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सोनिया गांधी और प्रियंका के रायबरेली दौरे से कांग्रेस MLA अदिति सिंह क्यों रहीं किनारे, जानिए वजह
Rae-Bareli News in Hindi

Ajeet Singh | News18 Uttar Pradesh
Updated: January 22, 2020, 7:46 PM IST
सोनिया गांधी और प्रियंका के रायबरेली दौरे से कांग्रेस MLA अदिति सिंह क्यों रहीं किनारे, जानिए वजह
सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी के रायबरेली दौरे पर भी नहीं दिखीं कांग्रेस विधायक अदिति सिंह. (फाइल फोटो)

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) रायबरेली के दौरे पर पहुंचीं, मगर पार्टी के कार्यक्रम में यहां की स्थानीय विधायक अदिति सिंह (Aditi Singh) की गैरमौजूदगी से चर्चाओं का बाजार गर्म.

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लखनऊ. कांग्रेस (Congress) पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) अपनी बेटी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi Vadra) के साथ बुधवार को रायबरेली (Raibareli) पहुंचीं, जहां राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट के गेस्ट हाउस में पहले चरण में पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कांग्रेस पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग 37 जिलों को शामिल किया गया है. इस कार्यक्रम में 70 जिला और शहर अध्यक्ष शामिल हुए हैं. लेकिन इन सबसे अलग यहां दिलचस्प बात ये है कि कांग्रेस की सदर विधायक अदिति सिंह (Aditi Singh) ने पार्टी अध्यक्ष और महासचिव के कार्यक्रम से या दूसरे शब्दों में कहें तो कांग्रेस से ही दूरी बना रखी है. इसको लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है.

कई महीनों से दिखा रहीं विरोधी तेवर
विधानसभा सत्र में पिछले साल 2 अक्टूबर को भाजपा के पक्ष में बोल कर कांग्रेस की किरकिरी करा चुकीं अदिति सिंह से यूं तो हाईकमान पहले से ही नाराज था, लेकिन पिछले दो बड़े दौरों के बाद अदिति की गैर-मौजूदगी ने इस पर चर्चाओं का बाजार और गर्म कर दिया है. फिलहाल प्रदेश सरकार के प्रति मौन समर्थन के बाद अदिति की सुरक्षा भी बढ़ाकर वाई श्रेणी की कर दी गई थी. सूत्रों के अनुसार अदिति ने भी लगातार भाजपा नेताओं से संपर्क साध रखा है. अदिति के मामले में हालांकि अभी कांग्रेस पार्टी का कोई पदाधिकारी आधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. लेकिन सब कह रहे हैं उन्हें खुद पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है.

भाजपा के तारीफ करने से कांग्रेस नाराज



अदिति सिंह के पिता अखिलेश सिंह की दिसंबर 2019 में मृत्यु हो गई थी. इस पर सूबे के मुखिया ने शोक जताते हुए कांग्रेस विधायक की तारीफ की थी. यह कांग्रेस पार्टी को नागवार गुजरा था. इसके बाद रायबरेली सदर सीट पर विधायक अदिति से कांग्रेस की नाराजगी उस समय और स्पष्ट हो गई, जब बीते 19 जनवरी को सपा विधायक मनोज पांडे के कार्यक्रम में सोनिया गांधी के प्रतिनिधि किशोरी लाल शर्मा पहुंचे और सदर विधायक के रूप में लोगों ने मनोज पांडे के पक्ष में नारे लगाए. ये गलबहियां यहीं नहीं रुकी. 2 दिन में आधा दर्जन से अधिक जनसभाओं में सपा और कांग्रेस नेताओं का मंच साझा करना जारी रहा.

पार्टी छोड़ने पर हो सकता है संकट
कांग्रेस पार्टी एक तरफ जहां विधायक अदिति सिंह की लगातार अनदेखी कर रही है, वहीं दूसरी ओर उनके ही चचेरे भाई और पूर्व सांसद अशोक सिंह के बेटे को आगे बढ़ाने की कोशिशें भी जारी हैं. पिछले दिनों ही अशोक सिंह के बेटे को कांग्रेस जॉइन करवाया गया है. सियासी गलियारे में कांग्रेस के इस कदम को अदिति सिंह का कद कम किए जाने की कवायद माना गया. साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि उन्हें पार्टी छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है. दरअसल, अदिति सिंह अगर खुद ही कांग्रेस पार्टी छोड़ती हैं, तो ऐसे में उनकी विधानसभा सदस्यता जा सकती है.

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First published: January 22, 2020, 7:08 PM IST
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