कोई ब्राह्मण या पिछड़ी जाति से हो सकता है यूपी बीजेपी का नया प्रदेश अध्यक्ष

News18 Uttar Pradesh
Updated: May 31, 2019, 12:20 PM IST
कोई ब्राह्मण या पिछड़ी जाति से हो सकता है यूपी बीजेपी का नया प्रदेश अध्यक्ष
सीएम योगी आदित्यनाथ (File Photo)

दरअसल बीजेपी में एक व्यक्ति, एक पद का सिद्धांत लागू है, लिहाजा कैबिनेट मंत्री की शपथ लेने के बाद महेंद्रनाथ पांडेय को अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना होगा.

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डॉ महेंद्रनाथ पांडेय के मोदी कैबिनेट में शामिल होने के बाद अब यूपी बीजेपी को नया अध्यक्ष मिलना तय है. यूपी बीजेपी का नया अध्यक्ष कौन होगा यह अभी तो कहना मुश्किल है, लेकिन कई नामों को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है. यह भी कहा जा रहा है कि मौजूदा पदाधिकारियों में से किसी को प्रदेश का नेतृव सौंपने की बजाय किसी नए चेहरे को जिम्मेदारी दी जा सकती है.

दरअसल बीजेपी में एक व्यक्ति, एक पद का सिद्धांत लागू है, लिहाजा कैबिनेट मंत्री की शपथ लेने के बाद महेंद्रनाथ पांडेय को अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना होगा. इसी तरह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी मंत्री बने हैं, लिहाजा राष्ट्रीय स्तर पर भी बीजेपी में बदलाव होंगे. बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए जेपी नड्डा और भूपेंद्र यादव का नाम सबसे आगे है.

ब्राह्मण या पिछड़े को मिल सकता है मौका

ऐसा माना जा रहा है कि प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के पद पर किसी ब्राह्मण या पिछड़े को मौका मिल सकता है. साथ हिज बात की भी चर्चा है कि पश्चिम यूपी में जातिगत समीकरण और अपने जमीन को और मजबूत करने के उद्देश्य से बीजेपी यहां के किसी चेहरे को मौका दे सकती है. इसकी वजह यह भी है कि पश्चिम यूपी में बीजेपी को गठबंधन के हाथों कई सहारनपुर, बिजनौर, नगीना, मुरादाबाद, अमरोहा और संभल जैसी सीट गंवानी पड़ी है.

हालांकि अध्यक्ष पद की दौड़ में डॉ महेश शर्मा का नाम भी लिया जा रहा है. वह पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं और इस बार उन्हें मोदी कैबिनेट में जगह नहीं मिली है. साथ ही वह एक ब्राह्मण चेहरा भी है. इसके अलावा एक नाम और भी जो चर्चा में हैं. गाजीपुर से चुनाव हारने वाले मनोज सिन्हा. कयास लगाए जा रहे थे कि हार के बावजूद वे मोदी कैबिनेट में मंत्री होंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उन्हें भी संगठन की जिम्मेदारी मिल सकती है.

योगी सरकार के कुछ चेहरों को संगठन में भेजा जा सकता है

इनके अलावा 2022 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी किसी बड़े पिछड़े नेता पर भी दांव लगा सकती है. वो चेहरा कौन होगा इसका पता तो समय आने पर ही चलेगा, क्योंकि मोदी और अमित शाह की बीजेपी में सभी फैसले काफी गोपनीय तरीके से लिए जाते हैं.
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विशेषज्ञों की मानें तो योगी मंत्रिमंडल में विस्तार के बाद ही कुछ अंदाजा लगाया जा सकता है. क्योंकि योगी मंत्रिमंडल के पहले विस्तार में पार्टी कई जातिगत समीकरणों को साधने की कोशिश करेगी. किसे कितना नेतृत्व मिला उसी आधार पर अध्यक्ष और संगठन में भी बदलाव किया जाएगा. प्रदेश सरकार से कुछ चेहरों को सत्ता से हटाकर संगठन में भेजा जा सकता है.

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First published: May 31, 2019, 11:59 AM IST
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