...तो इस वजह से नीरज शेखर का इस्तीफा सपा के लिए है बड़ा झटका

नीरज शेखर का इस्तीफा समाजवादी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है. उनके इस्तीफे से सपा का राज्यसभा में संख्या बल कम हुआ ही है, वहीं अहम क्षत्रिय चेहरे को भी खो दिया है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 16, 2019, 2:53 PM IST
...तो इस वजह से नीरज शेखर का इस्तीफा सपा के लिए है बड़ा झटका
नीरज शेखर की फाइल फोटो
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Updated: July 16, 2019, 2:53 PM IST
लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद समाजवादी पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है. सपा के प्रमुख क्षत्रिय चेहरे और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर ने राज्यसभा के साथ-साथ पार्टी भी छोड़ दी है. कहा जा रहा है कि वे मंगलवार को बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. इस्तीफे के बाद नीरज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर चुके हैं.

दरअसल, नीरज शेखर का इस्तीफा समाजवादी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है. उनके इस्तीफे से सपा का राज्यसभा में संख्या बल कम हुआ ही है. वहीं, अहम क्षत्रिय चेहरे को भी खो दिया है. कहा जा रहा है कि नीरज शेखर के इस्तीफे की पटकथा लोकसभा चुनाव के दौरान ही लिखी जा चुकी थी. नीरज शेखर लोकसभा का टिकट न मिलने से नाराज थे. वे चाहते थे कि अपने पिता की विरासत को सहेजा जाए, लेकिन अखिलेश यादव ने एन वक्त पर उनकी पत्नी सुमन शेखर की जगह सनातन पांडेय को मैदान में उतार दिया. नीरज शेखर की नाराजगी का खामियाजा सपा को लोकसभा चुनाव में भी देखने को मिला. अखिलेश की बलिया रैली में नीरज शामिल नहीं हुए. इतना ही नहीं पूरे चुनाव प्रचार से वे दूरी बनाए रखा.

सपा ने बताया सामान्‍य बात

सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो रामगोपाल यादव की फाइल फोटो


उधर, नीरज शेखर के पार्टी छोड़ने पर सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो रामगोपाल यादव ने कहा है कि इसमें कुछ भी नया नहीं है. पार्टी है कुछ लोग छोड़ते हैं तो कुछ लोग आते हैं. उन्होंने कहा कि आज गुरु पूर्णिमा है, मैं जीवन भर अध्यापक रहा हूं तो गुरु पूर्णिमा के दिन नीरज शेखर को सिर्फ आशीर्वाद दे सकता हूं और मेरी कामना है कि वह जहां रहे सुखी रहे और उनका पॉलिटिकल करियर भी ठीक रहे.

ये है नीरज का पॉलिटिकल सफर

2007 में पिता चंद्रशेखर की मौत के बाद हुए उपचुनाव में जीत दर्ज कर वे पहली बार सांसद पहुंचे. वे 2009 के लोकसभा चुनाव फिर जीते और लोकसभा पहुंचे, लेकिन 2014 के मोदी लहर में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद सपा ने उन्हें राज्य सभा भेज दिया. वर्ष 2019 में एक बार फिर वे लोकसभा चुनाव लड़कर पिता की विरासत को सहेजना चाहते थे, लेकिन पार्टी अध्यक्ष ने राज्य सभा सदस्य का हावाला देते हुए टिकट नहीं दिया. तभी से नीरज शेखर नाराज चल रहे थे. बात यह भी आई कि टिकट न मिलने से नाराज नीरज के समर्थकों ने चुनाव में बीजेपी के लिए प्रचार किया.
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First published: July 16, 2019, 2:40 PM IST
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