योगी सरकार को तगड़ा झटका, विधान परिषद में UPCOCA बिल का प्रस्ताव गिरा

इससे पहले दिसंबर में उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष की गैरमौजूदगी के बीच यूपीकोका पास हुआ था.

News18Hindi
Updated: March 13, 2018, 8:45 PM IST
योगी सरकार को तगड़ा झटका, विधान परिषद में UPCOCA बिल का प्रस्ताव गिरा
उत्तर प्रदेश विधानसभा
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Updated: March 13, 2018, 8:45 PM IST
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को मंगलवार को तगड़ा झटका लगा. उसके उत्तर प्रदेश कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट यानी यूपीकोका का प्रस्ताव विधानपरिषद में गिर गया. विपक्ष के भारी हंगामे और संख्या में सत्ता पक्ष से ज्यादा होने के कारण बिल पास नहीं हो सका. अब यूपीकोका बिल को फिर से विधानसभा में पास होने के लिए भेजा जाएगा. इसके साथ ही सहकारिता संशोधन विधेयक भी पास नहीं हो सका.

इससे पहले दिसंबर में उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष की गैरमौजूदगी के बीच उत्तर प्रदेश कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट यानी यूपीकोका पास हुआ था. इस बिल पर सदन में चर्चा हुई. जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बिल को उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ाने और कानून व्यवस्था का माहौल दुरुस्त करने में अहम योगदान देने वाला बताया.

साथ ही सीएम ने विपक्षी नेताओं को आश्वस्त भी किया कि इस विधेयक का इस्तेमाल राजनीतिक हितों को साधने के लिए नहीं किया जाएगा. उन्होंने सभी से इस बिल का समर्थन करने की अपील की. लेकिन इसके बाद विपक्ष ने इस बिल पर कड़े सवाल उठाते हुए इसे काला कानून करार दिया. विपक्ष ने बिल के संबंध में संशोधन भी दिए, जिसे खारिज कर दिया गया. इसके विरोध में विपक्ष ने वॉक आउट किया. वहीं यूपी सरकार के मंत्री और प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा कि यूपीकोका का विपक्ष ने साम्प्रदायिकरण किया. अपराधियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता.

बता दें, सपा के नेता राम गोविंद चौधरी ने आरोप लगाया था कि ये बिल विशेष रूप से अल्पसंख्यकों को डराने के लिए है. मुसलमान पोलिंग करने न जा पाए इसलिए यूपीकोका लाया जा रहा है. इसके अलावा कांग्रेस और बसपा ने भी इस बिल के विरोध में कहा कि इसका इस्तेमाल जनता की समस्याओं के लिए सड़कों पर उतरने वालों पर किया जाएगा.
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