सावधान! पेट्रोल पंप पर कुछ इस तरह चल रहा है तेल चोरी का गोरखधंधा

रिपोर्ट के मुताबिक यूपी के कई पेट्रोल पंप पर एक खास तकनीक का प्रयोग कर ग्राहकों को चूना लगा रहे हैं. यह खुलासा बाट-माप विभाग की जांच के दौरान सामने आया.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 5, 2019, 10:53 AM IST
सावधान! पेट्रोल पंप पर कुछ इस तरह चल रहा है तेल चोरी का गोरखधंधा
फाइल फोटो
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Updated: June 5, 2019, 10:53 AM IST
भारत में पेट्रोल पंप पर चोरी पकड़ने की तकनीक अभी तक विकसित नहीं हुई है. जिसके कारण बहुत से पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने आ रहे ग्राहकों को पांच फीसदी तक का चूना लगाया जा रहा है. गत वर्ष यूपी एसटीएफ ने चिप लगाकर पेट्रोल चोरी करने का मामला सामने आया था, जिसके बाद कई पेट्रोल पंप सीज कर दिए गए थे. लेकिन इसके बावजूद घोटालेबाज नहीं माने हैं. कहा जा रहा है कि यूपी के करीब साढ़े तीन हजार पेट्रोल पंप पर भ्रष्टाचारी ग्राहकों को चूना लगा रहे हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक यूपी के कई पेट्रोल पंप पर एक खास तकनीक का प्रयोग कर ग्राहकों को चूना लगा रहे हैं. यह खुलासा बाट-माप विभाग की जांच के दौरान सामने आया. जिसके तहत ग्राहकों को एक लीटर में 900 ग्राम पेट्रोल ही मिल रहा है. इसके लिए भ्रष्टाचारी एक खास सॉफ्टवेर का प्रयोग कर रहे हैं. इसमें डिस्प्ले यूनिट पर तो सही दिखता है, लेकिन तेल कम डाला जाता है.

बाट-माप विभाग ने किया खुलासा

बाट-माप विभाग की एक रिपोर्ट के बाद पेट्रोल पंप पर एक खास कंपनी की 2016 से पहले की बनी मशीनों पर रोक लगा दी गई है. इस मशीन से पेट्रोल-डीजल नहीं बेचा जाएगा. तीनों तेल कंपनियों को भी इस फर्जीवाड़े से अवगत करा दिया गया है. विभाग की रिपोर्ट है कि मशीन के सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ करके ग्राहकों को एक लीटर के बजाए 900 ग्राम पेट्रोल बेचा जा रहा है.

हाल ही में पेट्रोल पंप पर हाईटेक तरीके से पेट्रोल-डीजल की घटतौली का मामला सामने आया था. खुद बाट-माप विभाग ने हापुड़ में इस खेल को अपनी आंखों से देखा था. एक लीटर की जगह सिर्फ 900 ग्राम पेट्रोल ग्राहकों को दिया जा रहा था. पंप पर तेल सप्लाई करने वाली मशीन में छेड़छाड़ कर कम पेट्रोल तोलने का ये खेल चल रहा था.

सॉफ्टवेर की कीमत 50 हजार

रिपोर्ट के अनुसार पेट्रोल पंप पर दो कंपनियों की डिस्पेंसर मशीन लगाई जाती है. विभाग की जांच में सामने आया है कि दिसम्बर 2016 से पहले जितनी भी मशीन पंप पर चल रही हैं वो टैम्पर प्रूफ नहीं हैं. विभाग के नियंत्रक सुनील वर्मा ने बताया है कि इन मशीनों के कैबीब्रेशर में छेड़छाड़ कर आराम से कम पेट्रोल-डीजल तौला जा सकता है. इसके लिए जिस सॉफ्टवेर का इस्तेमाल किया जाता है उसकी कीमत 50 हजार है. और पेट्रोल पंप मालिक इसकी वजह से एक लाख महीने तक का मुनाफा कमा लेता है.
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पेन ड्राइव से होता है खेल

पंप मालिकों को ये खेल बताने वाले इंजीनियर भी ये ही कर रहे थे. इस खेल को चलाने के लिए ये एक पेन ड्राइव तैयार करते थे. दो-दो लाख रुपये में ये पेन ड्राइव बेची जा रही थी. इसी के बाद विभाग के साथ-साथ एसटीएफ और क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच करेगी.

कुछ समय पहले भी पेट्रोल पंपों की मशीन में चिप लगाकर कम तोलने का खेल सामने आया था. देशभर में छापेमारी के बाद सैकड़ों की संख्या में पेट्रोल पंप मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. पंप को सील कर दिया गया था. दूसरे विभागों के साथ ही एसटीएफ ने भी घटतौली के इस खेल को उजागर किया था.
First published: June 5, 2019, 10:52 AM IST
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