‘ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीट’ की नीति से UP में हारा कोरोना, 24 घंटे में मिले 1,175 पॉजिटिव, कुल टेस्ट 3.19 लाख

योगी मॉडल के आगे हार रहा कोरोना (File photo)

योगी मॉडल के आगे हार रहा कोरोना (File photo)

‘Triple T’ Yogi Model: राज्य में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर लगातार बढ़ रही है. वर्तमान में यह दर बढ़कर लगभग 97.3 प्रतिशत हो गई है. प्रदेश में कोरोना संक्रमण की पॉजिटिविटी दर में भी कमी देखी जा रही है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के सीएम योगी के 3T यानी ‘ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीट’ (Trace, Test And Treat) की नीति से प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम में बड़ी सफलता मिल रही है. शुक्रवार को 3.19 लाख टेस्ट के बावजूद पिछले 24 घंटे में सिर्फ 1175 पॉजिटिव केस मिले. अब रिकवरी रेट भी 97.4 प्रतिशत हो गई है. अब तक कुल 5 करोड़ से ज्यादा टेस्ट हो चुके हैं.

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश के 2 जिलों में अब जीरो केस हैं, जबकि 37 जिलों में सिर्फ सिंगल डिजिट में केस सामने आए है. शेष जिलों में डबल डिजिट में केस हैं. उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों ने पीक टाइम में एक लाख से अधिक केस रोज आने की आशंका जताई थी. लेकिन 3T फार्मूले से टेस्ट बढ़ रहे हैं और पॉजिटिव केस कम हुए हैं.

एक्टिव केस लगातार घट रहे

बीते 24 घंटे में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 1,268 मामले प्रकाश में आए हैं. इसी अवधि में 4,260 संक्रमित व्यक्तियों का सफल उपचार करके डिस्चार्ज किया गया है. प्रदेश में 30 अप्रैल, 2021 को संक्रमण के अब तक के सर्वाधिक एक्टिव मामले 3,10,783 थे. वर्तमान में संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 25,546 हो गयी है. इस प्रकार विगत 30 अप्रैल के सापेक्ष एक्टिव मामलों की संख्या में 2,85,237 की कमी आयी है.
तेजी से कोरोना पर काबू

राज्य में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर लगातार बढ़ रही है. वर्तमान में यह दर बढ़कर लगभग 97.3 प्रतिशत हो गई है. प्रदेश में कोरोना संक्रमण की पॉजिटिविटी दर में भी कमी देखी जा रही है. राज्य में पिछले 24 घंटे में 3,40,411 कोविड टेस्ट सम्पन्न हुए हैं. प्रदेश में अब तक 5 करोड़ 4 लाख 5 हजार 30 कोविड टेस्ट किए जा चुके हैं.

सामुदायिक रसोई करा रही लोगों को निशुल्क भोजन



योगी सरकार की ओर से कोविड अस्पतालों में भी मरीजों के तीमादारों के लिए कम्युनिटी किचन (Community Kitchen) बनवाए गए हैं. सरकार की पहल को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के सभी नगर निगमों ने सामुदायिक रसोई की शुरुआत की है. इसके माध्यम से शहर में बस्तियों और जरूतमंदों को रोजाना भोजन कराया जा रहा है. महापौर, पार्षद और नगर निगम कर्मचारी इस काम में तेजी से जुटे हुए हैं.

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