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विवेक तिवारी हत्याकांड: सरकारी वायदों के बीच चलता रहा 'सियासी' सांत्वनाओं का दौर

विवेक के परिजनों से मुलाकात करते सपा प्रमुख अखिलेश यादव. Photo: News 18
विवेक के परिजनों से मुलाकात करते सपा प्रमुख अखिलेश यादव. Photo: News 18

सत्ता पक्ष से लेकर पूरा विपक्ष विवेक के घर सांत्वना देने की दौड़ लगाता दिखा. इस सांत्वना के बहाने सभी एक-दूसरे पर सियासी तीर भी चलाते नजर आए.

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लखनऊ में विवेक तिवारी हत्याकांड को लेकर एक तरफ सरकार बैकफुट पर है और तमाम सरकारी वायदे सामने आए हैं. वहीं इस मामले में सियासत भी खूब हो रही है. सरकार ने विवेक की पत्नी को सरकारी नौकरी के साथ परिवार को 25 लाख रुपए, बेटियों की पढ़ाई के लिए 5-5 लाख रुपए और मां के लिए 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की है. इन वायदों के बीच परिजनों को 'सियासी' सांत्वना का दौर भी शुरू हो गया है. सत्ता पक्ष से लेकर पूरा विपक्ष विवेक के घर सांत्वना देने की दौड़ लगाता दिखा. इस सांत्वना के बहाने सभी एक-दूसरे पर सियासी तीर भी चलाते नजर आए.

घटना के बाद दूसरे दिन ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने विवेक के घर का दौरा किया और परिवार को हर संभव मदद देने की बात कही. इस दौरान उन्होंने सीएम योगी से इस्तीफा भी मांग लिया. इसी क्रम में सोमवार को मामले में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विवेक तिवारी की पत्नी से फोन पर बात की. इस दौरान उन्होंने हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया.

उधर सोमवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी विवेक के घर पहुंचे. यहां उन्होंने सांत्वना देने के साथ ही पीड़ित परिवार के लिए 5 करोड़ रुपए के मुआवजे और सम्मानजनक नौकरी की मांग की. उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार से इस्तीफे की मांग की. अखिलेश ने सीएम योगी आदित्यनाथ की भाषा पर सवाल उठाया.



वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को एक प्रतिनिधिमंडल के साथ विवेक के परिजनों से मिलने भेजा. सतीश चंद्र मिश्र ने इस दौरान परिजनों को हर कानूनी मदद देने का भरोसा दिलाया. उधर मायावती ने इस मामले में बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया कि दलितों, पिछड़ों व मुस्लिमों के साथ ही अपरकास्ट में ब्राह्मण समाज के लोगों पर ज्यादा ही अत्याचार हो रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों की वजह से ही प्रदेश में पुलिस बर्बर व निरंकुश हो गई है.
उधर बीजेपी के वरिष्ठ नेता भी सांत्वना देने की होड़ में शामिल दिखे. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने सोमवार शाम परिजनों से मुलाकात की. इसके बाद अखिलेश और मायावती के हमलों पर जवाब दिया. उन्होंने कहा कि मायावती को आत्म परीक्षण करना चाहिए कि उनके शासन में किस तरह एनआरएचएम घोटाले के अधिकारी मारे गए थे. एक विधायक ने इंजीनियर मनोज गुप्ता को पीट-पीटकर हत्या की थी.

इसके अलावा प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डॉ दिनेश शर्मा, ब्रजेश पाठक, गोपाल जी टंडन भी विवेक के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे. वहीं परिजनों की सीएम आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात भी हुई.

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