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UP में 9 साल से नहीं मिला पोलियो का कोई मरीज, इस वजह से फिर शुरू हुआ महाभियान
Lucknow News in Hindi

Alauddin | News18 Uttar Pradesh
Updated: January 19, 2020, 11:36 AM IST
UP में 9 साल से नहीं मिला पोलियो का कोई मरीज, इस वजह से फिर शुरू हुआ महाभियान
एक बार फिर शुरू हुआ पोलियो के खिलाफ अभियान

दरअसल उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में पोलियो का कोई केस पिछले 8 साल 11 महीने से नहीं मिला है, लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में लगातार पोलियो के केस मिल रहे हैं.

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लखनऊ. "दो बूंद जिंदगी की" यह कहावत सिर्फ और सिर्फ पल्स पोलियो (Pulse Polio) अभियान के लिए इजाद हुई थी. प्रदेश के लिए यह सुखद अनुभूति है कि 27 मार्च 2014 से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में कोई भी केस पोलियो का नहीं मिला है. इसी के मद्देनजर डब्ल्यूएचओ (WHO)ने सूबे को पहले ही पोलियो मुक्त घोषित कर दिया है. उत्तर प्रदेश में पोलियो का अंतिम मामला 21 अप्रैल 2010 को फिरोजाबाद में मिला था. उत्तर प्रदेश के परिवार कल्याण विभाग ने डब्ल्यूएचओ के साथ मिलकर प्रदेश को पोलियो मुक्त बनाया है.

फिर क्यों शुरू हुआ अभियान

दरअसल उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में पोलियो का कोई केस पिछले 8 साल 11 महीने से नहीं मिला है, लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में लगातार पोलियो के केस मिल रहे हैं. साल 2019 में भी पाकिस्तान और अफगानिस्तान पोलियो मुक्त नहीं हो पाया. पड़ोसी देशों में मिलने वाले पोलियो के वायरस की वजह से डब्ल्यूएचओ के निर्देश पर देश भर में अभी भी अभियान चलाए जाने पर बल दिया गया है. आज उत्तर प्रदेश में चल रहे पोलियो के महा अभियान में तीन करोड़ 40 लाख बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी. इन बच्चों तक पहुंचने के लिए 1 लाख 10 हज़ार पोलियो बूथ बनाए गए हैं जबकि घर घर जाने के लिए हजारों की संख्या में टीम का भी गठन अलग से किया गया है.

घुमंतू लोगों के लिए खास व्यवस्था



सरकार ने घुमंतु जातियों, मलिन बस्तियों, ईट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों, निर्माणाधीन स्थलों पर काम करने वाले लोगों के लिए अलग से पोलियो के महा अभियान में शामिल होने के लिए कर्मचारियों की व्यवस्था की है. सिर्फ लखनऊ की बात करें तो जिले में 3 लाख 40 हज़ार बच्चों को पोलियो पिलाने का लक्ष्य रखा गया है.

पल्स पोलियो महाअभियान के बारे में न्यूज़18 से बातचीत करते हुए लखनऊ के मुख्य अधिकारी डॉ नरेंद्र अग्रवाल ने कहा "हालांकि हमारा प्रदेश और देश 8 साल 11 महीने से पोलियो मुक्त है लेकिन पड़ोसी देशों में हालात ठीक ना होने के मद्देनजर हम यह अभियान चला रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ WHO का सहयोग पूरा मिल रहा है".

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान, नाइजीरिया, सोमालिया, कीनिया, सीरिया इथोपिया और कैमरून में 2019 तक पोलियो के केसेज मिले हैं. डब्ल्यूएचओ यह कोशिश कर रहा है की "दो बूंद जिंदगी" के सहारे पूरे विश्व को पोलियो मुक्त किया जा सके.

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First published: January 19, 2020, 11:36 AM IST
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