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लखनऊ में पिटबुल, रॉटविलर समेत 3 प्रजाति के डॉग पर लग सकता है प्रतिबंध, जानें वजह?

लखनऊ में पिटबुल, रॉटविलर समेत 3 प्रजाति के डॉग पर लग सकता है प्रतिबंध, जानें वजह?

Lucknow News: लखनऊ में 27 लोगों ने पिटवुल पालने का लाइसेंस ले रखा है, जबकि 178 लोगों के पास रॉटविलर कुत्ता है

Lucknow News: लखनऊ में 27 लोगों ने पिटवुल पालने का लाइसेंस ले रखा है, जबकि 178 लोगों के पास रॉटविलर कुत्ता है

Lucknow News: शहर में अभी भैंस, सुअर, बकरी, खच्चर, गधे आदि पशुओं के पालने पर प्रतिबंध है. सिर्फ गाय को पाल सकते हैं. कोई भी व्यक्ति नगर निगम से लाइसेंस लेकर सिर्फ दो गाय ही पाल सकता है. बता दें कि लखनऊ में पिछले महीने कैसरबाग के बंगाली टोला में एक पिटबुल ने अपने मालकिन को काटकर मार डाला था, उससे लोगों में काफी दहशत हो गयी.

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हाइलाइट्स

लखनऊ में पिटबुल ने अपने मालकिन को काटकर मार डाला था
यूपी में कुत्ते काटने की घटनाएं काफी ज्यादा बढ़ रही हैं

लखनऊ. राजधानी लखनऊ में पिटबुल के अलावा मास्टिफ और रॉटविलर डॉग के पालने, बेचने और ब्रीडिंग सेंटर चलाने पर प्रतिबंध लग सकता है. बीते माह कैसरबाग में पिटबुल के हमले में एक महिला की मौत के बाद शासन ने इसे लेकर यह प्रस्ताव बनाया है. इसके अलावा देसी कुत्तों के पालन को बढ़ावा देने का भी प्रस्ताव तैयार किया है. इसमें लाइसेंस शुल्क माफ किए जाने की योजना भी शामिल है. आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी के प्रबंधन, रेबीज उन्मूलन, मानव व कुत्तों के संघर्ष में कमी लाने के लिए शासन ने 2018 में एक कमेटी बनाई थी.

इस कमेटी को बेचने, पालने और ब्रीडिंग सेंटर चलाने के बिंदुओं को लेकर एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करना है. इसे लेकर 15 जुलाई को शासन में बैठक हुई. इसमें मुद्दा उठा कि विदेशी प्रजाति के कुत्तों के लिए भारतीय परिवेश अनुकूल नहीं होता है. इसके कारण वे अधिक आक्रामक होते हैं. ऐसे में चार विदेशी प्रजाति के कुत्तों (पिटबुल, रॉटविलर, हस्की व साइबेरियन हस्की) के नगर निगम क्षेत्र में पालने, बेचने और ब्रीडिंग सेंटर चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए. चर्चा के बाद हस्की व साइबेरियन हस्की को प्रतिबंध से हटाकर मास्टिफ प्रजाति को शामिल किया गया. ऐसे में पिटबुल, रॉटविलर व मास्टिफ प्रजाति के कुत्तों के पालने, बेचने और ब्रीडिंग सेंटर चलाने पर भी प्रतिबंध लग सकता है.

देसी कुत्तों की लाइसेंस फीस होगी माफ
बैठक में देसी कुत्तों का लाइसेंस माफ करने का प्रस्ताव रखा गया. साथ ही टीकाकरण व नसबंदी भी निशुल्क करने का प्रस्ताव रखा गया. यह भी कहा गया कि मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने भी देसी कुत्तों की नस्ल को बढ़ावा देने पर जोर दिया है. ऐसे में इसके लिए प्रचार-प्रसार भी किया जाए. नगर निगम अन्य शहरों को देगा एनिमल बर्थ कंट्रोल की ट्रेनिंगआवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर (एबीसी) चलाता है.

इन पशुओं को पालना है प्रतिबंधित
इंदिरा नगर स्थित नगर निगम के जरहरा श्वान केंद्र में यह सेंटर चलता है. प्रदेश के अन्य शहरों में अभी ऐसे सेंटर नहीं चलते हैं. ऐसे में अब उन शहरों के निकायों को यहां ट्रेनिंग दी जाएगी. शहर में अभी भैंस, सुअर, बकरी, खच्चर, गधे आदि पशुओं के पालने पर प्रतिबंध है. सिर्फ गाय को पाल सकते हैं. कोई भी व्यक्ति नगर निगम से लाइसेंस लेकर सिर्फ दो गाय ही पाल सकता है. लखनऊ में 27 लोगों ने पिटवुल पालने का लाइसेंस ले रखा है, जबकि 178 लोगों के पास रॉटविलर कुत्ता है. बता दें कि लखनऊ में पिछले महीने कैसरबाग के बंगाली टोला में एक पिटबुल ने अपने मालकिन को काटकर मार डाला था, उससे लोगों में काफी दहशत हो गयी.

Tags: Dog Breed, Dog Lover, Lucknow news, UP news, Yogi government

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