वेदांती बोले- जहां पर रामलला विराजमान, वही मंदिर की भूमि

पूर्व सांसद डॉ रामविलास वेदांती ने कहा कि जिस जमीन को लेकर विवाद चल रहा है, वहां पर मंदिर के चिन्ह पहले मिल चुके है, उस स्थान पर मस्जिद का कोई प्रमाण नहीं मिला है. वेदांती कहते हैं कि अदालत ने वाल्मीकि रामायण का प्रमाण मानने की बात कही थी.

Kumari ranjana | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 12, 2019, 5:04 PM IST
वेदांती बोले- जहां पर रामलला विराजमान, वही मंदिर की भूमि
जहां पर रामलला विराजमान, वही मंदिर की भूमि
Kumari ranjana | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 12, 2019, 5:04 PM IST
राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य और पूर्व सांसद डॉ रामविलास वेदांती ने बहुत बड़ा दावा किया है. लखनऊ में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि 200 सालों से निर्मोही अखाड़ा का कब्जा है. डॉ रामविलास वेदांती ने कहा कि जहां रामलला विराजमान है. वहां मंदिर के नीचे अष्टदल शिव मंदिर बना है इसका प्रमाण नासा ने दिया है. यानी जहां पर रामलला विराजमान है वही मंदिर की भूमि है.

पूर्व सांसद डॉ रामविलास वेदांती ने कहा कि जिस जमीन को लेकर विवाद चल रहा है, वहां पर मंदिर के चिन्ह पहले मिल चुके है, उस स्थान पर मस्जिद का कोई प्रमाण नहीं मिला है. वेदांती कहते हैं कि अदालत ने वाल्मीकि रामायण का प्रमाण मानने की बात कही थी. रामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य ने दावा करते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए काफी दिनों से प्रयास हो रहा. उन्होंने कहा कि 1528 बाबर ने मंदिर तोड़कर एक गुंबद तैयार करवाया था. वहीं बाबर का सिपहसालार मीरबाकी मंदिर तुड़वाकर मस्जिद का निर्माण करवाया लेकिन बन नहीं पाई.



इससे पहले अयोध्या के संत सम्मेलन में वेदांती ने कहा कि, “उनकी तपस्या पूर्ण हो गई है. राम मंदिर न तो अध्यादेश से बनेगा और न ही कानून से, राम मंदिर आपसी समझौते से बनेगा और पूरी दुनिया इस समझौते को मानेगी. राम मंदिर का निर्माण मोदी जी और योगी जी के हाथों ही होगा.”

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