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Explained: बिजली फ्री करने से UP पर बढ़ जाएगा 23000 करोड़ का बोझ, जानिए कैसे?

UP Election 2022: 'आप' की मुफ्त बिजली के वादे पर जानकारों की राय जुदा है.  (File photo)

UP Election 2022: 'आप' की मुफ्त बिजली के वादे पर जानकारों की राय जुदा है. (File photo)

आपके लिए इसका मतलब: उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा कहते हैं कि मुफ्त बिजली के एलान का जब अध्ययन किया तो पाया कि ये राज्य सरकार पर और बोझ बढ़ाने वाला है, दूसरा ये विकल्प दूरगामी भी नहीं है.

  • News18Hindi
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    लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Elections-2022) में बिजली एक बड़ा मुद्दा बनने जा रही है. सभी पार्टिंयां इसे लेकर रणनीति बनाने में जुटी हैं. इस बीच आम आदमी पार्टी (Aam Admi Party) ने चुनावी वायदे के दौर पर मुफ्त बिजली का ऑफर पेश कर दिया है. AAP ने 300 यूनिट तक घरेलू उपभोक्ताओं के लिए और किसानों को मुफ्त बिजली (Free Electricity) देने का एलान किया है. आम आदमी पार्टी के इस एलान पर जानकारों का मानना है कि इससे प्रदेश पर करीब 23 हजार करोड़ से ज्यादा का अतिरिक्त वित्तीय भार बढ़ जाएगा.

    उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा कहते हैं कि उन्होंने मुफ्त बिजली के एलान का जब अध्ययन किया तो पाया कि एक तो ये राज्य सरकार पर और बोझ बढ़ाने वाला है, दूसरा ये विकल्प दूरगामी भी नहीं है. यानी सरकार इसे एक निश्चित समय तक ही दे सकती है.

    अवधेश वर्मा आगे कहते हैं कि फ्री बिजली देने का मतलब सीधा सा है कि सरकार उसके एवज में सब्सिडी बढ़ाये.

    वर्ष 2021-22 के आकड़ों पर गौर करें तो यूपी में लगभग 2 करोड़ 75 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं. इनसे जिनसे कुल राजस्व लगभग 26,741 करोड़ आता है. इस समय सरकार द्वारा कुल घोषित सब्सिडी लगभग 11 हजार करोड़ है. अगर 300 यूनिट तक घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली मुफ्त कर दी जाए तो उपभोक्ताओं की कुल संख्या लगभग 2 करोड़ 43 लाख के करीब होगी. उनसे वर्तमान में जो राजस्व अनुमोदित है, वह लगभग 21186 करोड़ है. यानी फ्री बिजली देना है तो लगभग 21182 करोड़ की अतिरिक्त सब्सिडी देनी होगी.

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    इसी तरह किसानों को मुफ्त बिजली देने की जहां तक बात है तो प्रदेश में ऐसे किसानों की कुल संख्या लगभग 13 लाख है. उनका कुल अनुमोदित राजस्व लगभग 1845 करोड़ है. यानी किसानों की बिजली फ्री करने के लिए अतिरिक्त लगभग 2000 करोड़ की सब्सिडी सरकार को देना होगा.

    जाहिर है सरकार को बिजली मुफ्त करने के लिए करीब 23 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा अतिरिक्त भार झेलना होगा. ऐसे में इसकी भरपाई वह कहां से करेगी? जाहिर सी बात है घूम फिरकर दबाव उपभोक्ता पर ही आ जाएगा.

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