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रायबरेली ट्रेन हादसा: यूपी में 4 साल में 13 हादसे, 250 से ज्यादा की गई जान

रायबरेली हादसे की तस्वीर
रायबरेली हादसे की तस्वीर

बीते चार साल की ही बात कर लें तो 13 प्रमुख हादसे रेलवे यूपी में ही झेल चुका है. इसमें 250 से ज्‍यादा लोगों की मौत हो गई. ज्यादातर हादसों की वजह ट्रेन का पटरी से उतरना रहा, तो कई जगह मानवीय गलतियां भी सामने आईं.

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उत्तर प्रदेश में रायबरेली के हरचंदपुर स्टेशन के पास न्यू फरक्का एक्सप्रेस की 5 बोगियां बुधवार तड़के पटरी से उतर गईं. हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत और 35 लोगों की घायल होने की सूचना है. हादसे को लेकर राहत-बचाव कार्य जोरों पर है. उधर इस घटना ने एक बार फिर ​उत्तर प्रदेश में रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. बीते चार साल की ही बात कर लें तो 13 प्रमुख हादसे रेलवे यूपी में ही झेल चुका है. इसमें 250 से जयादा लोगों की मौत हो गई. ज्यादातर हादसों की वजह ट्रेन का पटरी से उतरना रहा, तो कई जगह मानवीय गलतियां भी सामने आईं.

यूपी में अब तक हुए प्रमुख रेल हादसे
13 मई 2018 को पटना से चलकर फैजाबाद के रास्ते लखनऊ आ रही पटना-कोटा एक्सप्रेस (13237) देर रात बाराबंकी के पटरंगा रेलवे स्टेशन के निकट पटरी से उतर गई. बताया जा रहा है कि बाराबंकी के पहले दरियाबाद स्टेशन के पास आंधी के कारण एक शीशम का पेड़ अचानक इंजन पर आकर गिर गया था. इसके चलते इंजन के दो पहिए ट्रैक से उतर गए.

अप्रैल 2018 में उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में दर्दनाक हादसे में 13 स्कूली बच्चों की मौत हो गई. इस हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. कुशीनगर हादसे ने रेलवे क्रॉसिंग को लेकर एक बार फिर कई सवाल खड़े किए.
नवंबर 2017 में 12471 वास्कोडिगामा एक्सप्रेस चित्रकूट जिले के मानिकपुर के पास बेपटरी हो गई. इस हादसे में ट्रेन के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए. हादसे में तीन लोगों के मारे गए.



6 सितंबर 2017 को हावड़ा-जबलपुर शक्तिपुंज एक्‍सप्रेस ट्रेन पटरी से उतर गई है. ट्रेन के सात डिब्‍बे बेपटरी हो गए. हादसा उत्‍तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के ओबरा के पास छपराकुंड स्‍टेशन के करीब हुआ. हादसे में कई लोग घायल हो गए.

23 अगस्त 2017 को कानपुर और इटावा के बीच औरैया जिले में एक और रेल दुर्घटना हुई थी. आजमगढ़ से दिल्ली आ रही 12225 (अप) कैफियत एक्सप्रेस औरैया के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई. मानव रहित फाटक पर देर रात ट्रेन एक डंपर से टकरा गई. इस हादसे में ट्रेन के इंजन सहित 10 डिब्बे पटरी से उतर गए. घटना में 21 लोग घायल हुए.

इससे पहले 19 अगस्त 2017 को मुजफ्फरनगर के खतौली में 18477 पुरी-उत्कल एक्सप्रेस के हादसे में 23 लोगों की जान चली गई, जबकि 150 से ज्यादा जख्मी हुए. दुर्घटना इतनी भयावह थी कि पटरी से उतरे 13 कोच एक-दूसरे पर जा चढ़े थे.

इससे पहले यूपी के महोबा में 30 मार्च 2017 को महाकौशल एक्सप्रेस पटरी से उतरी थी. हादसे में 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे.

15 अप्रैल 2017 को मेरठ-लखनऊ राज्यरानी एक्सप्रेस के 8 डिब्बे रामपुर के पास पटरी से उतरे. करीब 10 लोग घायल हुए थे.

इससे पहले 20 नवंबर 2016 को कानपुर देहात के पास इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन पटरी से उतर गई थी. हादसे में करीब 150 लोगों की जान चली गई थी. इस हादसे के पीछे साजिश की जांच भी जारी है.

28 दिसबंर 2016 को कानपुर के रूरा रेलवे स्टेशन के पास सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी. हादसे में सौ से ज्यादा यात्री घायल हुए थे.

20 मार्च 2015 को रायबरेली के बछरांवा के पास जनता एक्‍सप्रेस (14266) के कई डिब्‍बे पटरी से उतर गए थे, इस हादसे में 32 लोगों की मौत हो गई थी और 150 से अधिक लोग जख्‍मी हुए थे.

26 मई 2014 को उत्तर प्रदेश के संतकबीर नगर में गोरखधाम एक्सप्रेस ने एक खड़ी मालगाड़ी में टक्कर मार दी थी. इस हादसे में तकरीबन दो दर्जन लोग मारे गए थे.

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