तबलीगी जमात पर विवादित टिप्पणी मामला: कानपुर मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल का ट्रांसफर
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तबलीगी जमात पर विवादित टिप्पणी मामला: कानपुर मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल का ट्रांसफर
कानपुर मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल रहीं डॉ आरती लालचंदानी का ट्रांसफर हो गया है. उन्हें सुरक्षा में गनर मिला है. (फाइल फोटो)

प्रोफेसर आरती लाल चंदानी अब झांसी मेडिकल कॉलेज (Jhansi Medical College) की प्रिंसिपल बनाई गई हैं. उनकी जगह प्रोफेसर आरबी कमल (Prof. RB Kamal) को कानपुर मेडिकल कॉलेज की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) में गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज (GSVM) की प्रिंसिपल प्रोफेसर आरती लाल चंदानी (Arti Lal Chandani) का स्थानांतरण (Transfer) कर दिया गया है. वह अब झांसी मेडिकल कॉलेज (Jhansi Medical College) की प्रिंसिपल बनाई गई हैं. उनकी जगह प्रो आरबी कमल (Prof. RB Kamal) को कानपुर मेडिकल कॉलेज की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है. बता दें तबलीगी जमातियों के विषय में आरती लाल चंदानी ने विवादित बयान दिया था, जिसका वीडियो वायरल हो गया था और बवाल मच गया था. इस पूरे मामले पर डीआईजी ने जांच के आदेश दिए हैं. मामले में एसपी क्राइम और एडीएम सिटी को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं.

वकील ने की डीआईजी से शिकायत

दरअसल वायरल वीडियो में प्रिंसिपल तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए और उन्हें जंगल में छोड़ने की बात कहती दिख रही है. इसके बाद डॉ. आरती के खिलाफ जहां एक और मुस्लिम संगठनों के लोगों ने मोर्चा खोला तो वहीं अधिवक्ता नासिर खान ने पुलिस उपमहानिरीक्षक से इसे लेकर शिकायत की है और उन पर मुकदमा लिखवाने की बात भी कही है. डीआईजी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.



प्राचार्य पर लगाए गंभीर आरोप



अधिवक्ता नासिर खान ने बताया इतने बड़े पद पर आसीन होने के बाद इस तरह की मानसिकता रखना और किसी भी समाज के व्यक्ति पर इस प्रकार की टिप्पणी अशोभनीय है. प्राचार्य के वायरल हुए वीडियो में डंडे से मारने की बात भी कही गई है. अधिवक्ता ने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन चिकित्सकों से उम्मीद करते हैं कि उन्हें बेहतर इलाज मिले. ताकि वह स्वस्थ होकर घर जाएं न कि उन्हें जेल में ठूंस दिया जाए. इस तरह की मानसिकता रखने वाली चिकित्सक या प्राचार्य को इस कुर्सी पर बैठने का कोई अधिकार नहीं है.

ये है मामला

दरअसल, सोशल मीडिया पर डॉ. आरती लालचंदानी का एक वीडियो इन दिनों वायरल है. इस वीडियो में वे पत्रकारों के साथ बात करते हुए तबलीगी जमात के लोगों के बारे में कह रही हैं. अनॉफिशियल बातचीत में डॉ आरती यह कहते हुए दिखाई दे रही हैं कि जिन्हें जेल में भेजना चाहिए उन्हें हॉस्पिटल में भेजा जा रहा है. जिन्हें जंगल में छोड़ना चाहिए वे यहां हैं. इससे अस्पताल, मैनपावर सभी का नुकसान हो रहा है. हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद डॉ आरती ने अपने बचाव में कहा कि यह करीब 70 दिन पुराना वीडियो है, जो कि ब्लैकमैलिंग के तौर पर बनाया गया और फिर काम न बनने पर वायरल कर दिया गया.

ज्ञात हो कि अप्रैल महीने में डॉ. आरती लालचंदानी ने तबलीगी जमात के लोगों पर अस्पताल के स्टाफ पर थूकने और मारपीट का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि अस्पताल में एडमिट तबलीगी जमात के लोग खाने में बिरयानी मांग रहे हैं. साथ है अस्पताल स्टाफ के साथ मारपीट पर उतारू हैं.

इनपुट: अलाउद्दीन

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