Oxygen की कालाबाजारी को लेकर सीएम योगी का बड़ा फैसला, निजी अस्पतालों का होगा ऑडिट, इन्हें सौंपी जिम्मेदारी

कैट ने ऑक्‍सीजन उपलब्‍ध कराने के लिए देश के प्रमुख उद्यमियों की तारीफ की है.

कैट ने ऑक्‍सीजन उपलब्‍ध कराने के लिए देश के प्रमुख उद्यमियों की तारीफ की है.

Oxygen Crisis In UP: आईआईटी कानपुर, आईआईएम लखनऊ और आईआईटी बीैएचयू को मॉनीटरिंग और ऑडिट की जिम्मेदारी सौंपी गई है. अपर मुख्या सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया कि ऑक्सीजन की कालाबाजारी और जमाखोरी को लेकर सरकार ने यह फैसला लिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 25, 2021, 10:27 AM IST
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लखनऊ. राजधानी लखनऊ (Lucknow) समेत तमाम जिलों से लगातार आ रही ऑक्सीजन की कमी (Oxygen Crisis) बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM yogi Adityanath) ने बड़ा फैसला लिया है. अब निजी अस्पतालों (Private Hospitals) में ऑक्सीजन ऑडिट कराया जाएगा. इसके लिए आईआईटी कानपुर, आईआईएम लखनऊ और आईआईटी बीैएचयू को मॉनीटरिंग और ऑडिट की जिम्मेदारी सौंपी गई है. अपर मुख्या सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया कि ऑक्सीजन की कालाबाजारी और जमाखोरी को लेकर सरकार ने यह फैसला लिया है.

अवनीश अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कोविड के दौरान प्रदेश में उत्पन्न हुयी ऑक्सीजन की समस्या से निपटने के लिए तैयार कराये गये  ‘‘ऑक्सीजन माॅनिटरिंग सिस्टम फाॅर यूपी’’ नामक डिजीटल प्लेटफार्म द्वारा कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है. कोविड से बचाव के सम्बन्ध में भारत सरकार के साथ शनिवार को हुई वीडियों कान्फ्रेन्सिंग में अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई ऑक्सीजन मॉनिटरिंग व्यवस्था के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी.

ऑक्सीजन की कालाबाजारी रोकने के लिए उठाया कदम

अवस्थी ने बताया कि सरकार ने तकनीकी का उपयोग कर राज्य में ऑक्सीजन की कालाबाजारी को रोकने तथा प्रदेश के सरकारी एवं निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग व पूर्ति में पारदर्शिता लाने तथा जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन की आपूर्ति भी प्राथमिकता के आधार पर कराये जाने के उद्देश्य से उक्त कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है, सरकार द्वारा शुरू की गयी इस पारदर्शी व्यवस्था की सराहना हुई है. कई राज्यों जैसे बिहार, पंजाब, तमिलनाडु, महाराष्ट्र आदि ने प्रदेश सरकार की इस नयी व्यवस्था के सम्बन्ध में गहरी रूचि भी दिखाई है. उल्लेखनीय है कि यह व्यवस्था देश के अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाये जाने पर ऑक्सीजन की मांग व आपूर्ति के सम्बन्ध में राज्यों के मध्य भी समन्वय बढ़ेगा.
बनाया गया विशेष नियंत्रण कक्ष

अवस्थी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के गृह विभाग में अलग से एक ‘‘विशेष नियंत्रण कक्ष’’ बनाकर ऑक्सीजन की मांग व आपूर्ति के सम्बन्ध में लगातार निगरानी रखी जा रही है. इस कार्य में गृह विभाग को प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं  परिवहन विभाग का सहयोग मिल रहा है. इन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी इस दिशा में लगातार उक्त विशेष नियंत्रण कक्ष के माध्यम से कार्यरत है.
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