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UPPCL का PF घोटाला: डीएचएफएल में फंसे पैसे की जांच कर रही EOW की कार्रवाई पर उठे सवाल
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News18 Uttar Pradesh
Updated: February 15, 2020, 1:38 PM IST
UPPCL का PF घोटाला: डीएचएफएल में फंसे पैसे की जांच कर रही EOW की कार्रवाई पर उठे सवाल
यूपीपीसीएल पीएफ घोटाले की जांच कर रही ईओडब्ल्यू की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हें.

करीब साढे़ 3 माह बीत जाने के बाद भी मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा ने अब तक DHFL प्रबंधन से जुड़े किसी शख्स के खिलाफ कार्रवाई तो दूर, पूछताछ तक करना जरूरी नहीं समझा है.

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लखनऊ. बीते दिनों उत्तर प्रदेश के यूपी पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) कर्मियों का करीब 2268 करोड़ का प्रॉविडेंट फंड (PF) दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) कंपनी में फंस जाने के चलते हडकंप मच गया था. एक ओर जहां इसके बाद सरकार की भूमिका पर सवाल उठने लगे तो वहीं दूसरी ओर नाराज बिजली कर्मचारियो नें भी सरकार के खिलाफ धरना-प्रर्दशन शुरू कर मोर्चा खोल दिया था. इस बीच सीएम योगी के निर्देश पर इसके जिम्मेदारों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर यूपीपीसीएल के पूर्व एमडी एपी मिश्रा समेत कई लोगो को जेल भेज दिया गया. मामले में सीबीआई जांच की भी संस्तुति करते हुए जांच शुरू होने तक आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को जांच सौंपकर इसमें शामिल अन्य लोगो के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये गये थे.

लेकिन करीब साढे़ 3 माह बीत जाने के बाद भी DHFL मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा ने अब तक DHFL प्रबंधन से जुड़े किसी शख्स के खिलाफ कार्रवाई तो दूर, पूछताछ तक करना जरूरी नहीं समझा है. जबकि प्रर्वतन निदेशालय (ED) DHFL के CMD कपिल वाधवन के खिलाफ बीती जनवरी में ही मनी लाँड्रिंग का केस दर्ज कर चुका है. यही नहीं कपिल वाधवन को गिरफ्तार कर लगातार उनसे पूछताछ भी कर रहा है.

कंपनी के सीएमडी से ईडी कर रही पूछताछ ईओडब्ल्यू क्यों नहीं?- अवधेश कुमार
न्यूज 18 से बात करते हुए उत्तर प्रदेश पावर आफिसर्स एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा कहते हैं कि सबसे बड़ी चिंता आज भी DHFL में UPPCL कर्मियों के PF का 2268 करोड़ रूपये फंसा होना है. एक ओर ईडी तो मनी लांड्रिग का केस दर्ज कर DHFL के CMD कपिल वाधवन को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ कर रही है. लेकिन ईओडब्ल्यू ने आज तक DHFL प्रबंधन से जुड़े किसी शख्स से पूछताछ तक नही की. उसे भी जुड़े लोगों से पूछताछ कर इस बात का खुलासा करना चाहिए कि आखिर उनकी किससे साठगांठ हुई और किस आधार पर यूपीपीसएल से डीएचएफएल में इतना बडा निवेश कराया गया.

ईओडब्ल्यू को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए: अवधेश कुमार
अवधेश कुमार वर्मा आगे बोलते हुए कहते हैं कि ये एक गंभीर मामला है. ईओडब्ल्यू को पारदर्शी तरीके से काम करते हुए स्थिति स्पष्ट करना चाहिए. जिससे यूपीपीसीएल कार्मिकों के मन की दुविधा को दूर किया जा सके. उन्होंने मांग की कि सीएम योगी को इस मामले में दखल देकर इस घोटाले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए. ताकि इस घोटाले में शामिल हर एक अधिकारी के साथ DHFL जैसी कंपनियों के भी छोटे से बड़े अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करवाकर इस मामले का खुलासा करवाना चाहिए.

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First published: February 15, 2020, 1:38 PM IST
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