कोरोना काल में प्राइवेट स्कूल अपने टीचरों, कर्मचारियों को फौरन करें वेतन भुगतान: बेसिक शिक्षा विभाग

यूपी के निजी स्कूलों के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने अहम आदेश दिया है. (सांकेतिक तस्वीर)

यूपी के निजी स्कूलों के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने अहम आदेश दिया है. (सांकेतिक तस्वीर)

Lucknow News: बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी डीएम को निर्देश दिया है कि कई प्राइवेट स्कूल छात्रों से पूरी फीस लेने के बावजूद कोरोना काल में अपने यहां शिक्षकों, कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं दे रहे हैं. इन्हें पूरा वेतन दिलाया जाए.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग (Basic Education Department) ने प्रदेश के सभी प्राइवेट स्कूल-कॉलेजों (Private Schools-Colleges) को साफ निर्देश दिया है कि कोरोना काल (COVID-19 Period) में तत्काल अपने यहां शिक्षकों को पूरा वेतन (Salary) भुगतान करें. विभाग का कहना है कि छात्रों अभिभावकों से पूरा शुल्क (Fees) लेकर भी कई प्राइवेट स्कूल-कॉलेज अपने यहां शिक्षकों, कर्मचारियों का भुगतान नहीं कर रहे हैं. सभी निजी शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षक व कर्मचारियों का फौरन वेतन भुगतान हो, इसके लिए विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किया है. निर्देशों में कहा गया है कि संस्थान के समस्त शिक्षकों/कर्मचारियों का पूर्ण वेतन भुगतान कराया जाए. शिकायत मिलने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग की बड़ी कार्यवाही होगी.

वहीं विशेष सचिव, उच्च शिक्षा ने भी प्रदेश के सभी शिक्षकों को पूरा वेतन देने के निर्देश जारी किए हैं. इसमें प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, उच्च शिक्षण संस्थान के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर निर्देश जारी हुए हैं. साथ ही निजी संस्थाएं जिन्होंने छात्रों से पूरी फीस वसूली लेकिन शिक्षकों को पूरी तनख्वाह नहीं दे रहे हैं, उनके लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं. विशेष सचिव उच्च शिक्षा ने वेतन भुगतान को सुनिश्चित करने के निर्देश किए हैं.

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इस साल फीस वृद्धि पर भी लगी रोक
बता दें इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी के चलते पैदा हुई परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश में संचालित सभी बोर्डों के सभी विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए शुल्क वृद्धि पर रोक लगा दी है. उपमुख्यमंत्री एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि कोविड के चलते कई परिवार आर्थिक रूप से प्रभावित हुए हैं. विद्यालय भौतिक रूप से बन्द हैं पर ऑनलाइन पठन-पाठन कार्य जारी है. इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने एक ऐसा संतुलित निर्णय किया है, जिससे कि आम जनमानस पर अतिरिक्त भार न पडे साथ ही विद्यालय में कार्यरत शिक्षक और शिक्षणेत्तर कार्मिकों को नियमित वेतन देना सुनिश्चित किया जा सके.

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