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PDS भ्रष्टाचार: योगी सरकार का दावा- गरीबों का बचाया 1192 करोड़ का अनाज, अफसरों, कोटेदारों के खिलाफ लिया एक्शन

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 21, 2019, 11:29 AM IST
PDS भ्रष्टाचार: योगी सरकार का दावा- गरीबों का बचाया 1192 करोड़ का अनाज, अफसरों, कोटेदारों के खिलाफ लिया एक्शन
योगी सरकार का दावा है कि यूपी में सार्वजनिक खाद्यान्न वितरण व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए बड़ी कार्रवाई की जा रही है.

योगी सरकार (Yogi Government) ने दावा किया है कि वह ढाई सालों में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में राशन वितरण प्रणाली (PDS) को पटरी पर लेकर आई है. तकनीक का सहारा लेकर राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाकर सरकार ने 1192 करोड़ रुपए के गरीबों का खाद्यान्न बचाया है.

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लखनऊ. केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री राव साहेब पाटिल दानवे ने लोकसभा (Loksabha) में बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में भ्रष्टाचार (Corruption) के मामले में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सबसे आगे है. एक सवाल के लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि इस साल 31 अक्टूबर 2019 तक पीडीएस में भ्रष्टाचार की कुल 807 शिकायतें मिली हैं, जिनमें सबसे अधिक 328 शिकायतें उत्तर प्रदेश से आई हैं. उधर योगी सरकार (Yogi Government) ने दावा किया है कि वह ढाई सालों में उत्तर प्रदेश में राशन वितरण प्रणाली को पटरी पर लेकर आई है. तकनीक का सहारा लेकर राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाकर सरकार ने 1192 करोड़ रुपए के गरीबों का खाद्यान्न बचाया है. खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने फर्जी वितरण करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की है. गरीबों में बंटने वाला 4.64 मीट्रिक टन खाद्यान्न को फर्जी तरीके से वितरण होने से भी रोका है.

1629 दुकानों के लाइसेंस निलंबित, 1681 का लाइसेंस निरस्त

यही नहीं सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों की टीम ने 95982 जगहों पर छापेमारी कर 1629 दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिया, जबकि 1681 दुकानों के लाइसेंस को निरस्त कर दिया. खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जुलाई 2017 से लेकर सितंबर 2019 तक कार्रवाई करते हुए फर्जी वितरण पर लगाम लगाने का पूरा प्रयास किया. इसमें 4.64 मीट्रिक टन खाद्यान्न को फर्जी तरीके से वितरण होने से रोका और 1192 करोड़ रुपए की बचत की.

2 अफसर गिरफ्तार, 12 निलंबित, 63 के खिलाफ विभागीय जांच

यही नहीं कोटेदारों के साथ ही विभागीय अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई. दो अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है, वहीं दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है. इसी तरह 12 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया, जबकि 63 अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की गई है. इसके साथ ही 82 कोटेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई.

आधार सीडिंग और ई-पास के जरिए हो रहा खाद्यान्न वितरण

यही नहीं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं. इसमें आधार सीडिंग, ई-पास के जरिए खाद्यान्न का वितरण शामिल है. विभाग के मुताबिक अब तक 88.63 फीसदी लोगों को आधार सीडिंग हो चुका है. 89.56 फीसदी लोगों को ई-पास के माध्यम से खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है. वहीं 93.84 फीसदी लोगों को ई-पास से हुए वितरण में आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से किया जा रहा है.
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95,982 दुकानों पर छापेमारी, 82 कोटेदार के खिलाफ FIR

उधर विभाग के अनुसार इस दौरान प्रवर्तन की कार्यवाही जारी है. इसमें 95,982 दुकानों पर छापेमारी की गई. 82 कोटेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है, इसमें 708 कोटेदार अभियोजित हैं. विभाग ने इस दौरान 1629 कोटेदारों के लाइसेंस को निलंबित कर दिया, जबकि 1681 कोटेदारों के लाइसेंस को निरस्त कर दिया. यही नहीं विभाग ने इन कोटेदारों की 189.841 लाख रुपए की धरोहर राशि जब्त कर लिया. इसके अलावा आवश्यक वस्तुओं को भी जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित मूल्य करीब 376.878 लाख रुपए है.

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First published: November 21, 2019, 11:29 AM IST
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