शिक्षक भर्ती की कॉपी जलाने की जांच के लिए इलाहाबाद रवाना हुई टीम

यूपी के परिषदीय विद्यालयों में 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में हुई धांधली में अपनी गर्दन फंसती देख अधिकारियों और कर्मचारियों ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के कुछ जरुरी दस्तावेज जलाने की भी कोशिश की.

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 9, 2018, 12:37 PM IST
शिक्षक भर्ती की कॉपी जलाने की जांच के लिए इलाहाबाद रवाना हुई टीम
अधजली कॉपियां दिखाते अभ्यर्थी. Photo: News 18
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Updated: September 9, 2018, 12:37 PM IST
यूपी के परिषदीय विद्यालयों में 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती में हुई धांधली उजागर होने के बाद भर्ती से जुड़ी कॉपियों को जलाने की जांच के लिए टीम रविवार को इलाहाबाद रवाना हो गई है. टीम में निदेशक बेसिक शिक्षा, निदेशक सर्व शिक्षा अभियान को इलाहबाद भेज गया है. वहीं निदेशक एससीईआरटी भी साथ भेजे गए हैं. बता दें अपर मुख्य सचिव डॉ.प्रभात कुमार ने जली कॉपियों कब्जे में लेने के निर्देश दिए हैं. आरोप है कि शिक्षक भर्ती की जांच बैठने के बाद सबूत मिटाने की कोशिश में ये कॉपियां जलाई गईं.

शासन ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में शिक्षक भर्ती से जुड़े दस्तावेजों और कापियों के जलाये जाने को लेकर शासन ने एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है. यह समिति दोषियों का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए सात दिन के अन्दर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.

बता दें यूपी के परिषदीय विद्यालयों में 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में हुई धांधली पर पर्दा डालने के लिए शनिवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का नया कारनामा सामने आया. अपनी गर्दन फंसती देख अधिकारियों और कर्मचारियों ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के कुछ जरुरी दस्तावेज जलाने की भी कोशिश की. उधर मूल्यांकन में गड़बड़ी की बात सामने आने के बाद सीएम योगी ने शनिवार को ही सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी डॉ सुत्ता सिंह को निलंबित कर दिया था.

परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में स्कैन कापियां लेने पहुंचे अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि शिक्षक भर्ती से जुड़े दस्तावेजों को जलाया गया है. अभ्यर्थियों का कहना है कि जब उन्होंने कॉपियों और अन्य जरुरी दस्तावेजों को जलाने से रोकने की कोशिश की तो उन्हें बाहर भगा दिया गया.

हालांकि अभ्यर्थियों का कहना है कि कुछ अभ्यर्थी अधजले कागजात अपने साथ लेकर गए हैं. जिसे वे कोर्ट के समक्ष पेश भी करेंगे. कापियों के जलाने के वक्त अभ्यर्थियों ने मोबाइल के क्लिपिंग भी बनाई थी, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में शिक्षक भर्ती से जुड़े दस्तावेंजों और कापियों के जलाये जाने को लेकर शासन ने एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है. यह समिति दोषियों का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए सात दिन के अन्दर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.

(रिपोर्ट: शैलेश अरोड़ा)

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