Muharram 2020: पहली बार नहीं निकला ताजियों का जुलूस, शिया धर्मगुरु ने की अपील
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Muharram 2020: पहली बार नहीं निकला ताजियों का जुलूस, शिया धर्मगुरु ने की अपील
शिया धर्मगुरु ने की अपील

मौलाना कल्बे जवाद (Maulana Kalbe Jawwad) ने कहा कि हमारी सभी लोगों से अपील है की रविवार को मोहर्रम के अशरे के दिन ताजिया ना उठाएं. सड़कों पर किसी भी तरह की भीड़ इकट्ठा न करें.

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लखनऊ. राजधानी लखनऊ (Lucknow) में कोरोना संक्रमण (Corona Epidemic) की वजह से इस बार ताजिया नहीं निकला. इसके साथ ही सड़कों पर किसी भी तरह का कोई जुलूस या मातम नहीं दिखा. असल में हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ताजिया निकालने, मजलिस करने या मातम करने की इजाजत कतई नहीं दी है. शनिवार शाम इस बाबत शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने कौम के लोगों से अपील करते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने ताजिया उठाने की इजाजत नहीं दी है. लिहाजा रविवार को कोई भी ताजिया दफन करने ना जाए.

मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि हमारी सभी लोगों से अपील है की रविवार को मोहर्रम के अशरे के दिन ताजिया ना उठाएं. सड़कों पर किसी भी तरह की भीड़ इकट्ठा न करें और लोग कोर्ट के फैसले का सम्मान करें. मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि हम लगातार कोशिश में लगे हुए हैं के बीच का कोई रास्ता निकल सके. आने वाले वक्त में ताजियों को दफन करने का कोई हल जरूर निकलेगा. फिलहाल लोग अपने घरों में ही ताजिया रखे रहने दें. आपको बता दें इससे पहले राज्य सरकार ने भी किसी भी धार्मिक आयोजन के कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगा रखा था.


मोहर्रम और गणेश चतुर्थी में भी किसी भी कार्यक्रम को करने की मनाही थी. लेकिन मौलाना कल्बे जवाद ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए प्रदर्शन भी किया था. जिसके बाद लोगों को अपने घरों में छोटे ताजिया रखने की अनुमति दे दी गई थी. लेकिन मोहर्रम की 10 तारीख को इन ताजियों को कर्बला में दफनाया जाता है, लेकिन सरकार की तरफ से ताजिया ले जाने की अनुमति नहीं दी गई थी. जिसके बाद तमाम लोग हाईकोर्ट की शरण में भी गए थे. जिसमें ताजिया ले जाने की अनुमति मांगी गई थी. लेकिन हाईकोर्ट ने भी किसी भी तरह की राहत देने से मना कर दिया. जिसके बाद मौलाना कल्बे जवाद लोगों से ताजिया ना निकालने की अपील की है.
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