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विद्युत संशोधन विधेयक और निजीकरण के खिलाफ दिल्ली में जुटेंगे बिजलीकर्मी
Lucknow News in Hindi

आईएएनएस
Updated: April 2, 2018, 10:47 PM IST
विद्युत संशोधन विधेयक और निजीकरण के खिलाफ दिल्ली में जुटेंगे बिजलीकर्मी
संसद के बजट सत्र के द्वितीय चरण में इस विधेयक को पारित कराने की कोशिश हो रही है जिससे बिजली अभियंताओं और अन्य कर्मचारियों में रोष है. एनसीसीओईईई ने इसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सोमवार पत्र भेजकर आंदोलन के कार्यक्रमों की सूचना दे दी है.

संसद के बजट सत्र के द्वितीय चरण में इस विधेयक को पारित कराने की कोशिश हो रही है जिससे बिजली अभियंताओं और अन्य कर्मचारियों में रोष है. एनसीसीओईईई ने इसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सोमवार पत्र भेजकर आंदोलन के कार्यक्रमों की सूचना दे दी है.

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विद्युत (संशोधन) विधेयक और बिजली वितरण के निजीकरण के विरोध में विद्युतकर्मियों के विभिन्न संगठनों के करीब एक लाख कर्मचारी कल दिल्ली में एकत्र होकर प्रदर्शन करेंगे. ऑल इण्डिया पॉवर इन्जीनियर्स फेडरेशन के अध्यक्ष शैलेन्द्र दुबे ने सोमवार को बताया कि नेशनल कोआर्डिनेशन कमिटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्पलॉईस एंड इन्जीनियर्स (एनसीसीओईईई) के आह्वान पर कल मंगलवार को दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद मार्ग तक एक रैली निकाली जाएगी. रैली में पूरे देश के विभिन्न राज्यों से लगभग एक लाख बिजली कर्मचारी हिस्सा लेंगे.

एनसीसीओईईई में ऑल इण्डिया पॉवर इन्जीनियर्स फेडरेशन , ऑल इण्डिया फेडरेशन ऑफ पॉवर डिप्लोमा इंजीनियर्स, इलेक्ट्रिसिटी इम्पलॉईस फेडरेशन ऑफ इण्डिया (सीटू), ऑल इन्डिया फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्पलॉईस (एटक ),इण्डियन नेशनल पावर वर्कर्स फेडरेशन (इन्टक ) तथा अनेक बिजली कर्मचारी संगठन शामिल हैं.

दुबे ने कहा कि विद्युत (संशोधन) विधेयक के जनविरोधी और प्रतिगामी प्रावधानों के विरोध में केंद्र सरकार को कई बार लिखित तौर पर दिया जा चुका है. एनसीसीओईईई और पूर्व ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के बीच कई बार हुई वार्ता के दौरान कई प्रावधानों में बदलाव करने या उन्हें हटाने पर सहमति बनी लेकिन इस सम्बन्ध में संशोधित ड्राफ्ट कभी भी जारी नहीं किया गया.

उन्होंने बताया कि संसद के बजट सत्र के द्वितीय चरण में इस विधेयक को पारित कराने की कोशिश हो रही है जिससे बिजली अभियंताओं और अन्य कर्मचारियों में रोष है. एनसीसीओईईई ने इसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सोमवार पत्र भेजकर आंदोलन के कार्यक्रमों की सूचना दे दी है.



उन्होंने बताया कि विद्युत (संशोधन) विधेयक को वापस लेना, बिजली अधिनियम- 2003 की पुनर्समीक्षा और राज्यों में विघटित कर बनाई गयी बिजली कंपनियों का एकीकरण कर बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण का केरल और हिमाचल प्रदेश की तरह एक निगम बनाना एनसीसीओईईई की मुख्य मांगें हैं.

उल्लेखनीय है कि केरल में बिजली उत्पादन , पारेषण और वितरण का एक निगम केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड और हिमाचल प्रदेश में हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड कार्य कर रहा है.

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First published: April 2, 2018, 10:47 PM IST
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