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CAA प्रोटेस्ट: प्रदर्शनकारियों को वसूली नोटिस दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका हाईकोर्ट में खारिज
Lucknow News in Hindi

भाषा
Updated: February 10, 2020, 6:29 PM IST
CAA प्रोटेस्ट: प्रदर्शनकारियों को वसूली नोटिस दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका हाईकोर्ट में खारिज
याचिकाकर्ता ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वसूली नोटिस जारी किए जाने के बाद इसे चुनौती दी थी. (प्रतीकात्मक फोटो)

न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल (Justice Pankaj Kumar Jaiswal) और न्यायमूर्ति करुणेश सिंह परमार ने मोहम्मद कलीम की याचिका पर यह फैसला सुनाया.

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लखनऊ. इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) की लखनऊ खंडपीठ ने सोमवार को वह याचिका खारिज कर दी जिसमें संशोधित नागरिकता काननू (CAA) का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों को वसूली नोटिस (Recovery Notice) दिये जाने को चुनौती दी गई थी. खंडपीठ ने कहा कि यह मामला उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है इसलिये यह उच्च न्यायालय में दाखिल किए जाने योग्य नहीं है.


न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति करुणेश सिंह परमार ने मोहम्मद कलीम की याचिका पर यह फैसला सुनाया. याचिकाकर्ता ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वसूली नोटिस जारी किए जाने के बाद इसे चुनौती दी थी. शासन ने शहर में सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सरकारी संपत्ति नष्ट होने को लेकर प्रदर्शनकारियों को नोटिस दिया था.



विरोध में हिंसक पदर्शन किया था
बता दें कि बीते साल दिसंबर महीने में प्रदर्शनकारियों ने सीएए और एनआरसी के विरोध में हिंसक प्रदर्शन किया था. इस दौरान उत्तर प्रदेश के कई शहर जल उठे थे. बसों और पब्लिक सम्पति को आग के हवाले कर दिया गया था. साथ ही हिंसक प्रदर्शन में एक दर्जन से अधिक लोग मारे गए थे. वहीं, पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे. ऐसे में योगी सरकार ने हिंसक प्रदर्शन पर लगाम लगाने के लिए प्रदर्शनकारियों की सम्पति को बेचकर वसूली करने का फैसला लिया था. इस फैसले के तहत पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों की सम्पति को चिन्हित किया है.



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First published: February 10, 2020, 5:45 PM IST
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