नहीं काम आई भीड़भाड़ और गाड़ी घोड़ा, प्रियंका गांधी ने यूपी में ऐसे चुने कांग्रेस के जिलाध्यक्ष

उत्तर प्रदेश में सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों द्वारा की गई हिंसा से प्रभावित जिलों में बिजनौर भी शामिल है. (फाइल फोटो)
उत्तर प्रदेश में सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों द्वारा की गई हिंसा से प्रभावित जिलों में बिजनौर भी शामिल है. (फाइल फोटो)

सोनभद्र (sonbhadra) का आदिवासी युवक रामराज इसका एक बड़ा उदाहरण है. बीए (BA) पास रामराज पर अपनी बाइक (Bike) भी नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 16, 2019, 5:07 PM IST
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नई दिल्ली. वो बाहुबली है. लग्जरी गाड़ी और पैसे वाला है. हर वक्त 8-10 लोगों से घिरे रहने वाला है. लेकिन उसमें लड़ने की क्षमता नहीं है तो ऐसे लोगों की टीम में कोई जरूरत नहीं है. जीते या हारे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. हमें सिपाही चाहिए, फिर वो चाहें पैदल हो या घुड़सवार. यूपी (UP) में मंगलवार को घोषित की गई जिलाध्यक्ष की टीम से कांग्रेस (Congress) की जनरल सेक्रेटरी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कुछ ऐसा ही संदेश देने की कोशिश की है. 2-3 चेहरों को छोड़ दें तो ज्यादातर नए युवाओं (Youth) और जुझारू महिलाओं (Womens) को टीम में मौका दिया गया है.

प्रियंका गांधी ने ऐसे चुना एक-एक जिलाध्यक्ष
कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव रोहित चौधरी ने न्यूज18 हिन्दी को बताया, 'पार्टी के इतिहास में ये पहला मौका था, जब जनरल सेक्रेटरी ने खुद एक-एक उम्मीदवार का 15 से 20 मिनट तक इंटरव्यू लेकर जिलाध्यक्ष का चुनाव किया हो. 3 महीने से भी ज्यादा वक्त तक उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए गए. इतना ही नहीं ही, उन्होंने खुद अपनी निगरानी में दो अलग-अलग टीमों को एक जिले में गोपनीय तरीके से भेजकर उम्मीदवारों के फीडबैक लिए. प्रियंका गांधी के इंटरव्यू से पहले उम्मीदवारों के दो और इंटरव्यू लिए गए थे.'

आदिवासी रामराज को इसलिए बनाया सोनभद्र का जिलाध्यक्ष
कांग्रेस की प्रवक्ता पंखुरी पाठक ने बताया कि उभ्भा गांव का रहने वाला आदिवासी युवा रामराज बीए पास है. सोनभद्र कांड में करीब 12 आदिवासी मारे गए थे. इनके परिवार के लिए रामराज लगातार लड़ाई लड़ रहा था. इस बीच प्रियंका गांधी रामराज से गांव में मिली भी थीं. इस दौरान वो रामराज के संघर्ष से खासी प्रभावित हुईं थी. रामराज से बातचीत भी हुई थी. अब नई टीम में रामराज को जिलाध्यक्ष बनाया गया है.



(DemoPic)


गांव की महिला हैं मैनपुरी-आगरा की विनीता और मनोज दीक्षित
मैनपुरी की रहने वालीं विनीता शाक्य जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुकी हैं. पार्टी में वो जमीनी स्तर से सक्रिय हैं. उनके पास अपना कोई चार पहिया वाहन नहीं है. इसी तरह से आगरा के एक गांव में रहने वाली मनोज दीक्षित भी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुकी हैं. लेकिन जब फील्ड में कहीं आने-जाने की बात आती है तो किसी भी कार्यकर्ता या घर की बाइक का इस्तेमाल करती हैं.

बाइक पर चलता है एटा का नया जिलाध्यक्ष
एकेश लोधी को एटा का जिलाध्यक्ष बनाया गया है. युवा एकेश छात्र जीवन से ही कांग्रेस से जुड़ा हुआ है. एकेश के पास एक सेकेंड हैंड बाइक है. उसी पर अपने साथी कार्यकर्ता के साथ बैठकर लोगों से मिलता-जुलता है. यूपी कांग्रेस के सचिव अमित सिंह बताते हैं कि एकेश, विनीता और मनोज तो एक बानगीभर हैं. टीम में जमीन से जुड़े जुझारू कार्यकर्ताओं को मौका दिया गया है.

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