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गौवंश की दुर्दशा पर प्रियंका गांधी ने CM योगी को लिखा पत्र, कहा- छत्तीसगढ़ से गौ सेवा की प्रेरणा ले योगी सरकार

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आज मथुरा दौरे पर (फाइल फोटो)

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आज मथुरा दौरे पर (फाइल फोटो)

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने पत्र में लिखा कि ललितपुर के सौजना से आई गौमाता के शवों की तस्वीरों को देखकर मन विचलित हो गया है.

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नई दिल्ली. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने उत्तर प्रदेश में गौवंश (Cows) की स्थिति पर चिंता प्रकट करते हुए सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार से आग्रह किया कि वह गौवंश की इस दुर्दशा को खत्म करने के लिए छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार की ओर से शुरू की गई ‘गोधन न्याय योजना’ से प्रेरणा लें. उन्होंने उत्तर प्रदेश के ललितपुर में कई गायों के मारे जाने संबंधी तस्वीरों का हवाला देते हुए आदित्यनाथ को पत्र (Letter) लिखा और आरोप लगाया कि राज्य में खोली गई गौशालाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई हैं और गोरक्षा में प्रदेश की भाजपा सरकार पूरी तरह विफल रही है.

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका ने पत्र में लिखा, ‘‘ललितपुर के सौजना से आई गौमाता के शवों की तस्वीरों को देखकर मन विचलित हो गया है. अभी ये विवरण नहीं मिले हैं कि इन गायों की मौत किन परिस्थितियों में हुई है. लेकिन तस्वीरों से लग रहा है कि चारा-पानी न मिलने की वजह से ही मौतें हुई हैं.’’
उन्होंने कहा, ‘‘दुखद यह भी है कि यह इस तरह की पहली तस्वीर नहीं है. इससे पहले भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से ऐसी तस्वीरें मिलती रही हैं. हर बार इन पर कुछ देर के लिए चर्चा होती है लेकिन इन मासूम जानवरों की देखभाल के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते. सवाल उठता है कि इसके लिए ज़िम्मेदार कौन है? ’’ प्रियंका ने कहा, ‘‘ सत्ता में आने के समय आपने गौवंश की रक्षा और गौशालाएं बनवाने की बात की थी, लेकिन वास्तविकता यही है कि इस संदर्भ में आपकी घोषणाओं के बावजूद सरकार के प्रयास पूरी तरह से विफल रहे हैं. गायों की भलाई के नाम पर गौवंश की दुर्दशा की जा रही है.’’



चारा और पानी नहीं सिर्फ असंवेदनशीलता मिलती है
उन्होंने दावा किया, ‘‘गौशालाएं खोली गईं मगर सच यह है कि वहां गौवंश को चारा और पानी नहीं सिर्फ असंवेदनशीलता मिलती है. भ्रष्ट अफसर व गौशाला संचालक पूर्णतः भ्रष्टाचार में लिप्त हैं. पूरे प्रदेश में हर दिन न जाने कितनी गायें भूखी प्यासी मर रही हैं.’’ प्रियंका गांधी ने पत्र में कहा है कि जहां गौशालाएं इस परिस्थिति में हैं, वहां आवारा पशुओं की भी भयंकर समस्या है. उन्होंने लिखा, ‘‘कांग्रेस की सरकार ने छत्तीसगढ़ में इस मामले को ‘गोधन न्याय योजना’ लागू कर बहुत अच्छी तरह से सुलझाया है. शायद उनसे उप्र सरकार प्रेरणा ले सकती है और गायों के प्रति हम सब अपनी सेवा भावना को क़ायम रख सकते हैं’’.


नैतिक आधार पर मेरी ज़िम्मेदारी बनती है
प्रियंका के मुताबिक, छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना में गौवंश संवर्धन, खेती बाड़ी को दुरुस्त करने, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने, नदी-नालों को पुनर्जीवित करने, आवारा पशुओं की देखभाल, जैविक खाद बनाने इत्यादि के लिए कार्य किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ‘गोधन न्याय योजना’ के तहत छत्तीसगढ़ सरकार ने दो रुपए किलो गोबर खरीदने की शुरुआत की है. अभी हर महीने औसतन 15 करोड़ रुपए का गोबर खरीदा जा रहा है. कांग्रेस महासचिव ने योगी को लिखे पत्र में कहा, ‘‘ आप भी गौवंश की सुरक्षा और भलाई चाहते हैं. इसीलिए मैं आपको यह पत्र लिख रही हूं. मैं समझती हूं कि इन बातों से आपको अवगत कराना धार्मिक और नैतिक आधार पर मेरी ज़िम्मेदारी बनती है.’’

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...तो इसलिए महंत नरेंद्र गिरि की मौत की गुत्‍थी सुलझाना CBI के लिए है बेहद जरूरी

सीबीआई महंत नरेंद्र गिरी की आत्महत्या या हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है.

Mahant Narendra Giri Death Investigation: महंत नरेंद्र गिरी का शव बीते सोमवार को प्रयागराज (Prayagraj) के बाघम्बरी मठ में फांसी से लटका मिला था. हाल के दिनों में यह दूसरा हाईप्रोफाइल मामला है, जो सीबीआई (CBI) के जिम्मे आया है. इससे पहले झारखंड के धनबाद कोर्ट के जज उत्तम आनंद (Judge Uttam Anand) की मौत के मामले की जांच भी सीबीआई के जिम्मे आई थी.

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नई दिल्ली. केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत (Narendra Giri Death Case) के मामले की जांच शुरू कर दी है. यूपी सरकार के अनुरोध के बाद भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) ने महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की सीबीआई जांच को मंजूरी दी है. बता दें कि महंत नरेंद्र गिरी का शव बीते सोमवार को प्रयागराज के बाघम्बरी मठ में पंखे से लटका मिला था. हाल के दिनों में यह दूसरा हाईप्रोफाइल मामला है, जो सीबीआई के जिम्मे आया है. इससे पहले झारखंड के धनबाद कोर्ट के जज उत्तम आनंद की मौत के मामले की जांच भी सीबीआई के जिम्मे आई थी. जज उत्तम आनंद की मौत में अभी तक सीबीआई को कुछ भी हाथ नहीं लगा है, जबकि इस मामले को हाई कोर्ट के निर्देश के बाद जुलाई महीने में ही सीबीआई के हवाले किया गया था. ऐसे में सवाल उठता है कि सीबीआई महंत नरेंद्र गिरी की हत्या या आत्महत्या के मामले को कितना जल्दी सुलझा लेगी? इस तरह के मामलों में क्या है सीबीआई का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड?

सूत्रों की मानें तो सीबीआई महंत नरेंद्र गिरी की आत्महत्या या हत्या को सुलझाने के लिए कई स्तरों पर काम करना शुरू कर दिया है. सबसे पहले देशभर के अलग-अलग फोरेंसिक टीमों को इस काम में लगाया गया है. ये एक्सपर्ट्स अलग-अलग तरीके से मामले की फोरेंसिक जांच कर सीबीआई को बताएंगे. वहीं, सीबीआई इस घटना को रिक्रिएशन कर यह समझने की कोशिश करेगी कि वाकई में गिरि की मौत आत्महत्या थी या फिर हत्या की गई?

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सीबीआई की आपराधिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अलग-अलग मामलों में निपटाने की सफलता का दर 69.19 प्रतिशत है.

सीबीआई के लिए क्यों है यह अहम केस?
कुछ महीने पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को लेकर एक सख्त टिप्पणी की थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये धारणा है कि सीबीआई को मिलने वाले मामलों में सफलता दर कम रहता है. इसलिए सीबीआई अवरोधों को पहचान कर कोर्ट को अवगत कराए. न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश की पीठ ने सीबीआई के निदेशक को निर्देश दिया था कि वह छह सप्ताह के भीतर हलफनामा दायर कर बताए कि एजेंसी कितने मामलों में निचली अदालतों और उच्च न्यायलयों में आरोपियों को दोषी साबित करने में सफल रही है.

क्या कहती है यह रिपोर्ट
बता दें कि पिछले साल केंद्रीय सतर्कता आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई की आपराधिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अलग-अलग मामलों में निपटाने की सफलता का दर 69.19 प्रतिशत रही है. सीबीआई ने एक साल पहले की तुलना में 2019 में 21 फीसदी कम ममलों का रजिस्ट्रर्ड किया या पूछताछ की. साल 2018 में सीबीआई के पास 899 मामले आए थे और इतने मामलों में ही पूछताछ की, जबकि साल 2019 में 710 मामालों में ही ऐसा किया गया.

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पिछले दिनों ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाई थी.

क्यों सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाई?
पिछले दिनों ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाई, जब उसे पता चला कि एक मामले में 542 दिनों की देरी के बाद अपील दायर की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने इन्हीं सब बातों को ध्यान में रख कर अब सीबीआई के कामकाज का विश्लेषण करने का फैसला किया है. हालांकि, साल 2018 की तुलना में 2019 में सीबीआई की सफलता का दर 68 प्रतिशत से बढ़कर 69.19 प्रतिशत तक पहुंच गया है.

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कुलमिलाकर अगले कुछ दिनों में सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट में कई अहम सवालों का जवाब देना है. जैसे, कितने मामलों में अभी तक सत्र न्यायालय और उच्च न्यायालयों में सीबीआई अभियुक्तों को दोषी ठहराने में सफल रही है? दूसरा, सीबीआई निदेशक कानूनी कार्यवाही के संबंध में विभाग को कितना मजबूत कर रहे हैं? तीसरा, सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट को बताना होगा कि अब देश की अदालतों में कितने मामले लंबित हैं और कितने समय पर हैं? चौथा, अभी निपटाए जा रहे केसों और सफलतापूर्वक पूरे किए गए मामलों का पूरा लिस्ट सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट को देना होगा.

UP TET: यूपी में होने जा रही 51 हजार से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती, जानिए कब शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

UP Teacher Recruitment 2021: यूपी में जल्द ही 51 हजार से ज्यादा पदों पर शिक्षकों की भर्ती होगी.

UP Teacher Recruitment 2021: राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करके 51 हजार 112 पदों की जानकारी दी थी वहीं समग्र शिक्षा अभियान की वार्षिक कार्ययोजना के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 73 हजार 711 शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 24, 2021, 18:48 IST
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नई दिल्ली. UP Teacher Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही प्रदेश में 51 हजार से ज्यादा पदों पर शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है. इसके लिए प्रदेश के परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने 28 नवंबर 2021 को अध्यापक पात्रता परीक्षा (UP TET) कराने का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार के पास भेजा है. खास बात यह है कि अभी रिक्त पदों की संख्या तय नहीं है जबकि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करके 51 हजार 112 पदों की जानकारी दी थी वहीं समग्र शिक्षा अभियान की वार्षिक कार्ययोजना के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 73 हजार 711 शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं.

मीडिया रिपोर्टस की माने तो अक्टूबर के पहले हफ्ते में रिक्त पदों के लिए शिक्षक भर्ती का ऐलान किया जा सकता है. इसके लिए अगले हफ्ते कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकती है. हालांकि इन खाली पदों के लिए परीक्षा कब आयोजित होगी इसके बारे में संशय बना हुआ है क्योंकि यूपी में चुनावी अधिसूचना जारी होने का समय भी उसी दौरान है. दरअसल, 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए शिक्षक भर्ती का ऐलान तो संभव है लेकिन परीक्षा का आयोजन चुनाव के पहले होगा या बाद में कहना मुश्किल है.

2018 में हुई थी 68500 पदों पर भर्ती
बता दें कि साल 2018 में लोकसभा चुनाव के ठीक पहले उत्तर प्रदेश में 68500 पदों पर शिक्षक भर्ती के नियुक्ति पत्र सितंबर महीने में बांटे गए थे. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं उत्तर प्रदेश सरकार तेजी से कार्य करते हुए इस भर्ती प्रक्रिया को 2022 विधानसभा चुनाव से पहले संपन्न करावाना चाहेगी.

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UP Lekhpal Recruitment 2021: लेखपाल भर्ती में किस उम्र तक के उम्मीदवार कर सकेंगें आवेदन, जानिए यहां

UP Lekhpal Recruitment 2021: भर्ती के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा

UP Lekhpal Recruitment 2021: उम्मीदवारों के मन में संशय देखने को मिल रहा है कि भर्ती में कितनी उम्र तक के उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगें. इसे लेकर महत्वपूर्ण जानकारी नीचे साझा की जा रही है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 24, 2021, 18:20 IST
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नई दिल्ली. UP Lekhpal Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा जल्द ही लेखपाल भर्ती परीक्षा के तारीखों की घोषणा की जाएगी.  हालिया जानकारी के अनुसार विभाग ने भर्ती के लिए हरी झंडी दे दी है. जिसके बाद अब बस भर्ती के लिए अधिसूचना आने की देर है. गौरतलब है कि UPSSC ने आगामी भर्ती परीक्षा कैलेंडर जारी करते समय प्रदेश में राजस्व लेखपाल के 7,889 पदों पर भर्ती कराने की घोषणा की थी. जिसके लिए आयोग ने अधिसूचना में बताया था कि ये परीक्षा नवंबर माह आयोजित कराई जा सकती है.

हालांकि भर्ती के तारीखों से सम्बंधित कोई भी जानकारी अभी तक साझा नहीं की गई है, लेकिन ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि आयोग, UPSSSC PET 2021 के परिणाम जारी करने के बाद लेखपाल भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगा. फ़िलहाल अब तक आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होने से भर्ती को लेकर उम्मीदवारों के मन में बहुत से संशय देखने को मिल रहे हैं. उन्हीं में से एक संशय यह है कि भर्ती में कितनी उम्र तक के उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगें. इसे लेकर महत्वपूर्ण जानकारी नीचे साझा की जा रही है.

UP Lekhpal Recruitment 2021: कितनी उम्र तक के अभ्यर्थी कर सकेंगें आवेदन
बता दें कि पिछली भर्तियों में आयोग द्वारा लागू की गई आयु सीमा के आधार पर ये कहा जा सकता है कि इस बार की भर्ती में भी 18 से 40 वर्ष तक के उम्मीदवारों को आवेदन करने का मौका दिया जाएगा. पिछली भर्तियों में भी यही आयु सीमा निर्धारित की गई थी. हालांकि जब तक आधिकारिक अधिसूचना से पुष्टि नहीं हो जाती तब तक इस विषय पर कुछ भी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता. इसलिए उम्मीदवारों को भर्ती के अधिसूचना जारी होने का इंतजार करना चाहिए.

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UP Assembly Election 2022: बीजेपी ने बनाई अहम रणनीति, अनुराग ठाकुर को दी ये महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

यूपी विधानसभा चुनाव में अनुराग ठाकुर को मिली अहम जिम्मेदारी

UP Political News: विधानसभा चुनावों को लेकर बीजेपी चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान अपने सभी सहप्रभारियों के साथ लखनऊ में लगातार बैठक कर रहे हैं. इन बैठकों में चुनाव का रोडमैप तैयार किया जा रहा है. सहचुनाव प्रभारी अनुराग ठाकुर को चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है.

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लखनऊ. 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) को लेकर सत्तारूढ़ बीजेपी (BJP) की तरफ से तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी गई हैं. विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी में बैठकों का दौर जारी है. पिछले 3 दिन से बीजेपी के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) लखनऊ (Lucknow) में डेरा जमाए बैठे हैं और लगातार प्रभारी पार्टी नेताओं के साथ मुलाकात कर रहे हैं. बीजेपी ने विधानसभा चुनावों को लेकर एक रोडमैप तैयार किया है. इसी को लेकर पार्टी ने प्रभारी और सहप्रभारियों को रोडमैप तैयार करने का जिम्मा सौंपा है. चुनाव अभियान की तैयारियों को देखने के लिए पार्टी ने पहले क्षेत्रवार प्रभारियों की घोषणा की थी और अब चुनाव सह प्रभारियों को क्षेत्रवार चुनावी ज़िम्मेदारी सौंपी है.

विधानसभा चुनावों को लेकर बीजेपी चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान अपने सभी सहप्रभारियों के साथ लखनऊ में लगातार बैठक कर रहे हैं. इन बैठकों में चुनाव का रोडमैप तैयार किया जा रहा है. सहचुनाव प्रभारी अनुराग ठाकुर को चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. अनुराग ठाकुर को सबसे महत्वपूर्ण मीडिया और सोशल मीडिया संभालने का ज़िम्मा दिया गया है. इसके साथ-साथ अनुराग ठाकुर को युवाओं को संभालने का ज़िम्मा दिया गया है. अनुराग ठाकुर पहले बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं और युवाओं के बीच खास लोकप्रिय भी हैं. अनुराग ठाकुर पार्टी प्रवक्ताओं और सोशल मीडिया टीम के लोगों के साथ लखनऊ में बैठक भी कर चुके हैं.

25 सितंबर से पन्ना प्रमुख सम्मलेन की शुरुआत
इसके अलावा अन्य सह प्रभारियों को क्षेत्रवार चुनाव की तैयारियों को देखने का ज़िम्मा सौंपा गया है. जिस से किसी भी तरह की कोई कोर कसर चुनावी तैयारियों में न रहे. 25 सितम्बर यानी दीन दयाल उपाध्याय के जयंती के अवसर पर बीजेपी उत्तर प्रदेश में पन्ना प्रमुख सम्मेलनों की शुरूआत भी करने जा रही है, जिनमें पार्टी अपने अंतिम कार्यकर्ता को भी चुनाव में एक्टिव करने का काम करेगी.

'अब्बा जान' और 'चाचा जान' पर बोले शिवपाल, ये सम्मान सूचक शब्द, योगी सरकार बदले की भावना से कर रही काम

Aligarh: योगी सरकार बदले की भावना से कर रही है काम

UP Election 2022: समाजवादी पार्टी और अन्य दलों से गठबंधन पर शिवपाल सिंह यादव ने गोलमोल जवाब दिया. उन्होंने कहा कि इस पर अभी बात चल रही है. भाजपा सरकार पर किया जोरदार हमला.

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रिपोर्ट -रंजीत सिंह

अलीगढ़. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल सिंह यादव ने भाजपा पर जमकर हमला बोला. शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में बदले की भावना से काम हो रहा है. प्रदेश में ये सरकार इकबाल खो चुकी है. कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है. कानून व्यवस्था के साथ-साथ महंगाई, भ्रष्टाचार चरम पर है. सभी वर्ग के लोग इस सरकार से परेशान हैं. सभी लोग भारतीय जनता पार्टी को हटाना चाहते हैं. ‘अब्बा जान’, ‘चाचा जान’ ये सब शब्द सम्मान सूचक शब्द हैं, किसी को भी मजाक नहीं उड़ाना चाहिए.

अलीगढ़ में मीडिया से बातचीत में शिवपाल ने कहा कि अगर मैं पार्टी में शामिल होता तो सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं कई प्रदेश में सपा सरकार बनती. इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ बोलने से बचते रहे. हर सवाल पर यह बोलते हुए नजर आएं कि उनसे ही पूछ लीजिए. मतांतरण मामले में मौलाना कलीम की गिरफ्तारी होने पर उन्होंने कहा की योगी सरकार बदले की भावना से काम कर रही है. विरोधियों को प्रताड़ित करने का काम किया जा रहा है.

योगी सरकार फेल, भाजपा को हराना हमारा मकसद

शमशाद मार्केट स्थित चिनार गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में योगी सरकार पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया. कहा कि सरकार में गरीब, कमजोर किसी भी वर्ग का भला नहीं हुआ. हर मामले में सरकार फेल है. इसलिए प्रदेश के सभी सियासी दलों का यही प्रयास है कि 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराना है. तमाम सेक्यूलर दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ना हमारी प्राथमिकता होगी. सपा और अखिलेश यादव पर पूछे गए सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया. हर सवाल पर सिर्फ यही कहते रहे अखिलेश से ही पूछिए.

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चुनाव को लेकर तैयारी पूरी

शिवपाल यादव ने कहा कि यूपी चुनाव को लेकर तैयारी पूरी है. 75 जिलों में संगठन तैयार हो चुका है. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि समान विचारधारा के लोग या जितनी भी पार्टियां हैं, सभी एक होकर भारतीय जनता पार्टी को हटाने का प्रयास करें. समाजवादी पार्टी और अन्य दलों से गठबंधन पर शिवपाल यादव ने गोलमोल जवाब दिया.उन्होंने कहा कि इस पर अभी बात चल रही है.

मुस्लिमों को ‘भारतीय संस्कृति’ को नमन करना चाहिए, राम, कृष्ण, शिव उनके पूर्वज- मंत्री आनन्‍द स्‍वरूप शुक्‍ला

योगी सरकार के मंत्री बोले- मुस्लिमों को ‘भारतीय संस्कृति’ को नमन करना चाहिए (File photo)

Ballia News: राज्‍य मंत्री ने कहा कि ''असदुद्दीन ओवैसी के पूर्वज हैदराबाद को अलग राष्ट्र बनाना चाहते थे, वह कामयाब नहीं हो सके, ऐसी मानसिकता रखने वाले लोग अभी भी हैं, यह बुजदिल लोग हैं और इनके पूर्वज भयवश मुसलमान बन गए थे.''

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बलिया. उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनन्‍द स्‍वरूप शुक्‍ला (Minister Anand Swaroop Shukla) ने कहा कि भगवान राम, कृष्ण और शिव भारतीय मुस्लिमों के पूर्वज हैं और उन्हें ‘भारतीय भूमि और संस्कृति’ को नमन करना चाहिए. शुक्ला ने दावा किया कि मोदी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) और योगी (मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ) सरकार ने इस्लामिक स्टेट बनाने की मंशा रखने वाली सोच को मटियामेट कर देश में हिंदुत्व व भारतीय संस्कृति का परचम लहरा दिया है. शुक्ला ने बृहस्पतिवार की शाम यहां राज्‍य सरकार की साढ़े चार वर्ष की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए पत्रकारों से कहा, ‘’भारत के मुसलमानों के पूर्वज भगवान राम, कृष्ण और शंकर हैं. उन्हें काबा की धरती देखने की जरूरत नहीं है. इन लोगों को भारत की भूमि और संस्कृति के आगे नमन करना चाहिए.’

शुक्ला ने कहा कि सीरिया और अफगानिस्तान के बाद विभिन्न देशों के कुछ लोग दुनिया को एक इस्लामिक राज्य बनाना चाहते थे. भारत में भी कुछ लोगों की ऐसी ही सोच थी, लेकिन मोदी और योगी की केंद्र और प्रदेश की सरकार ने हिंदुत्व और ‘भारतीय संस्कृति’ का देश में परचम लहराकर इस सोच को मटियामेट कर दिया. हाल ही में संभल में लगाए गए विवादास्पद पोस्टरों का उल्लेख करते हुए, शुक्ला ने कहा कि ‘‘इस्लामिक आतंकवादियों को समाजवादी पार्टी के समर्थन और समाजवादी पार्टी के सम्भल के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के खुलेआम तालिबान के समर्थन में बयान देने से ऐसे कार्यों को प्रोत्साहन मिलता है.’’

यह भी पढ़ें- UP Election: सपा का दामन थामेंगे BSP से निष्कासित लालजी वर्मा और रामअचल राजभर! अखिलेश से की मुलाकात

इस सप्ताह की शुरुआत में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की बैठक से पहले संभल को ‘गाज़ियों’ (इस्लामी योद्धाओं) की भूमि कहने वाले पोस्टर सामने आए थे. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पोस्टरों पर कड़ी आपत्ति जताई थी, जिसके बाद उन्हें अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के कार्यकर्ताओं ने हटा दिया था. शुक्ला ने कहा कि ”उत्तर प्रदेश की धरती से गाजियों का पूरी तरह सफाया कर दिया गया है. ऐसी शक्तियां भविष्य में सिर नहीं उठा पाएंगी. योगी सरकार ऐसी शक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है.”

असदुद्दीन ओवैसी पर किया कटाक्ष
राज्‍य मंत्री ने कहा कि ”असदुद्दीन ओवैसी के पूर्वज हैदराबाद को अलग राष्ट्र बनाना चाहते थे, वह कामयाब नहीं हो सके, ऐसी मानसिकता रखने वाले लोग अभी भी हैं, यह बुजदिल लोग हैं और इनके पूर्वज भयवश मुसलमान बन गए थे.” उन्होंने कहा कि मोदी व योगी सरकार में इस तरह की सोच पनप नहीं सकती.

UP Election: सपा का दामन थामेंगे BSP से निष्कासित लालजी वर्मा और रामअचल राजभर! अखिलेश से की मुलाकात

सपा का दामन थामेंगे BSP के बागी लालजी वर्मा और रामअचल राजभर!

UP Politics: बता दें कि दोनों ही नेताओं का अलग पार्टी बनाने का कोई इरादा नहीं है. इसके बावजूद राम अचल राजभर लगातार सभाएं कर अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं.

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लखनऊ. यूपी के अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) से पहले राजनीतिक दलों में आने जाने का सिलसिला शुरू हो गया है. इसी कड़ी में शुक्रवार को बसपा (BSP) से निकाले गए दो बड़े नेता लालजी वर्मा (Lalji Verma) और राम अचल राजभर (Ram Achal Rajbhar) अगले महीने सपा का दामन थाम सकते हैं. दरअसल, लालजी वर्मा और राम अचल राजभर ने सपा प्रमुख और पूर्व सीएम अखिलेश यादव से मुलाकात की है. इस मुलाकात के बाद कहा जा रहा है कि दोनों नेता जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं.

बताया जा रहा है कि अक्टूबर में अंबेडकर नगर में बड़ी जनसभा के दौरान अखिलेश यादव दोनों नेताओं की जॉइनिंग कराएंगे. सूत्रों के मुताबिक, अक्टूबर में अंबेडकर नगर में बड़ी जनसभा में अखिलेश यादव दोनों नेताओं को पार्टी में शामिल कराएंगे. दोनों नेताओं के साथ मुलाकात की एक तस्वीर अखिलेश यादव ने ट्वीट की है. हालांकि, अखिलेश यादव ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया है. अखिलेश ने बताया कि श्री लालजी वर्मा जी और श्री राम अचल राजभर जी से आज शिष्टाचार भेंट की.

अखिलेश यादव ने ट्वीट कर साझा की तस्वीर

अखिलेश यादव ने ट्वीट कर साझा की तस्वीर

बता दें कि दोनों ही नेताओं का अलग पार्टी बनाने का कोई इरादा नहीं है. इसके बावजूद राम अचल राजभर लगातार सभाएं कर अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं. वे दिखाना चाहते हैं कि पिछड़ों का एक बड़ा वर्ग उनके साथ है. भारी संख्या में समर्थकों के साथ सपा में शामिल हो सकते है.

UP में अवैध धर्मांतरण को लेकर सख्त हुई ATS, शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर और ई-मेल आईडी जारी

अवैध धर्मांतरण को लेकर सख्त हुयी UP ATS

UP Illegal Religious Conversion: यूपी एटीएस की ओर से जारी एक प्रेसनोट के मुताबिक इस मोबाईल नंबर और ईमेल आईडी पर अवैध धर्मांतरण गिरोह से जुड़े आरोपियों और उनके सहयोगियों की चल-अचल संपत्ति के बारे में सूचना दी जा सकती है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में लगातार सामने आ रहे अवैध धर्मांतरण (Illegal Conversion Case) से जुड़े मामले और गिरोह के खिलाफ एक्शन को लेकर एटीएस (UP ATS) काफी सख्त नजर आ रही है. अब तक यूपी में अवैध धर्मांतरण को 11 लोगों की गिरफ्तारियां यूपी एटीएस कर चुकी है. अपनी कार्रवाई को और पुख्ता और बड़ा बनाने के लिए यूपी एटीएस ने अवैध धर्मांतरण के आरोपियों और उनके करीबियों की जानकारी देने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी जारी की है. कोई भी व्यक्ति अवैध धर्मांतरण की शिकायत मोबाइल नंबर 9792103156 और controlroom.ats-up@gov.in पर कर सकता है. उसकी पहचान गुप्त रखी जाएगी.

यूपी एटीएस की ओर से जारी एक प्रेसनोट के मुताबिक इस मोबाईल नंबर और ईमेल आईडी पर अवैध धर्मांतरण गिरोह से जुड़े आरोपियों और उनके सहयोगियों की चल-अचल संपत्ति के बारे में सूचना दी जा सकती है.  इस मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर अवैध धर्मांतरण से जुड़े ऑडियो, वीडियो और दस्तावेज भी साझा किए जा सकते हैं. यूपी एटीएस की ओर से वादा किया गया है कि ऐसी सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी.

मेरठ से गिरफ्तार हुआ है मौलाना कलीम सिद्दीकी

आपको बताते चलें कि अवैध धर्मांतरण गिरोह को चलाने वाले और धर्मांतरण के लिए भारी मात्रा में विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ एटीएस ने अभियान चलाया हुआ है. 21 सितंबर को इस मामले में यूपी एटीएस ने मेरठ से मौलाना कलीम सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था, जो आज से ही एटीएस की 10 दिन की कस्टडी रिमांड में है. जिससे यूपी एटीएस मुख्यालय में पूछताछ की जा रही है. इससे पहले यूपी एटीएस अवैध धर्मांतरण के सिंडिकेट से जुड़े उमर गौतम समेत दस आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.

उमर गौतम से करीबी संबंध

इन्हीं आरोपियों से पूछताछ के दौरान मौलाना कलीम सिद्दीकी का नाम सामने आया था. पूर्व में गिरफ्तार उमर गौतम से भी मौलाना कलीम सिद्दीकी के करीबी संबंध बताए जा रहे हैं. दोनों को ही अवैध धर्मांतरण के लिए विदेशों से हवाला और अन्य नेटवर्क के जरिए भारी रकम मिल रही थी.

आजादी के बाद दूसरी महिला शबनम को होगी फांसी या मिलेगी उम्रकैद? बेटे की मर्सी प्ली पर क्या होगा 7 खून माफ

प्रेमी संग मिलकर कर दी थी अपने घर के 7 लोगों की हत्या.

Execution of Shabnam:अमरोहा में साल 2008 में अपने प्रेमी के साथ मिलकर 7 लोगों की हत्या के मामले में शबनम और उसके प्रेमी सलीम को हुई है फांसी की सजा. शबनम की वकील ने राज्यपाल से फांसी को उम्रकैद में बदलने की अपील की है. इससे पहले दोनों की सजा माफी याचिका राष्ट्रपति के यहां से हो चुकी है खारिज.

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लखनऊ. अपने प्रेमी के साथ मिलकर परिवार के 7 सदस्यों की हत्या करने वाली अमरोहा की शबनम पिछले कई वर्षों से अपनी फांसी का इंतजार कर रही थी. लेकिन ऐन वक्त पर उसके वकील ने यूपी के राज्यपाल से उसकी सजा को बदलने की गुहार लगाई. इलाहाबाद हाईकोर्ट की वकील सहर नकवी ने गवर्नर आनंदीबेन पटेल को दी गई अपनी अर्जी में शबनम के महिला होने के नाते उसकी सजा उम्रकैद में बदलने की अपील की थी. इस अर्जी पर विचार कर गवर्नर ने यह मामला यूपी सरकार को रेफर कर दिया. तब से शबनम अपने भविष्य के फैसले का इंतजार कर रही है. अमरोहा की शबनम की फांसी को उम्रकैद में बदलने को लेकर गवर्नर के निर्देश पर उनके विशेष सचिव ने प्रदेश के कारागार विभाग के प्रमुख सचिव को कार्रवाई का निर्देश दे रखा है. नियमों के मुताबिक उचित निर्णय लिए जाने का आदेश दिया गया है.

शबनम की सजा को बदलने के लिए गवर्नर को दी गई अर्जी में उसकी वकील सहर नकवी ने दलील दी है कि देश में अब तक किसी भी महिला को फांसी की सजा नहीं दी गई है. इसलिए शबनम को फांसी दिए जाने से पूरी दुनिया में देश की छवि खराब होगी. शबनम के किए अपराध में उसकी सजा का तरीका बदला जा सकता है. अर्जी में शबनम के इकलौते बेटे 13 साल के ताज उर्फ बिट्टू का हवाला भी दिया गया है. अर्जी में कहा गया है कि शबनम को फांसी दिए जाने से उसके बेटे के भविष्य पर गलत असर पड़ेगा. अधिवक्ता सहर नकवी ने कहा है कि इस दुनिया में बच्चे का कोई अपना नहीं है. फांसी दिए जाने से बच्चे को जीवनभर ताना सुनना पड़ेगा. फांसी की वजह से सामाजिक परिस्थितियों के चलते बच्चे के मानसिक विकास व भविष्य पर बुरा असर पड़ सकता है. मां के अपराध की सजा बच्चे को दिया जाना कतई न्याय संगत नहीं होगा.

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कारागार विभाग में मजबूत पैरवी की तैयारी

गवर्नर सचिवालय ने एडवोकेट सहर नकवी की अर्जी पर यूपी सरकार को उचित कार्रवाई का आदेश दिया है. इसके बाद ही यह अर्जी कारागार विभाग के प्रमुख सचिव के पास पहुंची है. बताया गया है कि प्रमुख सचिव नियमों के मुताबिक उचित फैसला लेंगे. शबनम की वकील सहर नकवी को गवर्नर सचिवालय के आदेश की कॉपी कुछ महीने पहले 22 जुलाई को मिली थी. इसके आधार पर नकवी ने दावा किया है कि प्रमुख सचिव के यहां अब तमाम दलीलों व पुरानी नजीरों के आधार पर मजबूत पैरवी की जाएगी. शबनम की फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कराने हरसंभव प्रयास किया जाएगा.

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प्रेमी के साथ मिलकर घर के 7 लोगों को उतारा था मौत के घाट

गौरतलब है कि शबनम और उसके प्रेमी सलीम को माता-पिता, दो भाइयों और भाभी समेत परिवार के 7 सदस्यों की हत्या का दोषी करार दिया गया है. अप्रैल 2008 में यूपी के अमरोहा जिले के बावनखेड़ा में हुई यह वारदात काफी चर्चित रही थी. अपने प्रेमी सलीम से शादी करने के लिए शबनम ने 7 कत्ल किए थे. प्रेमी सलीम को भी कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है. सलीम इस समय नैनी सेंट्रल जेल में बंद है, जबकि शबनम बरेली जेल में. इन दोनों के ही पास फांसी से बचने के लिए बहुत कम विकल्प बचे हैं, क्योंकि राष्ट्रपति ने भी दोनों की दया याचिका खारिज कर दी है. हालांकि उसकी वकील सहर नकवी का दावा है कि वह सिर्फ महिला होने के नाते शबनम को फांसी के फंदे से बचाना चाहती हैं. उन्होंने शबनम के अपराध पर अपनी तरफ से कोई सफाई नहीं दी. अधिवक्ता को उम्मीद है कि उन्हें अपने मकसद में कामयाबी जरूर मिलेगी.

Mahant Death Case: मौत से पहले महंत नरेंद्र गिरि के फोन पर आए थे 35 कॉल, जांच के घेरे में हरिद्वार के 2 बिल्डर

Prayagraj: एसआईटी इन लोगों से जल्द करेगी पूछताछ

Mahant Narendra Giri Suicide: एसआईटी महंत नरेंद्र गिरि के सुरक्षाकर्मियों की संपत्ति तलाश करने में जुटी है, तो वहीं उनके गनर अभिषेक मिश्रा पर भी एसआईटी की निगाहें टेढ़ी हो गई है, जिनके पास लग्जरी कारें और करोड़ों के बंगले भी है.

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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri Death Case) की मौत के मामले की जांच अब सीबीआई के पास पहुंच चुकी है. इस मामले में शुक्रवार को एक नई जानकारी भी सामने आई है. सोमवार यानि जिस दिन महंत नरेंद्र गिरि की मौत हुई तब उनके फोन पर कुल 35 कॉल आई थी. इसमें से 18 पर उन्होंने बातचीत की थी. बातचीत करने वालों में हरिद्वार के कुछ लोग और 2 बिल्डर भी शामिल थे. फोन कॉल के बाद जांच एजेंसी हरिद्वार कनेक्शन की जांच करने में जुटी है. एसआईटी नरेंद्र गिरि के मोबाइल की सीडीआर निकालकर इन लोगों से भी पूछताछ करेगी. हरिद्वार से कॉल करने वालों का डिटेल खंगालने के लिए हरिद्वार पुलिस को भी जानकारी भेजी गई है.

सूत्रों के मुताबिक 13 सितंबर से पहले ही नरेंद्र गिरी को आपत्तिजनक वीडियो की जानकारी मिल गई थी. जिसके चलते मंहत नरेंद्र गिरि परेशान चल रहे थे. उधर, एसआईटी ने नरेंद्र गिरी की सुरक्षा में तैनात सिपाहियों की भी जांच शुरू कर दी है. 20 सितंबर को सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों की लोकेशन जांच टीम ने मंगी है. बताया जा रहा है कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी जल्द एसआईटी सीबीआई के साथ साझा करेंगी.

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एसआईटी महंत नरेंद्र गिरि के सुरक्षाकर्मियों की संपत्ति तलाश करने में जुटी है, तो वहीं उनके गनर अभिषेक मिश्रा पर भी एसआईटी की निगाहें टेढ़ी हो गई है, जिनके पास लग्जरी कारें और करोड़ों के बंगले भी है. अभिषेक मिश्रा के घर और उसकी तस्वीरें न्‍यूज 18 के पास है जो यह बताती है कि वह कितना बड़ा आदमी बन चुका है. अब एसआईटी अभ‍िषेक के बारे में यह जानकारी जुटाने पर लगी है. महंत नरेंद्र गिरि के मामले में दो अन्य आरोपियों आनंद गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया और बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया. अदालत ने इन दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

Sarkari Naukri: 8000 से अधिक सरकारी नौकरियां, छूट न जाए मौका, जल्द करें आवेदन

Sarkari Naukri Result 2021: सितंबर में खत्म हो रही हैं 8000 से अधिक सरकारी नौकरियां.

Sarkari Naukri Result 2021: यूपी, एमपी और पंजाब सहित कई राज्यों में विभिन्न पदों के लिए 8000 से अधिक सरकारी नौकरियां निकली हैं. इन पदों के लिए अभ्यर्थी विभागों की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए निर्धारित अंतिम तिथि तक आवेदन कर सकते हैं.  

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 24, 2021, 13:20 IST
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नई दिल्ली (Sarkari Naukri Result 2021).पुलिस, शिक्षक, एएनएम, कंप्यूटर आपरेटर और इंजीनियर सहित कई पदों पर विभिन्न सरकारी विभागों में 8000 से अधिक नौकरियां निकली हैं. यह नौकरियां यूपी, एमपी और पंजाब सहित कई राज्यों में निकली हैं, जो सितंबर में खत्म हो रही हैं. जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक इन नौकरियों के लिए आवेदन नहीं किया है. वह विभागों की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए निर्धारित अंतिम तिथि तक आवेदन कर सकते हैं.यहां जानिए किस राज्य में किन पदों के लिए नौकरियां निकली हैं और आवेदन की अंतिम तिथि क्या है.

Police Recruitment 2021:
कर्नाटक राज्य पुलिस (Karnataka State Police) ने सिपाही और सब इंस्पेक्टर के पदों पर भर्तियों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. इन पदों के लिए अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट ksp.gov.in के जरिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की प्रक्रिया 31 अगस्त 2021 से जारी है और अंतिम तिथि 29 सितंबर 2021 निर्धारित की गई है. कुल 100 रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएगी. जारी नोटिफिकेशन के अनुसार यह भर्ती स्पोर्ट्स कोटे के तहत निकाली गई है.

Punjab Police Recruitment 2021:
पंजाब पुलिस ने सिपाही और एसआई के पदों पर भर्तियां Punjab (Police Recruitment 2021) निकाली हैं. इन पदों के लिए 9 सितंबर 2021 से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट punjabpolice.gov.in के जरिए 29 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं. जारी नोटिफिकेशन के अनुसार पंजाब पुलिस ने यह भर्तियां टेक्निकल और सपोर्ट सर्विस कैडर के तहत निकाली हैं. कुल 2607 रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएगी.

MP Police Recruitment 2021:
मध्य प्रदेश पुलिस ने स्पोर्ट्स कोटे के तहत एसआई और कांस्टेबल के पदों पर भर्तियां (MP Police Recruitment 2021) निकाली हैं. इन पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया जारी है. अभ्यर्थी एमपी पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट recruitment.mppolice.gov.in के जरिए 27 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं. कुल 60 रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएगी.

UP ANM Recruitment 2021:
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, यूपी (UP ANM Recruitment 2021) ने एएनएम के पदों पर भर्तियां निकाली हैं. इन पदों के लिए 15 सितंबर 2021 से आवेदन की प्रक्रिया जारी है. आवेदन की अंतिम तिथि में 10 दिनों का समय और बचा है. ऐसे में जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक इन पदों के लिए आवेदन नहीं किया है. वह  अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट upnrhm.gov.in के जरिए 30 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं.जारी नोटिफिकेशन के अनुसार कुल 5000 रिक्त पदों पर भर्तियां होनी हैं.

CDAC Recruitment 2021:
प्रगत संगणन विकास केन्द्र (Centre for Development of Advanced Computing) ने प्रोजेक्ट इंजीनियर सहित विभिन्न पदों के लिए भर्तियां (CDAC Recruitment 2021) निकाली हैं. इन पदों के लिए 2 सितंबर 2021 से आवेदन की प्रक्रिया जारी और अंतिम तिथि में 4 दिनों का समय शेष है. ऐसे में जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक इन पदों के लिए आवेदन नहीं किया हैं. वह आधिकारिक वेबसाइट www.cdac.in के जरिए 25 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं. जारी नोटिफिकेशन के अनुसार कुल 259 रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएगी.

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Sarkari Naukri 2021:
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (Jharkhand Education Project Council) ने शिक्षक सहित विभिन्न पदों पर भर्तियां (JEPC Recruitment 2021) निकाली है. इन पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया जारी है. आवेदन की अंतिम तिथि में 4 दिनों का समय और बचा है. ऐसे में जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक इन पदों के लिए आवेदन नहीं किया है. वह  परिषद की आधिकारिक वेबसाइट jepc.jharkhand.gov.in पर जारी अधिसूचना को पढ़कर 27 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं. विभिन्न पदों के कुल 497 रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएगी. यह भर्तियां राज्य के विभिन्न जिलों के लिए निकाली गई हैं. इन पदों के लिए अभ्यर्थी को रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से आवेदन करना होगा.

Mission 2022: अपना दल और निषाद पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी बीजेपी, योगी होंगे CM का चेहरा

यूपी चुनाव में अपना दल और निषाद पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी बीजेपी

UP Political News: उधर निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा कि पार्टी बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी. लेकिन पार्टी का विलय नहीं होगा, पार्टी पाने सिंबल पर चुनाव लड़ेगी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 24, 2021, 12:46 IST
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लखनऊ. आगामी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) में सत्तारूढ़ बीजेपी (BJP) अपने  सहयोगी अपना दल (Apna Dal) और निषाद पार्टी (Nishad Party) के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी. यूपी चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने शुक्रवार को गोरखपुर में इसका ऐलान किया धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में अपना दल और निषाद पार्टी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि बीजेपी गठबंधन 2022 के चुनाव में 2017 से भी ज्यादा सीटें मिलेगी.

उधर निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा कि पार्टी बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी. लेकिन पार्टी का विलय नहीं होगा, पार्टी पाने सिंबल पर चुनाव लड़ेगी. लखनऊ बीजेपी ऑफिस में हुई प्रेस कांफ्रेंस ने इस बात को भो स्पष्ट कर दिया कि पार्टी 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा. इस मौके पर यूपी प्रभारी राधा मोहन सिंह, संजय निषाद और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह मौजूद रहे.

सीटों का बंटवारा सम्मानजनक 
सीटों के बंटवारे को लेकर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अपना दल और निषाद पार्टी को सम्मान दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में निषाद पार्टी और अपना दल के साथ सीटों का  बंटवारा सम्मानजनक होगा. इसकी जानकारी आने वाले समय में दिया जाएगा.

किसान आंदोलन पर कही ये बात 
यूपी चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने किसान आंदोलन पर बोलते हुए कहा कि हमारी सरकार किसानों की  करने के लिए संकल्पबद्ध है. चाहे वह किसानों की उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने की बात हो या फिर आर्गेनिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने की बात हो. हमने मार्केटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर एक लाख करोड़ खर्च किया है. बीजेपी को किसानों का आशीर्वाद प्राप्त है, खासकर छोटे किसान.

सपा ने कहा अखिलेश ही बनेंगे CM 
उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 2022 में सीएम फेस बताने पर समाजवादी पार्टी ने तंज कैसा है. पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने कहा कि 2022 में जनता ने मूड बना लिया है. अखिलेश यादव ही मुख्यमंत्री होंगे. ऐसे में योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करना कोई मायने नहीं रहता. उन्होंने तो ये भी कह दिया कि अगर योगी आदित्यनाथ सपा ज्वाइन करते हैं तो वे मंत्री बन सकते हैं, मुख्यमंत्री नहीं.

Exclusive : मंदिरों पर सरकार का आधिपत्य मंज़ूर नहीं, विरोध में जल्द छेड़ा जाएगा अभियान : विहिप

विहिप के कार्यवाहक अध्यक्ष आलोक कुमार. (न्यूज़18 क्रिएटिव इमेज)

विश्व हिंदू परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष आलोक कुमार ने news18 पर खास तौर से बयान देते हुए कहा कि मंदिरों पर सरकारी व्यवस्था नहीं होना चाहिए. उत्तराखंड के तीर्थ पुरोहितों के लगातार विरोध के मद्देनज़र इसे बड़ा बयान माना जा रहा है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 24, 2021, 12:28 IST
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प्रीत‍ि
नई दिल्ली. विश्व हिंदू परिषद जल्द ही मंदिरों पर सरकार के आधिपत्य के विरोध में एक मुहिम छेड़ने के मूड में है. इस मुहिम के मुखिया और विश्व हिंदू परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष आलोक कुमार का साफ कहना है कि देश भर में सभी मंदिरों पर सरकार का कोई आधिपत्य नहीं होना चाहिए. आलोक कुमार ने न्यूज़18 के साथ खास बातचीत में कहा कि सरकार का जब अधिपत्र मंदिरों पर होता है, तो मंदिरों में जो काम होने चाहिए, वो काम नहीं हो पाते हैं. जैसे पहले मंदिरों में स्कूल हुआ करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाता है.

उत्तराखंड में देवस्थानम बोर्ड को लागू किया गया है, जिसके चलते चारों धाम सहित कई मंदिर सरकार के प्रबंधन के अधीन आ गए हैं. वहीं, उत्तराखंड में इस बोर्ड का विरोध लंबे समय से तीर्थ पुरोहित कर रहे हैं. इस बारे में आलोक कुमार ने कहा, ‘मैं हाल में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिला था. मैंने उनसे कहा था कि मंदिरों को सरकारों के अधीन नहीं होना चाहिए. इस पर उन्होंने विचार विमर्श करने के लिए कहा है.

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उत्तराखंड में चार धाम संबंधी तीर्थ पुरोहित लंबे समय से देवस्थानम बोर्ड को भंग किए जाने की मांग कर रहे हैं.

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यूपी के मंदिरों पर भी कुमार ने की बात
जहां तक बनारस के काशी विश्वनाथ मंदिर समेत उत्तर प्रदेश के मंदिरों की बात है, वो भी सरकार के अधीन हैं. ‘उसको लेकर भी हम बात कर रहे हैं कि वहां भी सरकार का आधिपत्य नहीं होना चाहिए. हालांकि इस विषय पर अभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कोई बात हमारी नहीं हुई है. लेकिन आने वाले समय में हम एक प्रपोज़ल तैयार कर केंद्र सरकार के साथ-साथ सभी राज्य सरकारों को भेजेंगे.’

महंत का गनर और हनुमान मंद‍िर का पंड‍ित कैसे कुछ सालों में बन गए करोड़पत‍ि? नरेंद्र गिरि की मौत के बाद उठे कई सवाल


अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है.

Mahant Narendra Giri Suicide Case: महंत के मौत के पर्दे के पीछे की कहानी क्या है? इसकी जांच में लगी एसआईटी की टीम अब ऐसे कई लोगों की संपत्‍त‍ि खंगाल रही है.

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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है. पर इस मामले में अब की जांच में सबसे बड़ी बात यह सामने आई है क‍ि कैसे महंत के साथ रहने वाला एक गनर अभिषेक मिश्रा और हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी ज‍िनकी सैलेरी महज 10 हज़ार रुपये प्रति माह थी. बीते कुछ सालों में करोड़पत‍ि बन गए. महंत के मौत के पर्दे के पीछे की कहानी क्या है? इसकी जांच में लगी एसआईटी की टीम अब ऐसे कई लोगों की संपत्‍त‍ि खंगाल रही है. एसआईटी इन तीनों के अलावा आनंद गिरी, आद्या प्रसाद तिवारी के संदीप तिवारी और महंत नरेंद्र गिरी के सुरक्षाकर्म‍ियों की संपत्ति तलाश करने में जुटी है.

महज 10 हज़ार रुपये की सैलरी वाला पंड‍ित कैसे बना करोड़पत‍ि?
महंत नरेंद्र गिरी आत्महत्या मामले में एसआईटी की टीम आनंद गिरी, आद्या प्रसाद तिवारी और संदीप तिवारी के आमदनी और प्रॉपर्टी के कागजात पुलिस खनगल रही है. किसके नाम कितनी प्रॉपर्टी है और आमदनी क्या है? बड़े हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी का सैलेरी महज 10 हज़ार रुपये प्रति माह है लेकिन उन्होंने नैनी शिव नगर में 3 बिस्सा की जमीन पर आलीशान मकान बनाया है. साथ में अपने पुस्तैनी मकान को भी बनवाया है. नैनी की आलीशान मकान की कीमत करोड़ों की है. आद्या प्रसाद तिवारी अपने पूरी परिवार के साथ नैनी के इस मकान में रहते थे. महंत नरेंद्र गिरी ने कथित सुसाइड नोट में आद्या प्रसाद तिवारी और उनके बेटे का भी नाम लिखा है. बताया जा रहा है कि बड़े हनुमान मंदिर के चढ़ावा को लेकर नाराज थे. महंत नरेंद्र गिरी, पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी ने महंत नरेंद्र गिरी को हिसाब भी दिया था, जिसके बाद बड़े हनुमान मंदिर में सीसीटीवी कैमरा लगाया गया. एसआईटी की टीम आद्या प्रसाद तिवारी के नैनी के इस मकान भी आई थी. पुलिस ने पूरे घर की तलाशी ली है.

आद्या प्रसाद तिवारी के बहू ममता तिवारी ने बताया है क‍ि उनके ससुर की सैलरी 10 हज़ार रुपये प्रति माह थी. यहां मकान बनवाया, गांव पर पुस्तैनी मकान बनवाया. पुलिस यहां आयी थी और पूरे घर की तलाशी ली ऊपर नीचे हर तरफ की. आद्या प्रसाद तिवारी के एक पडोसी महिला ने बताया क‍ि रात में पुलिस आई थी सिविल ड्रेस में और पूरे घर में तलाशी ली. वो अपने घर से देख रही थी.

महंत के गनर अभ‍िषेक पर एसआईटी की टेढ़ी न‍िगाहें
एसआईटी महंत नरेंद्र गिरि के सुरक्षाकर्मियों की संपत्ति तलाश करने में जुटी है, तो वहीं उनके गनर अभिषेक मिश्रा पर भी एसआईटी की निगाहें टेढ़ी हो गई है, जिनके पास लग्जरी कारें और करोड़ों के बंगले भी है. अभिषेक मिश्रा के घर और उसकी तस्वीरें न्‍यूज 18 के पास है जो यह बताती है कि वह कितना बड़ा आदमी बन चुका है. अब एसआईटी अभ‍िषेक के बारे में यह जानकारी जुटाने पर लगी है.
1. नरेंद्र गिरी का गनर अभिषेक मिश्रा करोड़पति कैसे बना ?
2. करोड़ों का घर और लग्जरी कार कहां से मिला ?
3. भक्तों के दान का पैसा क्या सेवादार के पास जाता है?
4. माथे पर टीका कलाई पर रक्षा और हाथ में हथियार?
5. जौनपुर का नया बाहुबली बनना चाहता है अभिषेक ?
6. चंद सालों में सड़कों से करोड़पति बनने का सच गाना अभिषेक की अलग कहानी है?
7. जौनपुर के शाहगंज तहसील और खुटहन थाना के विशनपुर गांव के लोगों से दुश्मनी लेता है अभिषेक!
8. अभिषेक के पिता एक पशु आहार का दुकान चलाते हैं बेटा अभिषेक मिश्रा का जलवा इतना है लाखों-करोड़ों नीचे बात नहीं करता है?
9. महंगी गाड़ियों के शौकीन और हथियारों का शौक …
10. 1 साल में 50 से 60 करोड़ की संपत्ति बना ली?
11. अभी कुछ दिनों पहले अभिषेक की शादी हुई, जिसमें नरेंद्र गिरी खुद आशीर्वाद देने पहुंचे.

जौनपुर में अभ‍िषेक की करोड़ों की संपत्‍त‍ि
जौनपुर जनपद के खुटहन थाना क्षेत्र के विशुनपुर गांव निवासी अभिषेक मिश्रा जो महंत नरेंद्र गिरी के गनर और परम भक्त बताए जाते है. अभिषेक के पिता गांव में पशु आहार की छोटी दुकान चलाते हैं, जबकि गांव में बड़ी हवेली बनी हुई है. छोटी दुकान, बड़े मकान के पीछे लेकर सवाल उठ रहे हैं. न्यूज़ 18 की टीम जब जौनपुर के खुटहन थाना क्षेत्र के बिसुनपुर गांव स्थित अभिषेक मिश्रा के आलीशान हवेली पर पहुंची हवेली की बड़ी सी गेट बंद मिला. हमें बताया गया कि अंदर कोई नहीं है परिवार के सभी लोग इन दोनों इलाहाबाद में है जब से महंत जी की मौत हुई है. हमारे कैमरे पर ग्रामीणों ने बताया कि महंत नरेंद्र गिरि पिछले 6 माह पहले इस हवेली पर आए थे अभिषेक मिश्रा के शादी समारोह कार्यक्रम में, ग्रामीणों की मानें तो चर्चा यहां तक है कि महंत जी ने ही यह हवेली बनवा कर अपने परम शिष्य अभिषेक मिश्रा को दिए हैं. फिलहाल परिवार के सभी लोग इलाहाबाद में है इलाहाबाद के आवास पर आवास पर है. अभिषेक मिश्रा के पिता सत्य प्रकाश मिश्रा जो गांव में ही छोटी सी दुकान पशु आहार की चलाते हैं.
जेल में क्‍या कर रहे हैं आनंद गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में आत्म हत्या के लिए उकसाने के आरोपियों को नैनी सेंट्रल जेल भेजा गया है. नैनी सेंट्रल जेल में बंद आनंद गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी को मामले की संवेदनशीलता के चलते अलग-अलग सुरक्षा सेल में रखा गया है. उन्हें सामान्य बंदियों से भी अलग रखा गया है. इनके लिए जो भी संवेदनशील बंदियों के लिए सुरक्षा इंतजाम होते हैं उसका प्रबंध किया गया है. इनके लिए जेल मुख्यालय, शासन के आदेशों और जेल मैनुअल का सख्ती से पालन किया जा रहा है. नैनी सेंट्रल जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक पी एन पांडेय के मुताबिक, जेल के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अलर्ट कर दिया गया है. आनन्द गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी दोनों संवेदनशील बंदी है. इसलिए इनसे मुलाकात, इनके जेल के अंदर मूवमेंट और खान पान पर नियमानुसार नजर रखी जा रही है.

वरिष्ठ जेल अधीक्षक के मुताबिक, आनन्द गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी ने जेल में अब तक कोई डिमांड नहीं की है. उन्हें अंडर ट्रायल कैदियों के जो भी अधिकार हैं मिल रहे हैं. जेल के अधिकारियों और कर्मचारियों की जो ड्यूटी है उसका भी जेल प्रशासन पालन कर रहा है. इसके साथ ही तीसरे आरोपी संदीप तिवारी को भी गुरुवार 23 सितंबर को कोर्ट ने नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया है. वहीं हम आपको बता दें कि आनंद गिरि ने सीजेएम कोर्ट में अपने वकील के माध्यम से अर्जी दाखिल कर विशेष सुरक्षा दिए जाने की मांग की थी. जिस पर सुनवाई करते हुए सीजेएम कोर्ट ने जेल मैनुअल और अन्य विधिक प्रावधानों के तहत का कार्रवाई का निर्देश दिया है. इसके साथ-साथ कोर्ट ने अगले आदेश तक वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी का भी आदेश दिया है. इस आदेश के तहत पांच अक्टूबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी होगी. गौरतलब है कि कोर्ट में पेशी के दौरान आनन्द गिरि के साथ धक्का मुक्की हुई थी और मारपीट व दुर्व्यवहार भी किया गया था, जिसके चलते आनन्द गिरि ने पेशी के दौरान हमले की आशंका के चलते सुरक्षा की मांग की थी.

UP News Live Updates: महंत नरेंद्र गिरि मौत मामले में सीबीआई ने दिल्ली में दर्ज की FIR

UP: महंत नरेंद्र गिरि मौत मामले में सीबीआई ने दिल्ली में दर्ज की FIR (फाइल फोटो)

Uttar Pradesh News Live: इससे पहले गुरुवार को सीबीआई की टीम प्रयागराज पहुंची थी. सीबीआई की टीम में पांच सदस्य हैं. केस हैंडओवर लेने से पहले सीबीआई की एक टीम केस की जानकारी ले रही है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 24, 2021, 11:20 IST
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UP News Live Updates 24 September 2021: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) के संदिग्ध मौत मामले में शुक्रवार को सीबीआई (CBI) ने दिल्ली में एफआईआर दर्ज की है. मामले में योगी सरकार ने सीबीआई (CBI) जांच की सिफारिश की थी. उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने मामले की जांच के लिए केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. इससे पहले गुरुवार को सीबीआई की टीम प्रयागराज पहुंची थी. सीबीआई की टीम में पांच सदस्य हैं. केस हैंडओवर लेने से पहले सीबीआई की एक टीम केस की जानकारी ले रही है.

सीबीआई ने दिल्ली में दर्ज की FIR

सीबीआई ने दिल्ली में दर्ज की FIR

राजधानी लखनऊ (Lucknow) समेत प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार देर रात से चमक के साथ तेज बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने पहले ही आज तेज बारिश की चेतावनी जारी की थी. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गुरुवार को बारिश के लिए येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया था. जबकि शुक्रवार को ग्रीन और शनिवार और रविवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग की ताजा जानकारी के मुताबिक 24 सितंबर तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे तक बादल छाए रह सकते हैं और बीच-बीच में अलग-अलग इलाकों में बूंदाबांदी व हल्की एवं मध्यम बारिश जारी रह सकती है.

बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया है. बारिश के कारण कई जगह जाम वाली स्थिति भी बन गई है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिम बंगाल के चक्रवात तूफान के असर के कारण UP में भारी बारिश हो रही है. बता दें कि लखनऊ में सितंबर महीने में एक दिन में 10 साल में सबसे ज्यादा बारिश होने का रिकॉर्ड बना था.

महंत नरेंद्र ग‍िरी बेड पर स्टूल रखकर कैसे चढ़े, क्‍यों कमरे के बाहर का CCTV था खराब? CBI तलाश रही है इन 12 सवालों के जवाब

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु के मामले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है

Narendra Giri suicide Case: महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है. जांच एजेंसी के सामने इस केस की जांच शुरू करने से पहले सीसीटीवी खराब, सुसाइड नोट और सूचना और एफआईआर में अंतर समेत इन 12 सवालों के जवाब तलाश रही है जो अभी तक की पुल‍िस जांच में अनसुलझे या अधूरे हैं.

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अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु के मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की उत्तर प्रदेश सरकार की अनुशंसा को केन्‍द्र सरकार ने गुरुवार को स्‍वीकार कर ल‍िया है. अब इस मामले की जांच सीबीआई करेगी, पर जांच एजेंसी के सामने इस केस की जांच शुरू करने से पहले सीसीटीवी खराब, सुसाइड नोट और सूचना और एफआईआर में अंतर समेत इन 12 सवालों के जवाब तलाश रही है जो अभी तक की पुल‍िस जांच में अनसुलझे या अधूरे हैं. गौरतलब हैं कि महंत नरेंद्र गिरि सोमवार को अपने मठ के एक कमरे में मृत पाये गए थे. पुलिस के मुताबिक, गिरि ने कथित तौर पर पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी.

सीबीआई ने जो जानकारी के तौर सवाल यूपी पुलिस से पूछे—-

पहला सवाल-
सूचना और एफआईआर में अंतर क्यों? अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की मौत के बाद आधिकारिक सूचना दी गई कि दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे शिष्यों ने फांसी का फंदा काट कर शव नीचे उतारा, जबकि उनके शिष्य अमर गिरि ने एफआईआर दर्ज कराई है कि धक्का देकर दरवाजा खोला गया.

दूसरा सवाल-
भारी शरीर गठिया का रोग, फिर महंत नरेंद्र गिरि कैसे चढ़े? उनके लिए यह आसान नहीं था कि बेड पर स्टूल रखकर चढ़ जाएं. बिना किसी की मदद के उन्होंने पंखे से फांसी का फंदा लगाया. कैसे, अकेले ही सब कुछ किया और फांसी के फंदे पर झूलकर जान दे दी?

तीसरा सवाल-
पुलिस के आने से पहले शव क्यों उतारा गया? सबसे अहम सवाल यह है कि कमरे के अंदर संदिग्ध परिस्थिति में नरेंद्र गिरि की मौत हो गई. ऐसे में बिना पुलिस को बताए उनके शव को नीचे क्यों उतारा गया? फोन से संपर्क न होने पर उनके शिष्य परेशान थे. ऐसे में पुलिस के पहुंचने का इंतजार क्यों नहीं किया गया?

चौथा सवाल-
सुसाइड नोट को वसीयत की तरह क्यों लिखा गया? सुसाइड नोट को टुकड़ों में लिखा गया है.एक तरफ नरेंद्र गिरि ने अपनी मौत के लिए आनंद गिरि, मंदिर के पूर्व पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे को मौत के लिए जिम्मेदार बताया है. वहीं दूसरी ओर मठ की संपत्ति के लिए वसीयतनामा लिखा है. उनका नाम कई बार इस्तेमाल किया गया है.

पांचवां सवाल-
आत्महत्या उस कमरे में क्यों, जहां महंत कम रहते थे? नरेंद्र गिरि अपने विश्राम कक्ष में आराम करते थे. अतिथि गृह में वह तभी जाते थे जब कोई व्यक्ति बाहर से मिलने आता था. ऐसे में यह अहम सवाल है कि उन्होंने अपने एकांत कमरे को छोड़ कर बाहर बने अतिथि गृह में फांसी क्यों लगाई?

छठा सवाल-
कमरे के पास का सीसीटीवी कैमरा खराब क्यों? मठ बाघंबरी गद्दी परिसर की सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाती है. नरेंद्र गिरि के एक करीबी ने आरोप लगाया कि उनके कमरे के पास लगा सीसीटीवी खराब क्यों था? क्या इसे साजिश के तहत खराब किया गया.

सातवां सवाल-
पहले भी कई आरोप लगे फिर इस आरोप पर ऐसा कदम क्यों? नरेंद्र गिरि पर कई बार संगीन आरोप लगे. प्रॉपर्टी के विवाद में पूर्व विधायक ने आरोप लगाया. नरेंद्र गिरि के शिष्य आनंद गिरि ने दो शिष्यों की हत्या का आरोप लगाया. इसके बाद ऐसा क्या हुआ कि एक फर्जी आरोप में उन्होंने अपनी जान दे दी?

आठवां सवाल-
लिखने में हिचकते थे तो इतना बड़ा नोट कैसे लिखा? नरेंद्र गिरि से जुड़े संतों ने आरोप लगाया है कि वह अपना हस्ताक्षर करने में भी दस मिनट का समय लगाते थे. कोई भी काम होता था तो शिष्य ही लिखते थे. आखिर में वह हस्ताक्षर कर देते थे. ऐसे में सवाल उठना स्वभाविक है कि उन्होंने कब और कहां बैठकर 12 पेज लिख डाले?

नौवां सवाल-
कौन कह रहा था कि वीडियो वायरल होगा, उसका जिक्र क्यों नहीं? नरेंद्र गिरि के सुसाइड नोट में लिखा है कि हरिद्वार के एक व्यक्ति ने बताया कि आनंद गिरि उनकी फोटो एक महिला के साथ गलत काम करते हुए बनाकर वायरल करने जा रहा है. सवाल यह है कि उस व्यक्ति का नाम सामने क्यों नहीं आया?

दसवां सवाल-
सुसाइड नोट से इतर एफआईआर क्यों कराई गई? नरेंद्र गिरि की मौत के बाद ही सुसाइड नोट मिल गया. सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस अफसरों ने अपना बयान जारी किया. इसके बाद आधी रात को सुसाइड नोट से इतर जार्जटाउन थाने में सिर्फ आनंद गिरि के खिलाफ ही क्यों मुकदमा दर्ज कराया गया?

11वां सवाल
नरेंद्र गिरी की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी घटना के वक्त कहां थे. सभी के फोन के डिटेल्स और किसकी क्या लोकेशन थी? इसका भी जवाब लिया.

12वां सवाल
सीबीआई ने पूछा पिछले एक हफ्ते में कौन-कौन पुलिसकर्मी उनके साथ थे. किन-किन लोगों ने उनसे मुलाकात की मुलाकात के दौरान जो पुलिसकर्मी मौजूद थे क्या बातें हुई? इसके सवाल पूछे

UPSSSC PET Result : पीईटी 2021 का रिजल्ट जानें कब तक हो सकता है जारी, कितने समय के लिए वैध होगा स्कोर कार्ड

यूपीएसएसएससी पीईटी 2021 के स्कोर कार्ड की हॉर्ड कॉपी नहीं भेजी जाएगी.

UPSSSC PET Result : यूपीएसएसएससी पीईटी 2021 आयोजित हुए एक महीने हो गए हैं. रिजल्ट कब तक आएगा, आयोग अभी तक कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है. हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में किए जा रहे दावे अभ्यर्थियों को उम्मीद जगा रहे हैं कि अब ज्यादा समय नहीं है.

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  • LAST UPDATED : September 24, 2021, 00:12 IST
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नई दिल्ली. UPSSSC PET Result : उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा ली गई प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) को आयोजित हुए एक महीने पूरे हो गए हैं. इस परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी अब रिजल्ट के लिए बेसब्र हैं. इन अभ्यर्थियों के लिए एक अच्छी खबर है. विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीईटी 2021 का रिजल्ट अगले महीने जारी हो सकता है. हालांकि यूपीएसएसएससी की तरफ से पीईटी 2021 के रिजल्ट को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है. इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे आयोग की वेबसाइट upsssc.gov.in पर समय समय पर विजिट करते रहें.

कई अभ्यर्थी यह भी सवाल पूछ रहे हैं कि पीईटी 2021 का स्कोर कितने समय के लिए मान्य रहेगा. उनके लिए बता दें कि पीईटी 2021 का स्कोर एक साल तक मान्य रहेगा. यह घोषणा यूपीएसएसएससी की ओर से पीईटी 2021 को लेकर जारी अधिसूचना में की गई है. यह भी ध्यान देने वाली बात है कि यूपीएसएसएससी पीईटी 2021 के स्कोर कार्ड की हॉर्ड कॉपी नहीं भेजी जाएगी. रिजल्ट जारी होने के बाद आयोग की वेबसाइट से ही डाउनलोड करना होगा. आयोग के नोटिस के अनुसार पीईटी का स्कोर कार्ड रिजल्ट जारी होने के दिन से एक साल तक के लिए मान्य होगा.

आईटीआई इंस्ट्रक्टर भर्ती पीईटी रिजल्ट के बाद होगी 

दूसरी तरफ खबर यह भी है कि आईटीआई में इंस्ट्रक्टर के रिक्त पदों के लिए चयन प्रक्रिया पीईटी 2021 का रिजल्ट जारी होन के बाद शुरू होगी. यह जानकारी इसी महीने में उत्तर प्रदेश सरकार के तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा सचिव आलोक कुमार ने ट्वीट करके दी थी. उन्होंने कहा था कि इंस्ट्रक्टर भर्ती प्रक्रिया नवंबर में शुरू हो सकती है. इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है.

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Outstanding cane price: बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री की 50 करोड़ की संपत्ति कुर्क

एसडीएम की टीम ने बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री पर पहुंच कर कार्रवाई की.

property seized : एसडीएम उतरौला डॉ नागेंद्र नाथ यादव अपने दल-बल के साथ गुरुवार को बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री पहुंचे और 50 करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति कुर्क कर ली. कुर्की का आदेश जिला अधिकारी श्रुति ने दिया था.

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बलरामपुर. गन्ना किसानों का बकाया मूल्य भुगतान न किए जाने पर जिला प्रशासन ने शुगर फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई की है. प्रशासन ने बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री की 50 करोड़ की संपत्ति गुरुवार को कुर्क कर ली. यह फैक्ट्री बलरामपुर के इटई मैदा में है.

गन्ना किसानों का बकाया मूल्य भुगतान न कर पाने के कारण इस शुगर फैक्ट्री पर जिला प्रशासन ने 123 करोड़ रुपये की आरसी जारी की थी. एसडीएम उतरौला डॉ नागेंद्र नाथ यादव अपने दल-बल के साथ गुरुवार को बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री पहुंचे और 50 करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति कुर्क कर ली. कुर्की का आदेश जिला अधिकारी श्रुति ने दिया था. जब्त की गई संपत्ति में बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री से 94 हजार क्विंटल चीनी और शुगर फैक्ट्री के पास उपलब्ध भूमि शामिल है. इसके अलावा 3 कंटेनर शीरा भी जब्त किया गया है. जिला प्रशासन ने बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री की बाउंड्री के बाहर जब्त की गई जमीन को चिन्हित कर लाल झंडे लगा दिए हैं.

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गौरतलब है कि गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री पर लगातार किसानों का शोषण किए जाने के आरोप लगते रहे हैं. किसानों पर गन्ना मूल्य भुगतान के मामले में यह चीनी मिल सबसे फिसड्डी साबित रही है. इसको लेकर यहां के गन्ना किसान हमेशा आंदोलनरत रहे हैं. बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री, इटई मैदा अभी भी किसानों का करोड़ों रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान दबाए बैठी है.

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उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के बार-बार आग्रह और चेतावनी के बाद भी बजाज चीनी मिल किसानों के बकाया गन्ने के मूल्य का भुगतान नहीं कर रहा था. इस फैक्ट्री को दो वर्ष पहले बेचे गए गन्ने की कीमत किसानों को आज भी नहीं मिली है. जिलाधिकारी श्रुति ने बताया कि कई बार चीनी मिल प्रबंधन को किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए नोटिस जारी किया गया था. लेकिन गन्ना मूल्य का भुगतान न किए जाने के कारण फैक्ट्री की 123 करोड़ की आरसी जारी की गई थी. डीएम ने बताया कि गन्ना किसानों के बकाया का भुगतान न कर पाने की स्थिति में बजाज हिंदुस्तान शुगर फैक्ट्री की 50 करोड़ की परिसंपत्तियां जब्त की गई हैं.

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उन्होंने कहा कि क्षेत्र के गन्ना किसानों का बकाया भुगतान न किए जाने से वे गन्ने की फसल के प्रति उदासीन होने लगे थे. लेकिन अब क्षेत्र के किसानों में जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से उम्मीद जगी है. किसानों का कहना है कि चीनी मिल की संपत्ति के जब्तीकरण के बाद उम्मीद जगी है. उन्हों उम्मीद है कि उनका पिछले कई वर्षों के बकाए का भुगतान मिल सकता है.

Court News: ATS स्पेशल कोर्ट ने मौलाना कलीम सिद्दीकी को 10 दिन की कस्टडी रिमांड पर भेजा

UP: अवैध धर्मांतरण केस में यूपी एटीएस को मौलाना कलीम सिद्दीकी की 10 दिन की रिमांड मिल गई है.

Lucknow News: मौलाना कलीम की पुलिस कस्टडी रिमांड कल यानि शुक्रवार 23 सितंबर से शुरू होगी. रिमांड के दौरान यूपी एटीएस मौलाना कलीम के नेटवर्क पर पूछताछ करेगी.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में आज अवैध धर्मांतरण (Illegal Religious Conversion) मामले में गिरफ्तार मौलाना कलीम सिद्दीकी (Maulana Kaleem Siddiqui) को एटीएस स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया. जहां से कोर्ट ने मौलाना कलीम को 10 दिन की एटीएस की कस्टडी रिमांड पर भेज दिया है. मौलाना कलीम की पुलिस कस्टडी रिमांड कल यानि शुक्रवार 23 सितंबर से शुरू होगी. रिमांड के दौरान यूपी एटीएस मौलाना कलीम के नेटवर्क पर पूछताछ करेगी.

बता दें मेरठ से ग्लोबल पीस सेंटर के अध्यक्ष मौलाना कलीम सिद्दीकी को एटीएस ने गिरफ्तार किया था. यूपी एटीएस के अनुसार मौलाना कलीम विदेशों से मिल रही फंडिंग के आधार पर पूरे देश में संगठित ढंग से गैर मुस्लिमों को गुमराह कर रहा था. उन्हें डराकर भारत का सबसे बड़ा अवैध धर्मांतरण सिंडिकेट चला रहा था.

एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने इस संबंध में बताया था कि 20 जून को यूपी एटीएस ने धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड उमर गौतम समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया था. उमर गौतम और उसके साथियों को ब्रिटेन के ट्रस्ट से करीब 57 करोड़ रूपये की फंडिंग की गई थी. खर्च का ब्यौरा इन आरोपियों द्वारा नहीं दिया जा सका है. इस दौरान इस मामले में दिल्ली में रहने वाले मौलाना कलीम सिद्दीकी का भी नाम आया था. ये मूल रूप से यूपी के मुजफ्फरनगर जिले के फुलत के रहने वाले हैं.

भारत का सबसे बड़ा अवैध धर्मांतरण सिंडिकेट चला रहा था मौलाना कलीम सिद्दीकी: ADG

जांच में पुष्टि हुई कि मौलाना कलीम देश में एक बडे़ स्तर पर अवैध धर्मांतरण के कार्य में संलिप्त है. विदेशों से मिल रही फडिंग के आधार पर पूरे देश में एक संगठित ढंग से गैर मुस्लिमों को गुमराह कर और डराकर भारत के सबसे बड़े अवैध धर्मांतरण का सिंडिकेट चला रहे हैं. यूपी एटीएस ने मौलाना कलीम सिद्दीकी को भी मेरठ से गिरफ्तार किया और उन्हें कोर्ट में पेश कर उनकी रिमांड के लिये कोर्ट में अर्जी भी दाखिल कर दी गई है.

एडीजी के अनुसार मौलाना कलीम सिद्दीकी जामिया इमाम वलीउल्ला नाम का एक ट्रस्ट चलाता है. जिसके जरिये सामाजिक सौहार्द के कार्यक्रमों की आड़ में विभिन्न प्रकार का लालच देकर अवैध धर्मांतरण का सिडिंकेट चला रहा है. इसके ट्रस्ट में हवाला और विदेशों से होने वाली फंडिग के जरिये तमाम मदरसों को भी फंडिग की जाती है.

UP TGT PGT Result 2021 : पीजीटी इंटरव्यू के लिए इतने दिन पहले जारी होगा कॉल लेटर


UP TGT PGT Result 2021 :  यूपी टीजीटी और पीजीटी का रिजल्ट जल्द जारी हो सकता है.

UP TGT PGT Result 2021 : यूपी टीजीटी और पीजीटी शिक्षक भर्ती 2021 के लिए परीक्षा 07-08 अगस्त और 17-18 अगस्त को हुई थी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार यूपी सरकार को यह भर्ती प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी कर लेनी है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 18:56 IST
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नई दिल्ली. UP TGT PGT Result 2021 : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (UPSESSB) ने पीजीटी भर्ती परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया है. चयन बोर्ड ने कहा है कि पीजीटी भर्ती के लिए इंटरव्यू लेटर 21 दिन की बजाए अब 10 दिन पहले जारी किया जाएगा. बोर्ड ने अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाने की समय सीमा घटा दी है. इस पर राज्य सरकार ने भी मुहर लगा दी है. हालांकि यूपी टीजीटी में इंटरव्यू खत्म कर दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने संजय सिंह मामले में टीजीटी और पीजीटी 2021 के लिए 15198 पदों पर भर्ती के लिए 31 अक्टूबर तक का समय दिया है.

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने अशासकीय इंटर कॉलेजों में 15 हजार से अधिकब पदों पर भर्ती के लिए 07 और 08 अगस्त को टीजीटी परीक्षा का आयोजन किया था. वहीं पीजीटी परीक्षा का आयोजन 17 और 18 अगस्त 2021 को हुई थी.

आंसर-की पर ली जा चुकी हैं आपत्तियां

बता दें कि चयन बोर्ड की ओर से सभी विषयों की आंसर-की जारी करके उन पर आपत्तियां भी ली जा चुकी हैं. ऐसे में अब अभ्यर्थियों को रिजल्ट का इंतजार है. माना जा रहा है कि चयन बोर्ड रिजल्ट कभी भी जारी कर सकता है. चयन बोर्ड रिजल्ट की घोषणा आधिकारिक वेबसाइट http://www.upsessb.org/ पर करेगा.

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