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Outstanding cane price: बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री की 50 करोड़ की संपत्ति कुर्क

एसडीएम की टीम ने बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री पर पहुंच कर कार्रवाई की.

एसडीएम की टीम ने बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री पर पहुंच कर कार्रवाई की.

property seized : एसडीएम उतरौला डॉ नागेंद्र नाथ यादव अपने दल-बल के साथ गुरुवार को बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री पहुंचे और 50 करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति कुर्क कर ली. कुर्की का आदेश जिला अधिकारी श्रुति ने दिया था.

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बलरामपुर. गन्ना किसानों का बकाया मूल्य भुगतान न किए जाने पर जिला प्रशासन ने शुगर फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई की है. प्रशासन ने बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री की 50 करोड़ की संपत्ति गुरुवार को कुर्क कर ली. यह फैक्ट्री बलरामपुर के इटई मैदा में है.

गन्ना किसानों का बकाया मूल्य भुगतान न कर पाने के कारण इस शुगर फैक्ट्री पर जिला प्रशासन ने 123 करोड़ रुपये की आरसी जारी की थी. एसडीएम उतरौला डॉ नागेंद्र नाथ यादव अपने दल-बल के साथ गुरुवार को बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री पहुंचे और 50 करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति कुर्क कर ली. कुर्की का आदेश जिला अधिकारी श्रुति ने दिया था. जब्त की गई संपत्ति में बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री से 94 हजार क्विंटल चीनी और शुगर फैक्ट्री के पास उपलब्ध भूमि शामिल है. इसके अलावा 3 कंटेनर शीरा भी जब्त किया गया है. जिला प्रशासन ने बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री की बाउंड्री के बाहर जब्त की गई जमीन को चिन्हित कर लाल झंडे लगा दिए हैं.

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गौरतलब है कि गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री पर लगातार किसानों का शोषण किए जाने के आरोप लगते रहे हैं. किसानों पर गन्ना मूल्य भुगतान के मामले में यह चीनी मिल सबसे फिसड्डी साबित रही है. इसको लेकर यहां के गन्ना किसान हमेशा आंदोलनरत रहे हैं. बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री, इटई मैदा अभी भी किसानों का करोड़ों रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान दबाए बैठी है.

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उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के बार-बार आग्रह और चेतावनी के बाद भी बजाज चीनी मिल किसानों के बकाया गन्ने के मूल्य का भुगतान नहीं कर रहा था. इस फैक्ट्री को दो वर्ष पहले बेचे गए गन्ने की कीमत किसानों को आज भी नहीं मिली है. जिलाधिकारी श्रुति ने बताया कि कई बार चीनी मिल प्रबंधन को किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए नोटिस जारी किया गया था. लेकिन गन्ना मूल्य का भुगतान न किए जाने के कारण फैक्ट्री की 123 करोड़ की आरसी जारी की गई थी. डीएम ने बताया कि गन्ना किसानों के बकाया का भुगतान न कर पाने की स्थिति में बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री की 50 करोड़ की परिसंपत्तियां जब्त की गई हैं.

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उन्होंने कहा कि क्षेत्र के गन्ना किसानों का बकाया भुगतान न किए जाने से वे गन्ने की फसल के प्रति उदासीन होने लगे थे. लेकिन अब क्षेत्र के किसानों में जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से उम्मीद जगी है. किसानों का कहना है कि चीनी मिल की संपत्ति के जब्तीकरण के बाद उम्मीद जगी है. उन्हों उम्मीद है कि उनका पिछले कई वर्षों के बकाए का भुगतान मिल सकता है.

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