके हैं, जिसमें समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव, बहुजन समाज पार्टी से मायावती, कांग्रेस से नारायण दत्त तिवारी, बीजेपी से कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह और अब योगी आदित्यनाथ शामिल हैं. इतना ही नहीं कानून लागू होने के बाद से राज्य में लगभग एक हजार मंत्री भी बन चुके हैं.

वीपी सिंह ने कहा था- मंत्री गरीब और उनकी आय कम
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जब इस बिल को पास कराने के लिए विधानसभा में रखा गया था तब वीपी सिंह ने सदन में कहा था कि राज्य सरकार को मंत्रियों के इनकम टैक्स भरने चाहिए क्योंकि ज्यादातर मंत्री गरीब हैं और उनकी आय बेहद कम है.

सीएम योगी और मंत्रियों का टैक्स भी सरकारी खजाने से

पिछले दो वित्त वर्ष से योगी सरकार के मंत्रियों का भी इनकम टैक्स राज्य के सरकारी खजाने से ही भरा जा रहा है. इस वित्त वर्ष में सीएम योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्रिपरिषद का बिल 86 लाख रुपए आया, जिसे सरकार की तरफ से दिया गया. राज्य के प्रमुख सचिव (वित्त) संजीव मित्तल ने इस बात की पुष्टि की है कि सीएम और मंत्रिपरिषद का इनकम टैक्स 1981 के एक्ट के मुताबिक राज्य सरकार द्वारा भरा जाता है.

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First published: September 13, 2019, 2:46 PM IST
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