लाइव टीवी

UPPCL पीएफ घोटाला: बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी, सीएम योगी से की ये अपील

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 7, 2019, 4:29 PM IST
UPPCL पीएफ घोटाला: बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी, सीएम योगी से की ये अपील
लखनऊ में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र का विरोध प्रदर्शन

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) से अपील की है कि उप्र पावर सेक्टर इम्प्लाइज ट्रस्ट में जमा धनराशि के भुगतान की जिम्मेदारी सरकार ले और इस संबंध में गजट नोटीफिकेशन जारी करे.

  • Share this:
लखनऊ.  विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने ऊर्जा मंत्री द्वारा पावर कारपोरेशन (UPPCL) के चेयरमैन की भूमिका पर सवाल उठाने व नई सरकार बनने के बाद दागी कम्पनी डीएचएफएल (DHFL) में धनराशि जमा करने का तारीखवार खुलासा होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) से अपील की है. अपील में कहा गया है कि भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेन्स की नीति के तहत पावर कारपोरेशन के चेयरमैन जो ट्रस्ट के भी चेयरमैन हैं, उन्हें बर्खास्त कर तत्काल गिरफ्तार किया जाए. समिति ने यह भी मांग की है कि उप्र पावर सेक्टर इम्प्लाइज ट्रस्ट में जमा धनराशि के भुगतान की जिम्मेदारी सरकार ले और इस संबंध में गजट नोटीफिकेशन जारी करे. संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से बिजली कर्मचारियों के हित में प्रभावी हस्तक्षेप करने की अपील की है.

18-19 नवंबर को 48 घंटे का कार्य बहिष्कार 

राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश भर में समस्त परियोजनाओं व जिला मुख्यालयों पर आज तीसरे दिन भी बिजली कर्मचारियों व अभियन्ताओं को विरोध प्रदर्शन जारी रहा. समिति ने ऐलान किया है कि विरोध प्रदर्शन का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा. 18 व 19 नवम्बर को 48 घंटे का प्रान्तव्यापी कार्य बहिष्कार होगा.

संघर्ष समिति ने बताया कि 17 मार्च 2017 को डीएचएफएल को पहली किस्त 21 करोड़ रूपये की दी गई थी. एक हफ्ते बाद दूसरी किस्त 33 करोड़ रूपये की दी गयी थी. इसके बाद 3 अप्रैल को 215 करोड़ रूपये, 15 अप्रैल को 96 करोड़ रूपये, 1 मई को 220 करोड़ रूपये और 19 मई को 169 करोड़ रूपये दिए गए. इस प्रकार डीएचएफएल को रूपये देने का क्रम दिसम्बर 2018 तक जारी रहा और ट्रस्ट के 65 प्रतिशत से अधिक 4122.70 करोड़ रूपये मौजूदा सरकार के समय में डीएचएफएल को दिया.

कर्मचारियों के भुगतान की जिम्मेदारी ले सरकार 

संघर्ष समिति ने कहा कि घोटाले को छुपाने के लिए ट्रस्ट की हर तिमाही होने वाली बैठक 30 महीने तक नहीं की गई. उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थिति में सरकार अपने दायित्व से विमुख नहीं हो सकती और कर्मचारियों के भुगतान की जिम्मेदारी लेते हुए सरकार को गजट नोटीफिकेशन जारी करना ही चाहिए.
लखनऊ में हुई सभा को संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारियों में संयोजक शैलेन्द्र दुबे, राजीव सिंह, गिरीश पाण्डेय, सदरूद्दीन राना, सुहैल आबिद, विपिन प्रकाश वर्मा, शशिकान्त श्रीवास्तव, महेन्द्र राय, वी सी उपाध्याय, डी के मिश्र, करतार प्रसाद, कुलेन्द्र प्रताप सिंह, मो इलियास, पी एन तिवारी, परशुराम, ए के श्रीवास्तव, पी एन राय, भगवान मिश्र, के एस रावत, आर एन यादव, आर एस वर्मा, पी एस बाजपेई मुख्य रूप से उपस्थित थे.
Loading...

ये भी पढ़ें:

योगी सरकार का भ्रष्टाचार पर प्रहार, अब तक 600 से ज्यादा अफसरों पर कार्रवाई

70 लाख गबन में फरार इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह ने मेरठ कोर्ट में किया सरेंडर

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लखनऊ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 7, 2019, 4:28 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...