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बिखरी सपा के यादव वोट बैंक पर विपक्षियों की नजर, युवाओं को लुभाने का चल रहा काम

बिखरी सपा के यादव वोट बैंक पर विपक्षियों की नजर, युवाओं को लुभाने का चल रहा काम

Photo: Pradesh18

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समाजवादी पार्टी में इन दिनों घमासान चरम पर है. पार्टी अखिलेश और मुलायम दो हिस्सों में बंट चुकी है. सपा में इस फूट की खबरों ने विरोधी पार्टियों को काफी उत्साहित कर दिया है. सबकी नजर अब समाजवादी पार्टी के परंपरागत परंपरागत यादव और मुस्लिम मतदाताओं पर है. वैसे मु​स्लिम मतदाता को लुभाने को लेकर बसपा और कांग्रेस पहले से ही तमाम हथकंडे अपनाती रही हैं, लेकिन अब सपा के सबसे अहम यादव वोट बैंक पर पार्टियों ने नजर गड़ा दी है.

भाजपा पहले ही पूरे प्रदेश में करीब 200 पिछड़ा वर्ग सम्मेलन कर चुकी है, जिसमें लगभग 98 लाख से ज्यादा लोगों ने भागीदारी की है. ज्यादातर सम्मेलन में पार्टी ने गैर यादव पिछड़ी जातियों पर ही ध्यान केंद्रित रखा लेकिन समाजवादी पार्टी में उठे तूफान को देखते हुए उसकी नजर प्रदेश के करीब 6 फीसदी यादव वोट पर भी टिक गई है.

पार्टी सूत्रों के अनुसार पार्टी में चर्चा है कि अभी तक यादव समाज समाजवादी पार्टी का सबसे अहम वोटर रहा है लेकिन सपा में टूट के कारण वह असमंजस की स्थिति में है. ऐसी स्थिति में इस समाज के युवाओं से संपर्क साधा जाए ताकि वे अखिलेश और मुलायम में से किसी एक को चुनने की बजाए, भाजपा को वोट दें.

वैसे पार्टी ने पिछड़ा वर्ग सम्मेलन की ही तरह युवा सम्मेलन भी कराए हैं, जिनमें दावा है कि 4 लाख 70 हजार युवा पार्टी के साथ सक्रियता से जुडे़. इनमें हर समाज के लोग शामिल हैं. कुल 88 युवा सम्मेलन प्रदेश भर में सम्पन्न हुए.

सपा से यादव वोट बैंक खिसकने की बात पर भाजपा के पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय बहादुर पाठक कहते हैं कि भाजपा का लक्ष्य सिर्फ सकारात्मक रवैये वाले वोटर का समर्थन हासिल करना है. यूपी में अब तक यही चलता रहा कि सपा को हटाकर बसपा को लाएं, बसपा को हटाकर सपा को लाएं. भाजपा को किसी को हटाना नहीं है, हम ये चाहते हैं कि प्रदेश का वोटर सकारात्मक रूप से पार्टी की नीतियों पर गौर करे फिर वोट करे. इसमें हर समाज के लोग, युवा जो यूपी का विकास चाहते हैं, वोट दें.

उधर बसपा भी प्रदेश भर में पिछड़ा वर्ग सम्मेलन आयोजित कर रही है. पार्टी का लक्ष्य है दलित और मुस्लिम वोटों की तरह ब्राह्मण और पिछड़ा वर्ग समुदाय का कुछ प्रतिशत मिल जाए तो बसपा तो को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता.

उधर कांग्रेस नेताओं में अखिलेश को लेकर सॉफ्ट कॉर्नर है, तो टिकट घोषणा के दौरान मुलायम द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा उनके गले नहीं उतर रही. पार्टी के वरिष्ठ नेता का कहना है कि दरअसल समाजवादी पार्टी में इन दिनों सिर्फ वर्चस्व और अहंकार की लड़ाई चल रही है. नई जेनरेशन जब भी आती है, तो सत्ता का हस्तांतरण होता है. यह आराम से हो जाए तो बहुत अच्छा लेकिन सपा में ये अहम का मुद्दा बन चुका है.

कांग्रेस के प्रवक्ता द्विजेंद्र त्रिपाठी कहते हैं कि कांग्रेस समाज को जाति के आधार पर नहीं देखती. वह समाज के सभी वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलने में विश्वास करती है. पार्टी की जनाक्रोश रैली में समाज के हर वर्ग के लोग शामिल हो रहे हैं. सपा के परंपरागत वोट बैंक खिसकने की बात पर वह कहते हैं कि देखिए लोग उगते हुए सूरज के सलाम करते हैं, अखिलेश यादव नौजवान हैं, उनके पास काफी समय भी है, जाहिर है यादवों में जो यूथ है, वह उन्हें पसंद करता है. बाकी पहले समाजवादी पार्टी अपनी लड़ाई से ही उबर जाए तब कांग्रेस अपना कदम चलेगी.

Tags: BJP, BSP, Congress, Samajwadi party, लखनऊ

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