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उन्नाव गैंगरेप: विपक्ष की सियासत में प्रियंका का मास्टर स्ट्रोक, बाद में अखिलेश और मायावती...

News18 Uttar Pradesh
Updated: December 8, 2019, 10:16 AM IST
उन्नाव गैंगरेप: विपक्ष की सियासत में प्रियंका का मास्टर स्ट्रोक, बाद में अखिलेश और मायावती...
विपक्ष की सियासत में प्रियंका का मास्टर स्ट्रोक

दूसरी तरफ प्रियंका के उन्नाव जाने के निर्णय के बाद सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लगभग 11 बजे विधानसभा पहुंचे और उन्होंने भी सरकार के कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया. बेटियों के लिए चिंता जताई पर प्रियंका उनसे काफी आगे निकल चुकी थीं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) समेत पूरे देश में उन्नाव रेप केस (Unnao Gangrape Case) को लेकर विपक्ष ने योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा. वहीं उन्नाव गैंगरेप की घटना ने प्रियंका गांधी  (Priyanka Gandhi) के इस दौरे को कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण बना दिया. रेप पीड़िता की मौत के साथ ही प्रियंका के उन्नाव जाने के निर्णय के बाद कांग्रेसी सड़क पर निकल पड़े. एक तरफ प्रियंका उन्नाव में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दे रहीं थी, वहीं दूसरी तरफ लखनऊ में सड़कों पर कांग्रेसी लाठी खा रहे थे.

पल भर में बदला सियासत का रंग

सियासत के लिए इस बार का प्रियंका का दौरा काफी महत्वपूर्ण रहा. प्रियंका के इस निर्णय ने पल भर में सियासत का रंग बदल कर रख दिया. तय कार्यक्रम के मुताबिक सुबह साढ़े दस बजे प्रियंका को पीसीसी पहुंचना था, लेकिन वो उन्नाव के लिए निकल पड़ीं. दोपहर एक बजे कांग्रेस महासचिव पीड़िता के परिवार के साथ थीं और अकेले में उनसे बातचीत भी की. बातचीत के बाहर निकलने पर प्रियंका ने सवाल किया कि उत्तरप्रदेश में लड़कियों के लिए कोई जगह है कि नहीं. उन्होंने कहा कि ये इंतिहा हो रही है जुल्म की.

धरने पर बैठे अखिलेश

वहीं दूसरी तरफ प्रियंका के उन्नाव जाने के निर्णय के बाद सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लगभग 11 बजे विधानसभा पहुंचे और उन्होंने भी सरकार के कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया. बेटियों के लिए चिंता जताई पर प्रियंका उनसे काफी आगे निकल चुकी थीं. विपक्ष को हावी होता देख सरकार ने भी अपने दो मंत्रियों को उन्नाव पीड़ित परिवार के घर भेजने का फैसला लिया. दोनों मंत्री कमला रानी वरुण और स्वामी प्रसाद मौर्य पीड़ित परिवार से मिलने उन्नाव पहुंचे.

मायावती ने राज्यपाल से की मुलाकात

उनके साथ स्थानीय सांसद साक्षी महाराज भी मौजूद रहे. 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक आवास देने की घोषणा के बावजूद इनसभी का विरोध हुुआ. कारण साफ था कि सेंटीमेंट्स प्रियंका गांधी बटोरकर जा चुकी थीं. इन सबके बीच खुद को पिछड़ता देख बसपा सुप्रीमो मायावती ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने का निर्णय लिया। 2.15 बजे का समय मिला. मायावती राजभवन पहुंची जहां राज्यपाल को याद दिलाया कि वो भी एक महिला हैं इसलिए महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं पर उचित संज्ञान लें.उन्होंने कहा कि संवैधानिक दखल की यूपी को जरुरत है. मायावती ने पुलिस प्रशासन पर अपराधियो को संरक्षण देने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि देश और दुनिया में यूपी की बदनामी हो रही है. देश भर में रेप पर गरमाए माहौल पर राजनैतिक रोटियां सेंकने में फिलहाल प्रियंका गांधी बाजी मारती दिखीं और जाते वक्त मिशन 2022 के लिए सोई पड़ी कांग्रेस में जानफूंकने की खुशी आत्मविश्वास के रूप में उनके चेहरे पर दिख रही थी. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी अपने दो दिवसीय 6-7 दिसंबर के लखनऊ दौरे के बाद शनिवार शाम वापस दिल्ली रवाना हो गई.

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First published: December 8, 2019, 10:14 AM IST
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