COVID-19: जर्मनी और दक्षिण कोरिया की तर्ज पर UP में पूल टेस्टिंग शुरू, 15 जिलों पर है ज्यादा फोकस
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COVID-19: जर्मनी और दक्षिण कोरिया की तर्ज पर UP में पूल टेस्टिंग शुरू, 15 जिलों पर है ज्यादा फोकस
भोपाल में अब तक 167 लोग कोरोना से संक्रमित मिले हैं. इनमें से 5 की मौत हो गई. (सांकेतिक फोटो)

Fight Against COVID-19: योगी सरकार पूल टेस्टिंग (Pool Testing) के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के हॉट स्पॉट इलाकों में लोगों की स्क्रीनिंग करेगी.

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लखनऊ. पूरे देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इस वायरस से अभी तक हजारों लोग संक्रमित हो चुके हैं. वहीं, दर्जनों लोगों की मौत हो गई है. हालांकि, कोरोना वायरस को हाराने के लिए सरकार के साथ-साथ कोरोना वॉरियर्स दिन-रात काम कर रहे हैं. कोरोना को मात देने के लिए विदेशी चिकित्सा पद्धति का भी सहारा लिया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए जर्मनी, इजरायल और दक्षिण कोरिया में अपनाई जा रही तकनीक का सहारा लिया है. दरअसल, इन देशों में रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट (Rapid Antibody Test) और पूल टेस्टिंग तकनीक के जरिए लोगों में संक्रमण की जांच की जा रही है. अब योगी सरकार ने प्रदेश में मंगलवार से पूल टेस्टिंग की शुरुआत कर दी है.

जानकारी के मुताबिक, योगी सरकार पूल टेस्टिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के हॉट स्पॉट इलाकों में लोगों की स्क्रीनिंग करेगी. लेकिन सबसे पहले स्क्रीनिंग का काम उन 15 जिलों में शुरू होगा, जहां कोरोना संक्रमण के सबसे ज्यादा मरीज पाए गए हैं. इससे कोरोना के फैलाव पर लगाम लगेगा.

क्या होता है रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट
हिन्‍दुस्‍तान अखबार के मुताबिक,  जब भी कोई व्यक्ति किसी वायरस का शिकार होता है, तो उसके शरीर में उस वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज बनती हैं. रैपिड टेस्ट में उन्हीं एंटीबॉडीज का पता लगाया जाता है. इसलिए इसे रैपिड टेस्ट कहा जाता है. टेस्ट के लिए व्यक्ति की उंगली से एक-दो बूंद खून का नमूना लिया जाता है और उसकी जांच की जाती है. खास बात यह है कि इस टेस्ट के नतीजे बहुत ही जल्दी आ जाते हैं. महज 15-20 मिनट में ही इसका रिजल्ट आ जाता है. वहीं, जिस व्यक्ति का पहले टेस्ट न हुआ हो या वो खुद से ठीक हो गया हो, उसकी पहचान इस टेस्ट से की जा सकती है.
क्यों है जरूरी?


दरअसल, इस टेस्ट से तुरंत पता चल जाता है कि किसी क्षेत्र में कितना बड़ा हिंसा संक्रमित है या था. खास कर हॉट स्पॉट इलाकों में टेस्ट के माध्यम से कोरोना संक्रमित लोगों का ज्यादा से ज्यादा पता लगाया जा सकता है.

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